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बिलासपुर-संभाग की फैक्ट्रियों में हादसा

बिलासपुर

बिल्हा में मंगल स्पंज आयरन फैक्ट्री है, जहां ग्राम भैंसबोड़ निवासी मिथिलेश यादव (23) क्रेन ऑपरेटर था। रोज की तरह 29 अक्टूबर 2025 को वह ड्यूटी पर था। रात में शिफ्ट खत्म होने के बाद भी वह ओवरटाइम कर रहा था। इस दौरान किसी काम से जब वह क्रेन से नीचे उतरा, तो उसका पैर सड़ी हुई जाली पर पड़ा और वह सिर के बल नीचे गिर गया। हादसे में उसे गंभीर चोटें आई।

साथी कर्मचारियों ने तुरंत उसे बिलासपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे सिम्स रेफर किया, लेकिन सिम्स पहुंचते तक उसकी मौत हो गई।

दरअसल, संभाग की जितनी भी फैक्ट्री और प्लांट में बड़े हादसे हुए हैं, उसमें सुरक्षा नियमों में लापरवाही सामने आई है। इस हादसे के बाद मजदूरों और उनके परिजनों ने कहा कि यह सुरक्षा में लापरवाही की वजह से हुआ। लेकिन, मृतक परिवार को मुआवजा देकर शांत करा दिया गया।

बिल्हा में हादसे की जानकारी मिलते ही परिजन शव का पीएम कराने के लिए सिम्स अस्पताल पहुंच गए थे। पोस्टमार्टम से पहले ही परिजनों ने 40 लाख रुपए मुआवजे की मांग को लेकर हंगामा शुरू कर दिया। पूरे दिन प्रशासन और परिजन के बीच मान-मनौव्वल चलता रहा।

इस दौरान परिजन 40 लाख रुपए मुआवजे की मांग पर अड़ गए और शव घर ले जाने से इनकार कर दिया। दिनभर कंपनी के चार सुपरवाइजर मुआवजा राशि को लेकर बातचीत करते रहे। देर शाम तहसीलदार टोपलाल सिदार की मौजूदगी में 20 लाख रुपए मुआवजा देने पर सहमति बनी। कंपनी की ओर से एक लाख रुपए तत्काल दिए गए, जिसके बाद परिजन शव लेकर घर लौटे।

डीएसपी डीआर टंडन ने बताया कि प्लांट में हुए हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई है। शव को सीधे सिम्स लाया गया था। इसके चलते बिल्हा पुलिस को जानकारी नहीं लगी। मामले में शून्य अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस और औद्योगिक सुरक्षा विभाग की संयुक्त टीम हादसे की जांच करेगी।

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