राज्य

प्रतिबंधित प्रजाति की लकड़ियों के चिरान पर वन विभाग की कार्यवाही,संडी में सॉ मिल किया सील

गोविंद राम ब्यूरो चीफ
बलौदाबाजार
विगत दिनों राजधानी रायपुर में छत्तीसगढ़ महतारी की मूर्ति खंडित होने की घटना के दौरान अमित बघेल नामक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया एवं सार्वजनिक मंचों पर सिंधी समाज सहित आराध्य इष्टदेव श्री झूलेलाल जी तथा अन्य समाजों के प्रति भी अत्यंत अभद्र, अमर्यादित एवं आपत्तिजनक टिप्पणियों की गई, जो कि निंदनीय है l सिंधी समाज बलौदाबाजार ने कलेक्टर, जिला पुलिस अधीक्षक, थाना प्रभारी सिटी कोतवाली को लिखित में शिकायत पत्र में उल्लेख किया है कि अमित बघेल की अमर्यादित टिप्पणी से पूरे छत्तीसगढ़ में तनाव की स्थिति निर्मित हो गई है l शांत प्रिय छत्तीसगढ़ राज्य सहित हमारे शांत प्रिय धर्म, जाति को उकसाने व आक्रोशित किए जाने का प्रयास कर राज्य, देश में दंगा-फसाद, अराजकता फैलाने का प्रयास किया जा रहा है l जन्म से भारत के रहने वाले भारतीय सिंधी को पाकिस्तानी के नाम से कहा जाना और इष्ट देव जो स्वयं जल देवता वरुण देव के अवतार हैं उन्हें अपमानित करना से साफ प्रतीत होता है कि अमित बघेल देश में हिंसा फैलाकर आमजनों को आपस में लड़ाकर राज करना चाह रहे हैं l समाज के लिए "पाकिस्तानी सिंधी" जैसे शब्दों का प्रयोग करना जो कि समाज की अस्मिता, मान-सम्मान एवं भारतीयता पर सीधा प्रहार है। यह बयान न केवल सांप्रदायिक वैमनस्य फैलाने वाला है, बल्कि भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत दंडनीय अपराध भी है l सिंधी समाज ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए अमित बघेल के विरुद्ध तत्काल अपराध पंजीबद्ध कर गिरफ्तार किए गए की मांग की हैं l ज्ञापन दौरान समाज के मुखिया इंद्रकुमार पंजवानी, अशोक कुमार माधवदास, अशोक कुमार मेघराजमल, चंद्रपाल परसवानी, नरेश गनशानी, अशोक रोहरा, ईश्वर हरिरमानी, सच्चिदानंद गोविंदानी, राजेश देवनानी, दिलीप पंजवानी, राजेश रोहरा, शंकर दुलानी, किशन पंजवानी, अशोक हरिरमानी, राजेश नागदेव, संजय रोहरा, संदीप हबलानी, सागर पंजवानी, हरेश चंदानी,  जितेंद्र थदवानी, कमलेश पुरुषवानी, इंदु हेमनानी, धनराज देवनानी, दीपेश पंजवानी, देवानंद पंजवानी, राजेश गोविन्दनी, सुनील रोहरा, मुकेश परवानी, मनोज दयालानी आदि सैकड़ों संख्या में सिंधी समाज मौजूद रहा l

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