राज्य

खरसिया में रेडी-टू-इट को अपात्र महिला समूह को देने का मामला विधानसभा में गूंजा


खरसिया 

विधायक उमेश पटेल ने खरसिया विकासखण्ड में रेडी-टू-इट एवं फोर्टिफाइड आटा की आपूर्ति हेतु अपात्र महिला समूह दिए जाने के मामला को विधानसभा में ध्यानाकर्षण के माध्यम से बिन्दुवार महिला एवं बाल विकास मंत्री को प्रश्नों के माध्यम से घेरा। विधायक उमेश पटेल ने मंत्री को ध्यान आकृष्ट कराया कि चयन की क्या नियम प्रक्रिया बनाई गई है और उस नियम में अगर कोई स्व-सहायता समूह पहले से डिफाल्टर है तो क्या उसका चयन किया जा सकेगा।

इस पर मंत्री ने संतोषजनक उत्तर नहीं दिया। विधायक पटेल ने यह भी कहा कि जो महिला समूह पहले से रेडी-टू-इट चलाया हो उनको न देकर किसी डिफाल्टर महिला समूह को दिये जाने का नियम है क्या जिस पर मंत्री ने चयन समिति एवं प्रक्रिया की जानकारी दी। विधायक पटेल ने सदन में स्पष्ट रूप से मंत्री द्वारा गलत जवाब दिए जाने का आरोप लगाया और यह भी कहा कि खरसिया में गलत तरीके से अपात्र समूह का चयन किए जाने का तथ्य मेरे पास उपलब्ध हैं मैं उसे प्रमाणित भी कर सकता हूं

। इसलिए मैं कह रहा हूं कि मंत्री विधानसभा में गलत बयान बयाजी कर रहे हैं। विधायक उमेश पटेल ने सदन में कहा कि जो पात्र महिला समूह है उसने एक-एक पाईंट में जहां जहां दावा आपत्ति करना था दावा आपत्ति भी किया गया परन्तु बड़ी बात यह है कि दावा आपत्ति का बिना निराकरण किए चौथे नंबर की महिला समूह को पहले नंबर पर किया गया और रेडी-टू-इट का कार्य दे दिया गया जो नियम के विपरित है। इस प्रकार महिला बाल विकास मंत्री को खरसिया के रेडी-टू-इट मामले में घेरे और ध्यानाकर्षण के माध्यम से सदन में संज्ञान लेकर जांच कराकर सही पाए जाने पर पात्र महिला समूह को रेडी-टू-इट का कार्य देने का सदन के माध्यम से मांग किए। ज्ञात हो कि खरसिया में रेडी-टू-इट का कार्य को अपात्र महिला समूह को दिया गया है जो महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा जारी डिफाल्टर की सूची में है जिसकी जानकारी सूचना के अधिकार के माध्यम से निकाला गया है फिर भी नियम विपरित उसे पात्र बताकर रेडी-टू-इट का कार्य सौंपा गया है।

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