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नही रहे समर्पित शिक्षक ! शिक्षक रहते हुए विभिन्न दायित्वों का निर्वहन किया एक समर्पित शिक्षक , ऊर्जावान और स्फूर्तिवान अभिषेक काल्विन का अवसान

चांपा ।

 ' अब हमारे बीच नहीं रहे । नही रहे ! ' शब्द लिखना कभी-कभी पीड़ादायक और कठिन लगता हैं । कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के नायाब हीरा अभिषेक काल्विन एक कर्तव्यनिष्ठ शिक्षक थे । किसी ने कभी सोचा भी नहीं था कि अभिषेक काल्विन के साथ परमपिता परमेश्वर का ऐसा कठोर और अंतिम निर्णय भी होगा। एक सप्ताह पूर्व ही एक कार्यक्रम में शिक्षक अभिषेक काल्विन और साहित्यकार शशिभूषण सोनी और  कुलवंत सिंह सलूजा की भेंट-मुलाकात हुई थी । उस समय सोनी और डॉ सलुजा जी ने कहा कि अभिषेक काल्विन भाई साहेब जी तुम हमेशा अपने मित्रों के साथ बड़े ही प्रेम से मिलते और बातें करते हो, हर समय अन्यान्य लोगों से हाथ मिलाकर अभिवादन करते रहते हो , किसी को फोन करते, कुछ तो कहो मित्र ! अब बस सभी के दिलो-दिमाग में शामिल रहोगे। अभिषेक काल्विन भाई तुम्हारी कमी हमेशा-हमेशा महसूस होती रहेगी । अभिषेक काल्विन के निधन की ख़बर सुनकर शशिभूषण सोनी और  डॉ कुलवंत सिंह सलूजा जी को बहुत दुःख हुआ । उनकी यादों में और शब्दों में पीड़ा  आब भी झलकती हैं । शशिभूषण सोनी ने भाव-विह्वल  होकर बताया कि वे एक प्रतिभाशाली और अपने काम के प्रति सदैव समर्पित शिक्षक जिन्होंने अपने अध्ययन और अध्यापन के माध्यम से कई छात्र-छात्राओं के जीवन में सकारात्मक प्रभाव डाला , आज उनकी असामायिक मृत्यु ने उनके परिवार, मित्रों और विद्यार्थियों के साथ शिक्षक समुदाय को गहरा सदमा पंहुचाया हैं । 

प्रेस क्लब चांपा की ओर से काल्विन भाई को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित ।

प्रेस क्लब चांपा अध्यक्ष कुलवंत सिंह सलूजा, सचिव डॉ मूलचंद गुप्ता, गौरव गुप्ता, कोषाध्यक्ष विक्रम तिवारी, जतिंदर पाल सिंह, बलराम पटेल, अनिल कुमार मोदी, राजेश कुमार तिवारी, विवेक शर्मा, हरीश पाण्डेय ने कहा कि अभिषेक काल्विन एक ऐसे शख्सियत थे ,जो सबके सुख-दुख में हरदम खड़े रहते थे। प्रेस क्लब चांपा के मित्रों के वे एक सच्चे मित्र और कोसा, कांसा एवं कंचन की नगरी चांपा के एक अच्छे शिक्षक थे जिन्होंने अपने कार्यों , व्यवहार कुशलता,मिलनसारिता और सरलता से अनेक लोगों को प्रेरित किया। उनकी मृदुभाषिता, सहजता और सरलता ने उन्हें सबके दिलों बसा लिया था, ऐसे शख्सियत को आज के समय में ढूंढ़ना मुश्किल हैं । डॉ रविन्द्र द्विवेदी तथा शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कुरदा चांपा में शिक्षिका श्रीमति शांति थवाईत के शब्दों में भी दर्द और पीड़ा झलकती हैं । उन्होंने कहा कि अभिषेक काल्विन की कमी हमेशा शिक्षक समुदाय में महसूस की जायेगी और उनके जाने से एक शून्य पैदा हो गई हैं ,जिसे भरना बहुत ही मुश्किल हैं ।

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