सुश्रुत सम्मान से सम्मानित प्राचार्य डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने किया विंध्यक्षेत्र एवं बालको- कोरबा का नाम रोशन
विंध्याचल के सुविख्यात,जाने-माने प्रसिद्ध आयुर्वेद चिकित्सक डॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ को भोपाल में आयोजित एक समारोह में आचार्य सुश्रुत सम्मान से सम्मानित किया गयाl
ज्ञात हो कि डॉक्टर दीपक कुलश्रेष्ठ मध्य प्रदेश रीवा आयुर्वेद कॉलेज के प्राचार्य हैं l
प्राप्त समाचार के अनुसार एल .एन. सी .टी . यूनिवर्सिटी भोपाल द्वारा 7 सितंबर 2025 को आचार्य सुश्रुत पुरस्कार की घोषणा की गईl मध्य प्रदेश के पाँच आयुर्वेद चिकित्सकों को यह पुरस्कार उनके क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया गया l
आचार्य सुश्रुत द्वारा सुश्रुत संहिता की स्थापना आज से लगभग 3000 वर्ष पूर्व की गई थी जिसमें शल्य तंत्र (सर्जरी ) ,शल्य तंत्र से संबंधित अनेक शल्यकर्मों का उल्लेख किया गया है साथ ही शल्य तंत्र में उपयोग किए जाने वाले 200 से ज्यादा शल्य यंत्रों का उल्लेख किया गया हैl
इस संहिता में प्लास्टिक सर्जरी का भी उल्लेख किया गया हैl आचार्य सुश्रुत को शल्य तंत्र का जनक माना जाता है lडॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने सुश्रुत संहिता का बहुत गहन अध्ययन करके इस क्षेत्र में 30 वर्षों तक उल्लेखनीय कार्य किया जिसके कारण उनका नाम इस बेहद महती पुरस्कार के लिए चयनित हुआl डॉ .दीपक कुलश्रेष्ठ के द्वारा बवासीर ,भगंदर आदि के लिए क्षारकर्म सूत्र ,लीचथेरेपी एवं अग्निकर्म का उपयोग किया जाता है उन्होंने 30 वर्षों में अनेक ऐतिहासिक सफलताएँ प्राप्त की हैं और अनेक लाइलाज रोगियों को स्वस्थ किया हैl पुरस्कार में शॉल ,श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं नगद राशि प्रदान की गई
lडॉ. दीपक कुलश्रेष्ठ ने अपने पूरे जीवन में जो परिश्रम लगन और उल्लेखनीय सेवाएं दी उसका प्रतिफल जब उन्हें मिला तो उनके शुभचिंतकों में हर्ष की लहर दौड़ पड़ी lउनकी इस उपलब्धि से न केवल विंध्य क्षेत्र बल्कि बालको नगर कोरबा छत्तीसगढ़ का भी नाम रोशन हुआ है क्योंकि उनकी प्रारंभिक शिक्षा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालको से हुई है lउनके माता-पिता अभी भी बालको में रहते हैं और उनका आना-जाना बालको- कोरबा में होता रहता हैl रीवा आयुर्वेद कॉलेज के अधिकारियों ,कर्मचारियों छात्र-छात्राओं सहित बालको- कोरबा के सभी शुभचिंतकों ने उन्हें बधाइयाँ दी हैं और उनके साथ पढ़े सहपाठियों जो आज भी व्हाट्सएप ग्रुप के द्वारा देश-विदेश से आपस में जुड़े हुए हैं जिन्होंने 1983 में उनके साथ हायर सेकेंडरी की शिक्षा प्राप्त की थी उन सभी ने व्हाट्सएप ग्रुप एवं फोन के द्वारा उन्हें बधाईयाँ प्रेषित की हैंl
उनके सहपाठियों ने कहा दीपक हमें तुम पर गर्व है, तुम इसी तरह समाज के लिए उल्लेखनीय कार्य करते रहो