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सारागांव में सैकड़ों की संख्या में पहुंचे ग्रामीणों ने अपने प्रतिष्ठान बंद करके असामाजिक तत्वों पर कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया ज्ञापन

 चांपा

सारागांव। गांव में लगातार बढ़ रहे अपराध को लेकर सारागांव के ग्रामीणों ने मोर्चा खोल दिया। ग्रामीणों ने अपराध पर अंकुश लगाने एक दिन के लिए व्यावसायिक प्रतिष्ठान बंद कर विरोध प्रदर्शन कर नगर निरीक्षक और पुलिस अधीक्षक को सौंपा गया ज्ञापन 


ग्रामीणों ने बताया कि सारागांव में आए दिन नशे में धुत होकर असामाजिक तत्वों के द्वारा ग्रामीण सहित व्यावसायिक प्रतिष्ठान के संचालकों  धमकी देते हुए मारपीट करते थे। वहीं दुकान संचालक जान जोखिम के बावजूद अपने दुकान का संचालन करते थे।

कई बार पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही थी। जिससे परेशान होकर ग्रामीणों ने विरोध दर्ज करने एक दिन के लिए अपने व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद कर जिले के पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपा दिया ज्ञापन तथा उचित कार्रवाई करने का निवेदन किया जिस पर जिले के पुलिस अधीक्षक विवेक पाण्डेय ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सारागांव के थाना प्रभारी सावन कुमार सारथी को लाइन अटैच कर दिया। वहीं यातायात में पदस्थ सुभाष चौबे को सारागांव का दायित्व दिया गया है।


खुलेआम गांव में हो रहा अवैध शराब बिक्री ग्रामीणों ने यह भी बताया कि गांव के हर गली मोहल्ले में अवैध रूप से शराब बेचा जाता है। जिसके चलते असामाजिक लोगों का जमावड़ा हर गली मोहल्ले में लगा रहता है आए दिन नशे में चूर असामाजिक लोग स्कूली बच्चों, महिलाओं से छेड़खानी भी करते है। 


इस पूरे घटना क्रम को लेकर ग्रामीणों में काफी गुस्सा देखने को मिल रहा है सैकड़ों की संख्याओं में जिलामुख्यालय पहुंचे ही पुलिस अधीक्षक से शिकायत किया गया जिससे उन्होंने आश्वासन दिया कड़ी से कड़ी कार्यवाही किया जाएगा खबर लिखे जाने तक शाम को नगर निरीक्षक रक्षित केंद्र स्थानांतरित किया गया 

अपराधियों में नहीं कानून का खौफ
               बॉक्स 

गांव में नशे का व्यापार करने वालों पर कानून का जरा भी खौफ नजर नहीं आता है। प्रतिबंधित दवाएं, अवैध शराब, गांजा सहित तमाम प्रकार के नशे का व्यापार गांव में बड़ी मात्रा में पनप रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पुलिस द्वारा समय समय पर उचित कार्रवाई नहीं करने के कारण ही अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों को बल मिल रहा है।


अपराधों पर रोकथाम के लिए गुंडा एक्ट क्यों लागू नहीं करती पुलिस प्रशासन 

ग्रामीणों ने बताया कि अपराधी और पुलिस की सांठ - गांठ से अपराध बढ़ते है अपराधियों के हौंसले इतने बुलंद इसलिए भी है कि पुलिस लेन - देन कर मामूली धारा लगा के सिर्फ खानापूर्ति कर देती है जिससे आम ग्रामीणों में बड़ी संख्या में रोष व्याप्त है

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