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आदर्श ग्राम धनसीर में गौरा गौरी नृत्य करती महिलाएं।

सारंगढ़ बिलाईगढ जिला के अंतर्गत आदर्श ग्राम पंचायत धनसीर में महिलाओं द्वारा पुराने जमाने के गौरा गौरी गीत गाकर साथ में ही नृत्य करती हुई, उन्होंने छत्तीसगढ़ कि अश्मिता को बनाए रखते हुए, गौरा गौरी गीत हमारे पुर्वजों से चलते आ रहा है पौराणिक कथाएं से जुड़ी है गौरा गौरी का अर्थ है शिव पार्वती से है, गौरा गौरी गीत ग्रामीण अंचलों के आदिवासियों के गीत के साथ ही गांव के एकता अखंडता के प्रतिक गांव में इस परंपरा को बनाए रखने में महिलाओं का महत्वपूर्ण योगदान है, महिलाए मिट्टी से गौरा गौरी के रुप में ढाल कर पुजा अर्चना करते हैं, यह गौरा गौरी कि रहस्यमय कथा भी सुनाई जाती है, समस्त ग्रामीण इकठ्ठा होकर चौक चौराहों पर आयोजन किया जाता है, इसलिए गांव में भाईचारे का भाव बना रहता है, गौरा गौरी गीत नया फसल के स्वागत में में गाया जाता है,ताकि आने वाले फसल हरा भरा हो, सभी किसान हरियाली से खुशहाल हो और जीवन में भी इसी तरह रंग बना रहे,

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