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मत्स्य पालन से आर्थिक समृद्धि की ओर श्रीराम मछुआ सहकारी समिति मछली पालन से हो रह सालान 2.50 लाख से अधिक की आमदनी

इमरान खोखर ब्यूरो चीफ 
मुंगेली । जिले के पथरिया विकासखंड अंतर्गत ग्राम कपुआ में स्थित श्रीराम मछुआ सहकारी समिति मर्यादित, चंद्रगढ़ी मत्स्य पालन से आर्थिक समृद्धि की ओर बढ़ रहा है। समिति के सदस्यों ने संगठित प्रयास, वैज्ञानिक प्रबंधन और शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के माध्यम से मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय में परिवर्तित कर क्षेत्र में एक नई पहचान स्थापित की है। श्रीराम मछुआ सहकारी समिति के सदस्यों ने मत्स्य पालन को व्यवसायिक स्वरूप देते हुए उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि की और सालाना 2.50 लाख रूपए से अधिक की आय अर्जित कर रहे हैं। किसानों की सुविधा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने हेतु 10 सदस्यों के किसान क्रेडिट कार्ड स्वीकृत कराए गए, जिससे पूंजी की उपलब्धता आसान हुई और उत्पादन लागत में कमी आई। समिति के सदस्यों को 10 दिवसीय मत्स्य प्रशिक्षण कार्यक्रम के माध्यम से तकनीकी जानकारी भी प्रदान की गई। बेहतर बीज प्रबंधन, संतुलित आहार व्यवस्था, समयबद्ध जाल संचालन और बाजार से सीधे जुड़ाव ने उत्पादन में वृद्धि हुई। इसका परिणाम यह रहा कि समिति ने 1.50 लाख की शुद्ध आय अर्जित की, जिससे सदस्यों की आजीविका में स्थायी सुधार हुआ।
      सीमित संसाधनों से शुरू हुई यह समिति आज ग्रामीण आर्थिक सशक्तिकरण की प्रेरक कहानी बन चुकी है। समिति का गठन 26 मई 2022 को हुआ था। प्रारंभिक दौर में पारंपरिक तरीकों और संसाधनों की कमी के कारण आय सीमित थी, लेकिन समिति के 13 सदस्यों ने सामूहिक निर्णय लेकर मत्स्य विभाग के मार्गदर्शन में योजनाबद्ध ढंग से कार्य आरंभ किया। परिणामस्वरूप समिति को टॉर बॉध, दर्री तालाब, मरघट तालाब, पैठू तालाब, डोजर बॉध, पीपरहा तालाब और गोठान तालाब सहित कुल 21.087 हेक्टेयर जल क्षेत्र में मत्स्य पालन का आबंटन प्राप्त हुआ। आज श्रीराम मछुआ सहकारी समिति न केवल आर्थिक रूप से सुदृढ़ है, बल्कि क्षेत्र के अन्य मत्स्य समूहों के लिए रोल मॉडल के रूप में उभरकर सामने आई है। पारम्परिक पेशे को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण और सामूहिक प्रयास से जोड़कर समिति ने यह सिद्ध कर दिया है कि सही मार्गदर्शन और प्रतिबद्धता से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की जा सकती है।

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