स्मृति शेष रामचरण सोनी, पूर्व नपाध्यक्ष चांपा को श्रद्धांजलि अर्पित करने राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत पहुंचे और पुष्पांजलि देकर सोनी परिवार को ढांढस बंधाया ।
जांजगीर-चांपा
जीवात्मा ईश्वर का अंश हैं और यह मानवीय आत्मा अविनाशी, जन्म-मृत्यु से परे और शुद्ध चैतन्य का हैं ,यह कहना हैं महामंडलेश्वर,राजेश्री डॉ रामसुंदर दास जी महाराज का । वे स्मृति शेष रामचरण सोनी के स्वर्गारोहण पश्चात् सोनी कालोनी चांपा में निवास करने वाले शशिभूषण सोनी के यहां श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि जब सूक्ष्म शरीर स्थूल शरीर को ग्रहण करता हैं, तब मनुष्य का जन्म होता हैं और स्थूल शरीर से पृथक होते ही मृत्यु हो जाती हैं । इस दृष्टिकोण से शरीर की मृत्यु होती हैं लेकिन जीवात्मा ज्यों की त्यों ही बनी रहती हैं । इस अवसर पर आयोजित आदरांजलि सभा को पंडित दिनेश कुमार दुबे, हेमंत सराफ ने भी संबोधित किया । निराला साहित्य मंडल चांपा के प्रधान सचिव डॉ रविन्द्र द्विवेदी जी के संचालन करते हुए कहा कि राजेश्री डां रामसुंदर दास महाराज के उद्गार हमें जीवात्मा की अविनाशी और शुद्ध चैतन्य प्रकृति के बारे में गूढ़ रहस्यों को उजागर कर रहस्योद्घाटन किया । उन्होने रामचरण सोनी को कर्मशील बताते हुए कहा कि रामचरण सोनी जी एक निष्ठावान और समर्पित समाजसेवक के साथ जमीन से जुड़े हुए कार्यकर्ता थे, हमेशा पार्टी के बारे में ही सोचते हुए नगरपालिका अध्यक्ष जैसे पद को सुशोभित किए । वे नगर ही नहीं बल्कि अविभाजित बिलासपुर जिला में होने वाले सामाजिक, धार्मिक और राजनैतिक कार्यक्रमों में निरंतर सक्रिय रहने वाले रामचरण जी की एक व्यापक जनाधार नेता की छवि थी। अंत में उन्होंने समझाते हुए यह भी कहा कि शरीर की मृत्यु के बाद भी जीवात्मा का अस्तित्व बना रहता हैं।
इसके पूर्व परम-पूज्य महा मंडलेश्वर राजेश्री डॉ रामसुंदर दास महंत का आगमन परशुराम मार्ग स्थित सोनी कालोनी चांपा में हुआ। जहां हेमंत सराफ, रामगोपाल गौरहा, विवेक तिवारी, राजकुमार सोनी, विकास तिवारी, डॉ रविन्द्र द्विवेदी, डॉ शांति स्वर्णकार, देवेन्द्र शर्मा, मनोज मित्तल, अनिल कुमार सोनी,शशिभूषण सोनी, श्रीमति शशिप्रभा सोनी और आलोक कुमार सोनी ने उनका स्वागत पादुका पूजन, कौशेय वस्त्र और श्रीफल भेंटकर किया । इस अवसर पर भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे, पंड़ित नीलमणि गौरहा, पं रामगोपाल गौरहा और पं निर्मल दास वैष्णव की उपस्थिति में पूज्य विद्वजनों का उद्बोधन हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धेय रामचरण सोनी की पावन स्मृति में किया गया था, जिसमें डां रविन्द्र द्विवेदी जी ने शुरू से अंत तक सफल संचालन करके लोगों को बांधे। कार्यक्रम में सोनी की स्मृतियां में आदरांजलि और भावांजलि अर्पित की गई और आरती के बाद स्वल्पाहार के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
कार्यक्रम की विशेषताएं।
परम-पूज्य महा मंडलेश्वर का एक-दिवसीय आगमन - परशुराम मार्ग स्थित सोनी कालोनी चांपा में आगमन हुआ।
स्वागत सत्कार - पादुका पूजन, कौशेय वस्त्र और श्रीफल भेंटकर किया गया।
पूज्य विद्वजनों का माल्यार्पण से स्वागत और उद्बोधन - भागवताचार्य पंडित दिनेश कुमार दुबे, पंड़ित नीलमणि गौरहा, पं रामगोपाल गौरहा, और पं निर्मल दास वैष्णव की उपस्थिति में हुआ।
कार्यक्रम का आयोजन - पूर्व नपाध्यक्ष चांपा श्रद्धेय रामचरण सोनी की पावन स्मृति में उनके ज्येष्ठ पुत्र शशिभूषण सोनी ने अपने कृष्ण कृपा आवास में किया ।
कार्यक्रम का सफल संचालन : शिक्षक और साहित्यकार डॉ रविन्द्र कुमार द्विवेदी जी ने किया।
ज्ञातव्य है कि 93 वर्ष की आयु में रामचरण सोनी का कोरबा में दिनांक 09 मई 2025 को निधन हो गया था। उनके निधन के पश्चात् शशिभूषण सोनी ने अपने निवास स्थान पर पुष्पांजलि कार्यक्रम रखा था उन्होंने इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में शामिल होने अंतिम प्रणाम निवेदित किया। यह आयोजन श्रद्धांजलि अर्पित करने और उनके कार्यों को स्मरण करने का आयोजन था, जिसमें परम-पूज्य महा मंडलेश्वर राजेश्री डॉ राम सुंदर महंत का आगमन और पूज्य विद्वजनों का दिव्य और सारगर्भित उद्बोधन हुआ ।