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राजपुर एसडीएम पटवारियों पर मेहरबान — एक ही पटवारी के पास तीन हल्का और आरआई का प्रभार

विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़ 

राजपुर - राजस्व अनुभाग राजपुर में अतिरिक्त प्रभार का खेल एक बार फिर चर्चा में है। बीते 10 अक्टूबर को एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान द्वारा जारी किए गए नए पदस्थापना आदेशों ने प्रशासनिक पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं,

जानकारी के अनुसार, राजपुर तहसील और उपतहसील बारियों के तहत कुल 30 हल्का राजस्व अभिलेख में संचालित हैं, किंतु लंबे समय से प्रशासनिक कमी या मनमानी के चलते एक ही पटवारी को कई-कई हल्कों का प्रभार दिया जा रहा है,
नवीन आदेशों में बगल के हल्का पटवारियों को जिम्मेदारी देने के बजाय 15 से 35 किलोमीटर दूर स्थित हल्कों का अतिरिक्त दायित्व सौंपा गया है,

विजय गुप्ता के पास तीन हल्का और आरआई का चार्ज
पटवारी विजय गुप्ता (गोपालपुर मुरका) को नए आदेश में परती बाड़ी और चलगली हल्कों का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है,
इन हल्कों की दूरी आपस में 35 से 40 किलोमीटर बताई जाती है,
विजय गुप्ता के पास पहले से ही एक अतिरिक्त हल्का और राजपुर राजस्व निरीक्षक (आरआई) का प्रभार है,
यानी अब वे तीन हल्का और एक आरआई का जिम्मा एक साथ संभाल रहे हैं,

निलंबित पटवारियों की वापसी पर सवाल
पूर्व में चर्चित भेस्की प्रकरण में निलंबित हुए पटवारी राहुल सिंह को इस आदेश में लाऊ हल्का के साथ पतरापारा का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है, दोनों हल्कों की दूरी लगभग 15 किलोमीटर है,
इसी तरह निलंबित पटवारी रजाउल हसन के हल्के झींगों का दायित्व पहले पटवारी अमित बड़ा के पास था,
नवीन आदेश में दोनों का मैचुल स्थानांतरण करते हुए अमित बड़ा को राजपुर हल्का और रजाउल हसन को झींगों हल्का की जिम्मेदारी दी गई है,

नो वर्क नो पे में चल रहीं भावना सिन्हा को मिला प्रभार
लंबे समय से नो वर्क नो पे में चल रहीं भावना सिन्हा को बारियों उपतहसील अंतर्गत अमडीपारा हल्का का प्रभार सौंपा गया है,
यह निर्णय भी कई कर्मचारियों में चर्चा का विषय बना हुआ है,

नागरिक सुविधा पर असर
राज्य शासन ने कभी आम नागरिकों की सुविधा के लिए छोटे-छोटे हल्कों का गठन किया था ताकि राजस्व और प्रशासनिक कार्यों में तेजी लाई जा सके,
लेकिन वर्तमान पदस्थापना व्यवस्था उस मंशा के विपरीत दिखाई दे रही है,
लंबी दूरी वाले हल्कों के प्रभार से ग्रामीणों को अब भी अपने राजस्व कार्यों के लिए दूर-दराज तक भटकना पड़ सकता है,

एसडीएम का पक्ष
इस संबंध में एसडीएम राजपुर देवेंद्र प्रधान का कहना है —

> “किस पटवारी को कौन सा हल्का देना है, यह प्रशासनिक विवेक का विषय है। अभी पदस्थापना आदेश जारी किया गया है। यदि अतिरिक्त प्रभार से किसी प्रकार की शिकायत आती है, तो परिवर्तन किया जाएगा।”

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