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नियम विरुद्ध युक्तियुक्तकरण पर शिक्षकों का विरोध तेज, डीईओ व बीईओ पर लगे गंभीर आरोप कल एकदिवसीय धरना, मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन।

जांजगीर-चांपा। जिले में शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पर मनमाने ढंग से युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) करते हुए नियमों की अनदेखी और शिक्षकों के साथ द्वेषपूर्ण व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

जानकारी के अनुसार, जिले के 109 शिक्षकों को “अतिशेष” बताते हुए बिना किसी पूर्व सूचना या आपसी सहमति के सीधे अन्य जिलों में पदस्थ कर दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली भी है। इस एकतरफा रिलीव आदेश के खिलाफ प्रभावित शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।

इस पूरे प्रकरण के विरोध में शिक्षक संगठनों ने बुधवार को कचहरी चौक पर एकदिवसीय धरना देने का ऐलान किया है। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर डीईओ व बीईओ के खिलाफ जांच व कार्यवाही की मांग की जाएगी।शिक्षकों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना वस्तुस्थिति का आंकलन किए, राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत द्वेष के चलते यह कार्रवाई की है, जिससे न केवल शिक्षकों का मनोबल टूटा है बल्कि विद्यालयीन शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।धरने को लेकर शिक्षकों में खासा उत्साह और आक्रोश देखा जा रहा है। कई संगठनों और समाजिक प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर शिक्षकों का समर्थन जताया है।

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