राज्य
एनकेएच के नि:शुल्क शिविर में 100 से ज्यादा मरीजों को लाभ
कोरबा/ चाम्पा
,एनकेएच सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कोरबा में नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन संपन्न हुआ। यह शिविर सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक कोसाबाड़ी क्षेत्र स्थित अस्पताल परिसर में आयोजित किया गया था। शिविर में 100 से ज्यादा जरूरतमंद लोगों ने नाक, कान, गला, आंख, दांत और बहरापन की जांच उन्नत मशीनों से कराई। शिविर में विशेषज्ञ चिकित्सकों ने सभी को चिकित्सा परामर्श दिया। बधिरता की जांच के बाद श्रवण यंत्र की आवश्यकता पड़ने पर मरीजों को विशेष छूट के साथ श्रवण यंत्र दिए गए। शिविर में जांच के लिए पहुंचे लोगों ने एनकेएच हॉस्पिटल के शिविर आयोजन को सराहा। इसमें सबसे बड़ी बात यह है कि चिकित्सकों की पूरी टीम ने तल्लीनता से मरीजों की बीमारी की उन्नत मशीनों से जांच की और उचित चिकित्सा परामर्श दिया। इस नि:शुल्क शिविर का लाभ निश्चित ही लोगों को मिला है, जहां 100 से जायदा लोग ने इलाज कराया।
सफल रहा स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, अगला शिविर 1 जुलाई को
डॉ.चंदानी एनकेएच ग्रुप डायरेक्टर डॉ. एस. चंदानी ने बताया कि उनका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना है। बहुत से ऐसे लोग होते हैं जो आर्थिक रूप से कमजोर होते हैं जो अपनी बीमारी की जांच उन्नत मशीनों से कराने में हिचकिचाते हैं क्योंकि वह उन्हें महंगी लगती है। हमने शिविर के माध्यम से लोगों की स्वास्थ्य जांच का बीड़ा उठाया है जो निरंतर जारी रहेगा, ताकि इसका लाभ वंचित वर्ग के लोग भी उठा सकें एवं अपने स्वास्थ्य के प्रति जागरूक भी रहें। अगला नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच एवं चिकित्सा शिविर का आयोजन 1 जुलाई डॉक्टर दिवस के दिन रखा गया है। उन्होंने इस शिविर में अधिकाधिक संख्या में पहुंच कर स्वास्थ्य की जांच कराने की अपील नगरजनों से की है।
नवगवा मामले मे FIR मे देरी, का कारण राजनीतिक रसूख, या अधिकारी प्रमोशन का भय?
जांजगीर-चांपा:
नवागांव दलित उत्पीड़न मामले में एससी/एसटी थाना द्वारा दर्ज पूर्व बयान के बावजूद पीड़ित को दोबारा बुलावा प्रशासन की मंशा पर सवाल उठा रहे है।
नवागांव में अनुसूचित जाति समुदाय के युवक सतीश कुमार घोसले पर दो बार हुए कथित हमले के बाद अब तक एफआईआर दर्ज नहीं हुई है। लेकिन इस बीच प्रशासन ने पीड़ित को पुनः बयान दर्ज कराने के लिए नोटिस जारी किया है, जबकि उनका बयान पहले ही अजाक थाना प्रभारी द्वारा दर्ज किया जा चुका है। अब उन्हें 27 जून को सुबह 10:30 बजे उप पुलिस अधीक्षक अजाक जांजगीर के समक्ष पेश होकर दोबारा बयान देने को कहा गया है। यह बयान की पुनरावृत्ति प्रक्रिया का हिस्सा है या न्याय से भागने की चाल? इस घटनाक्रम से न्याय प्रक्रिया की गंभीरता, प्रशासन की नियत और पीड़ित के मानसिक उत्पीड़न को लेकर गहरे सवाल उठ खड़े हुए हैं।
सतीश घोसले कहते हैं की उन्होंने पहले ही बयान दे दिया है। अब बार-बार क्यों बुलाया जा रहा है? मामले में एफआईआर नहीं हुई है,आरोपी खुले घूम रहे हैं, और उन्हें ही बार-बार बयान देने के लिए बुलाया जा रहा है।
हमला, गालियाँ और धमकी फिर भी एफआईआर नहीं
13 और 15 जून की शाम को नवागांव में सतीश के घर पर गांव के सरपंच प्रतिनिधि परमानंद राठौर और उनके दर्जनों समर्थकों ने कथित रूप से हमला किया। घटना में जातिसूचक गालियाँ, सामाजिक बहिष्कार और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर आरोप हैं।
एससी एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम 1989 की धारा 3 के तहत यह अपराध गंभीर और संज्ञेय की श्रेणी में आता है, जिसमें 24 घंटे के भीतर एफआईआर दर्ज करना अनिवार्य है। लेकिन अब तक पुलिस की ओर से कोई प्राथमिकी नहीं दर्ज की गई है।
विद्यार्थियों ने जाना पुलिस का जिम्मेदार चेहरा, सरस्वती शिशु मंदिर के छात्रों का थाना भ्रमण
चांपा।
सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालय के कक्षा 12वीं के छात्र-छात्राओं ने आज थाना चांपा का शैक्षिक भ्रमण किया। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, कर्तव्यों और सामाजिक उत्तरदायित्व की व्यवहारिक जानकारी देना था। भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों में उत्साह और जिज्ञासा का माहौल देखने को मिला।
थाना प्रभारी जय प्रकाश गुप्ता एवं उनकी टीम ने छात्रों का आत्मीय स्वागत किया और सरल भाषा में पुलिस की भूमिका, एफआईआर की प्रक्रिया, सायबर अपराध, तथा कानून व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर बच्चों को दिवस अधिकारी, रात्रि अधिकारी, लॉकअप कक्ष, कंप्यूटर कक्ष, सीसीटीवी निगरानी प्रणाली जैसी व्यवस्थाएं भी दिखाई गईं।
विद्यार्थियों को बताया गया कि पुलिस सिर्फ अपराधियों को पकड़ने का काम नहीं करती, बल्कि जनसुरक्षा, महिला-बाल संरक्षण, साइबर अपराध रोकथाम और यातायात नियंत्रण जैसे कई अहम जिम्मेदारियां भी निभाती है। साइबर फ्रॉड, सोशल मीडिया सुरक्षा, और महिलाओं व बच्चों से जुड़े कानून विषयों पर विशेष जानकारी दी गई।
विद्यालय के शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से बच्चों में कानून के प्रति सम्मान, आत्मविश्वास और सामाजिक जागरूकता बढ़ती है। यह अनुभव न केवल शैक्षणिक दृष्टिकोण से उपयोगी रहा, बल्कि बच्चों के मन में पुलिस विभाग के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित हुआ।
थाना भ्रमण एक ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और व्यवहारिक शिक्षा का माध्यम बनकर सामने आया, जो निश्चित रूप से विद्यार्थियों को जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ने में सहायक सिद्ध होगा।
यूपी के दो ठग गिरफ्तार, एमबीबीएस छात्र बनकर की 6.5 लाख की ठगी
जांजगीर-चांपा।
उत्तर प्रदेश के दो शातिर ठगों ने खुद को एम्स ऋषिकेश का एमबीबीएस छात्र और आर्मी अफसर का बेटा बताकर जांजगीर के एक व्यक्ति से ₹6.50 लाख की ठगी की। थाना सिटी कोतवाली पुलिस की त्वरित और योजनाबद्ध कार्रवाई से दोनों आरोपी दबोच लिए गए।
पीड़ित प्रमोद कुमार पांडे, निवासी वार्ड क्रमांक 14, जांजगीर, परिवार सहित धार्मिक यात्रा पर हरिद्वार गया था। सफर के दौरान कृष्णानंद सिंह नामक युवक ने खुद को एमबीबीएस छात्र बताया और पीड़ित का खोया बैग लौटाकर विश्वास जीत लिया। इसके बाद आरोपी ने पैसों की तत्काल जरूरत बताते हुए ₹50,000 मांगे, जो दो दिन बाद लौटा दिए। फिर 26 मई को भूमि रजिस्ट्री के नाम पर आरोपी ने ₹6,50,000 आरटीजीएस के जरिए मंगवा लिए। आंशिक रकम लौटाने के बाद वह बार-बार बहाने बनाने लगा।
जब आरोपी ने पुनः ₹5 लाख की मांग की, तब पीड़ित को ठगी का आभास हुआ और उसने 1930 हेल्पलाइन व थाना जांजगीर में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय के निर्देश, अ.पु. अधीक्षक उमेश कश्यप व नगर पुलिस अधीक्षक कविता ठाकुर के नेतृत्व में जाल बिछाया गया और आरोपीगण को नैला स्टेशन के पास पकड़ लिया गया। मामले में बलिया उ.प्र. निवासी कृष्णानंद सिंह पिता रामअवतार सिंह उम्र 24 वर्ष व यूपी मिर्जापुर निवासी सर्वेश पांडेय पिता संतोष पांडेय उम्र 24 वर्ष को गिरफ्तार किया गया है। इस कार्रवाई में निरीक्षक प्रवीण द्विवेदी, सउनि रामप्रसाद बघेल, प्रआर राजकुमार चंद्रा और टीम का विशेष योगदान रहा।
चलते कंटेनर में लगी भीषण आग,मौके पर पहुँची चांपा पुलिस
जांजगीर-चांपा।
चांपा थाना क्षेत्र सिवनी गांव के कोरबा रोड़ स्थित पीएनबी बैंक के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब कोरबा की ओर से आ रही एक कंटेनर वाहन में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने भीषण रूप ले लिया और कंटेनर धू-धू कर जलने लगा। वाहन में अचानक धुआं उठता दिखा और कुछ ही क्षणों में उसमें आग लग गई। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि वहां से गुजर रहे राहगीरों में दहशत फैल गई। मामले की जानकारी तुरंत स्थानीय पुलिस को दी गई,
जिसके बाद फायर ब्रिगेड को भी सूचित किया गया।पुलिस टीम मौके पर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था संभालने में जुट गई है और आग पर काबू पाने का प्रयास किया जा रहा है। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन आशंका जताई जा रही है कि तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण यह हादसा हुआ हो सकता है। वाहन चालक सुरक्षित है या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हो पाई है।
NKH हॉस्पिटल में अव्यवस्था और डॉक्टरों की कमी, जांच के बाद शासन से मिला नोटिस... वहीं Sweta हॉस्पिटल को भी कई मामलों पर दी गई नोटिस
कोरबा, विगत दिनों एक प्रसूति महिला की श्वेता हॉस्पिटल में इलाज के दौरान हुई मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों की लापरवाही से मौत के आरोप लगाए थे और जांच की मांग की थी वहीं आए दिन प्राइवेट हॉस्पिटलों के मनमानी को देखते हुए कलेक्टर कोरबा के निर्देश पर जांच टीम बनाकर जिले के रिश्दी स्थित श्वेता हॉस्पिटल और कोसाबाड़ी स्थित न्यू कोरबा हॉस्पिटल में जांच टीम गठित की गई और ताबड़तोड़ जांच शुरू हुई
जिसमें नर्सिंग एक्ट के तहत कई खामियां पाई गई और इसके बाद जांच टीम द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट के आधार पर दोनों हॉस्पिटलों को नोटिस जारी करते हुए जवाब मांगा गया है लेकिन दोनों हॉस्पिटलों की जांच के बाद एक साथ जारी की गई नोटिस में कुछ तथ्यों को छुपाया गया और भेदभाव किया गया क्योंकि नोटिस जारी करते वक्त श्वेता हॉस्पिटल के संचालक के नाम को उजागर नहीं किया गया जो सवालों के घेरे में है जबकि न्यू कोरबा हॉस्पिटल को जारी नोटिस में संचालक डॉक्टर शोभराज चांदनी के नाम से नोटिस जारी की गई है और वही श्वेता हॉस्पिटल के संचालक के नाम पर सिर्फ श्वेता हॉस्पिटल लिखा गया जो कि कई तरह के सवालों को जन्म दे रही है श्वेता हॉस्पिटल का संचालक कौन है क्या जांच टीम को भी संचालक का नाम नहीं पता या इसे जानबूझकर छुपाया गया दोनों हॉस्पिटल को नर्सिंग एक्ट के उल्लंघन करने पर कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी कोरबा के द्वारा जारी नोटिस जारी

④ विटामिन और फूड सप्लीमेंट खरीदें
के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं
न्यू कोरबा हॉस्पिटल को जारी नोटिस -
24.06.2025 को दोपहर 3.00 बजे आपकी संस्था न्यू कोरबा हॉस्पिटल कोसाबाड़ी कोरबा का नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्राधिकृत निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में आपके प्रतिष्ठान में निम्नानुसार कमियां/अनियमिताएं पाई गई हैः-
1. आपकी संस्था कुल 104 बिस्तर हेतु नर्सिंग होम एक्ट अंतर्गत पंजीकृत है। जिसमें 16 वेड का आई.सी.यू. संचालित किया जा रहा है, चिकित्सालय में कुल 03 एम.बी.बी.एस. चिकित्सक, 10 विशेषज्ञ चिकित्सक एवं अन्य चिकित्सक पदस्थ है। नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार प्रत्येक 20 बेड पर 01 चिकित्सक एवं 01 नर्सिंग स्टॉफ (प्रत्येक शिपटअनुसार) होना आवश्यक है। किन्तु नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार चिकित्सालय में ड्यूटी चिकित्सक पर्याप्त नही होना पाया गया।
2. आपकी संस्था द्वारा नर्सिंग होम एक्ट के प्रावधानानुसार बिना सूचना/अनुमति के जिले एवं जिले के बाहर के कई चिकित्सको की सेवाए विजिटिंग चिकित्सक के रूप में सेवाएं लेकर मरीजो के भर्ती उपचार कराया जाना पाया गया।
3. आपकी संस्था को छोटा पैथोलॉजी लैब के संचालन की अनुमति प्राप्त है किन्तु आपकी संस्था द्वारा सभी प्रकार के जांच की सुविधा चिकित्सालय में ही की जा रही है।
आपकी संस्था में उल्लेखित कमियों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अध्याय 02 के नियम 09 एवं अध्याय 03 के 12 (क) 1,2,3 कंडिका (ख) एवं नियम 13 (अ) में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लघंन पाया गया।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार अनियमितताओं के संबंध में अपना लिखित प्रत्युत्तर पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत उल्लेखित नियमों के तहत अनुशासनिक कार्यवाही की जावेगी।
विगत दिवस आपकी संस्था श्वेता हॉस्पिटल कोरबा में घटित प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए दिनांक 24.06.2025 को दोपहर 12.00 बजे नर्सिंग होम एक्ट के तहत प्राथिकृत निरीक्षण दल द्वारा निरीक्षण कराया गया। निरीक्षण में आपके प्रतिष्ठान में निम्नानुसार कमियां/अनियमिताएं पाई गई हैः-
1. नर्सिंग होम एक्ट के नियमानुसार प्रत्येक बेड पर 01 चिकित्सक एवं 01 नर्सिंग स्टॉफ का होना आवश्यक है, किन्तु आपकी संस्था में 30 बेड के मान से केवल 01 एम.बी.बी.एस. चिकित्सक एवं 02 बी.ए.एम.एस. चिकित्सक का ड्यूटी डॉक्टर पदस्थ होना पाया।
2. आपके संस्थान में छोटा पैथोलॉजी लैब के संचालन की अनुमति प्राप्त है किन्तु आपके संस्था में सभी प्रकार के जांच की सुविधा दिया जाना पाया गया।
3. संस्थान में ओ.टी. रजिस्टर के निरीक्षण में पाया गया कि माह जनवरी 2025 से 23.06.2025 तक कुल 368 ऑपरेशन किया गया है। जिसमें से 40 ऑपरेशन डॉ. एम. कुजुर के द्वारा किया जाना पाया गया, जो नर्सिंग होम एक्ट के तहत आपकी संस्था में पंजीकृत नही है।
4. संस्थान में ओ.पी.डी. रजिस्ट्रर के निरीक्षण में शासकीय चिकित्सक डॉ. राकेश वर्मा, डॉ. वेदप्रकाश गित्ते, के द्वारा ओ.पी.डी. मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण किया जाना पाया गया। जो नर्सिंग होम एक्ट के तहत आपकी संस्था में पंजीकृत नही है।
5. भर्ती मरीजों के दस्तावेज का परीक्षण करने पर मरीजों का उपचार हेतु विशेषज्ञ चिकित्सक के विजीट के दौरान दस्तावेजों में अपना हस्ताक्षर, समय एवं दिनांक का उल्लेख नहीं किया जा रहा है, सभी दस्तावेजों में संस्था के ड्यूटीरत आर.एम.ओ. (बी.ए.एम.एस.) चिकित्सक द्वारा अपने हस्ताक्षर के साथ दस्तावेजों को बनाया जा रहा है।
6. उक्त संस्थान में निरीक्षण के दौरान ओ.पी.डी. में केवल डॉ. तृप्ती मरकाम एवं डॉ. ब्रिजेश सिदार उपस्थित पाये गये एवं अन्य चिकित्सक जैसे शिशुरोग विशेषज्ञ, जनरल मेडिसिन, जनरल सर्जन, एवं अन्य चिकित्सक उपस्थित नही थे, और न संबंधितों के उपस्थिति पंजी प्रस्तुत किया गया।
आपकी संस्था में उल्लेखित कमियों के आधार पर छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के अध्याय 02 के नियम 09 एवं अध्याय 03 के 12 (क) 1,2,3 कडिका (ख) एवं नियम 13 (अ) में उल्लेखित प्रावधानों का उल्लघंन पाया गया।
अतः आपको निर्देशित किया जाता है कि उपरोक्तानुसार अनियमितताओं के संबंध में अपना लिखित प्रत्युत्तर पत्र प्राप्ति के 24 घंटे के भीतर समक्ष में उपस्थित होकर प्रस्तुत करना सुनिश्चित करें। अन्यथा छत्तीसगढ़ राज्य उपचर्यागृह तथा रोगोपचार संबंधी स्थापनाएं अनुज्ञापन अधिनियम 2010 के तहत उल्लेखित नियमों के तहत संस्था का निलंबन / अनुशासनिक कार्यवाही की जावेगी। (कलेक्टर महोदय द्वारा अनुमोदित)
लेकिन बड़ा सवाल श्वेता हॉस्पिटल संचालक कौन है?
आखिर क्यों जांच रिपोर्ट में उसका नाम सार्वजनिक नहीं किया गया?
अब देखना होगा कि स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन इस संवेदनशील मामले में पारदर्शिता बरतते हुए पूरी सच्चाई सामने लाते हैं या सवालों का धुंधलका बरकरार रहता है।
बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में भारी गड़बड़ी उजागर, तहसीलदार और पटवारी पर FIR…
मुआवजा प्रकरण में फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने
बिलासपुर/चाम्पा , भारतमाला परियोजना के तहत बिलासपुर-उरगा राष्ट्रीय राजमार्ग के लिए भूमि अधिग्रहण में भारी गड़बड़ी उजागर हुई है। ग्राम ढेका में अधिग्रहित भूमि के मुआवजा प्रकरण में फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासन को आर्थिक क्षति पहुंचाने के आरोप में तत्कालीन तहसीलदार डीएस उइके और तत्कालीन पटवारी सुरेश कुमार मिश्रा पर FIR दर्ज की गई है। जिला स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर पुलिस अब आगे की कार्रवाई करेगी।
नायब तहसीलदार राहुल शर्मा ने पुलिस को बताया कि भारतमाला प्रोजेक्ट के लिए भूअर्जन और मुआवजा प्रकरण बनाने में गड़बड़ी की शिकायत मिली थी। राज्य शासन के निर्देश पर एसडीएम और जिला स्तरीय समिति की ओर से पूरे मामले की जांच की गई। इसमें तत्कालीन तहसीलदार डीएस उइके और तत्कालीन पटवारी सुरेश कुमार मिश्रा की भूमिका संदिग्ध पाई गई। जांच में सामने आया कि राजस्व अभिलेखों में कूटरचना कर कुछ व्यक्तियों के नाम अवैध रूप से दर्ज किए गए। इसके आधार पर नामांतरण और बंटवारे की प्रक्रिया पूरी की गई। इसके कारण भूमि अधिग्रहण में वास्तविक से अधिक मुआवजा राशि की गणना हुई।
इस गड़बड़ी के कारण शासन को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा और वर्तमान में प्रकरण लंबित होने के चलते मुआवजा वितरण नहीं हो सका है। नायब तहसीलदार की शिकायत पर तोरवा पुलिस ने आईपीएसी की धारा 420, 34, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल आरोपी पटवारी और तहसीलदार की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। भारतमाला प्रोजेक्ट में कई जिलों में गड़बड़ी सामने आई है। कुछ दिन पहले ही तहसीलदार और इस मामले से जुड़े लोगों के घर एसीबी की टीम ने छापेमारी की थी। इसके अलावा कई अधिकारियों के खिलाफ राज्य स्तरीय टीम जांच कर रही है। इसके अलावा पुलिस की ओर से भी मामले की जांच की जा रही है।
अलग-अलग थानों में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ जुर्म दर्ज कराए जा रहे हैं। साथ ही कई पटवारियों को निलंबित कर दिया गया है। पटवारी सुरेश मिश्रा को एक दिन पहले ही कलेक्टर ने निलंबित कर दिया है। ढेका में पोस्टिंग के दौरान उसने भारत माला प्रोजेक्ट के मुआवजे को लेकर गड़बड़ी की थी। जांच के बाद मंगलवार को पुलिस ने पटवारी को निलंबित कर दिया है। फिलहाल उसकी पोस्टिंग तखतपुर क्षेत्र में थी। उन्हें जिला मुख्यालय में अटैच किया गया है।
बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने नागरिकों से अपील की है कि अवैध बांग्लादेशी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर पर संपर्क करें
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर - छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश में आंतरिक सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ बनाने तथा अवैध रूप से रह रहे बांग्लादेशी घुसपैठियों की पहचान हेतु उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर पुलिस विभाग द्वारा टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1800-233-1905 जारी किया गया है, जो 24 घंटे और सप्ताह के सभी दिनों में सक्रिय रहेगा। इस हेल्पलाइन के माध्यम से राज्य का कोई भी नागरिक, अपने क्षेत्र में मौजूद संदिग्ध बांग्लादेशी नागरिकों अथवा उनकी गतिविधियों के संबंध में सूचना सीधे पुलिस प्रशासन को दे सकता है। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी, ताकि लोग बिना किसी भय के राष्ट्रहित में सहयोग कर सकें।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि देश की सुरक्षा हमारी सर्वाेच्च प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की सुशासन की सरकार राज्य को घुसपैठियों और अवैध गतिविधियों से मुक्त रखने के लिए प्रतिबद्ध है। जब तक ऐसी ताकतों को जड़ से नहीं उखाड़ा जाएगा, तब तक हमारे नागरिकों की सुरक्षा और शांति खतरे में रहेगी। यह हेल्पलाइन आम जनता को एक सीधा, सुरक्षित और प्रभावी माध्यम प्रदान करती है, जिससे वे देशहित में अपनी भागीदारी निभा सकें। राज्य में अवैध बांग्लादेशी नागरिको की सूचना पर पूरी ताकत के साथ जांच और पहचान की जा रही है।
उपमुख्यमंत्री ने पुलिस विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इस हेल्पलाइन पर प्राप्त हर सूचना को गंभीरता से लें, आवश्यक सतर्कता बरतें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें। साथ ही इस अभियान को लेकर आम नागरिकों में जागरूकता फैलाने हेतु प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए गए हैं। पुलिस विभाग ने यह भी स्पष्ट किया है कि घुसपैठ के मामलों की पुष्टि के लिए प्राप्त सूचनाओं की सत्यता की पूर्ण जांच की जाएगी, ताकि निर्दाेष लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।
उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने राज्य के सभी नागरिकों से अपील की है कि यदि उन्हें अपने आस-पास किसी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि अथवा पहचान पर संदेह हो तो वे तुरंत टोल फ्री नम्बर 1800-233-1905 पर संपर्क करें। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम छत्तीसगढ़ को सुरक्षित, शांतिपूर्ण और सशक्त बनाए रखें।
शराब के नशे में सोए युवक की मौत पुलिस जांच में जुटी
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर - बलरामपुर जिले के राजपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को दो अलग-अलग घटनाओं में दो युवकों की मौत हो गई। दोनों मामलों में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि ग्राम सिंगचोरा निवासी 23 वर्षीय चंद्रशेखर पिता भता बांस काटने गया था। परिजनों के अनुसार वह दोपहर करीब 2 बजे घर लौटा और बताया कि वह बांस की डाली खींचने एक पेड़ में चढ़ा था ,बांस की डाली खींचते समय वह पेड़ से गिर गया, जिससे उसके दोनों पैरों में चोट आई है। परिजन उसे तत्काल एम्बुलेंस से राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मामले की जांच जारी है।
दूसरे मामले में ग्राम बूढ़ाबगीचा निवासी 30 वर्षीय सूर्यप्रकाश पिता बालम शांडिल्य सुबह 10 बजे घर से खाना खाकर निकला था। कुछ घंटे बाद नवकी गांव के रिश्तेदारों ने सूचना दी कि वह शराब दुकान के पीछे गौठान के पास शराब के नशे में सोया हुआ है। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर युवक को राजपुर अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और युवक का विसरा जांच के लिए सुरक्षित रखा है।
कलेक्टर ने किया डीपाडीह पुरातात्विक स्थल का अवलोकन धरोहर के संरक्षण, सौंदर्यीकरण के लिए दिए आवश्यक निर्देश
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर- कलेक्टर राजेन्द्र कटारा एवं वनमण्डलाधिकारी आलोक बाजपेयी ने ऐतिहासिक और पुरातात्विक स्थल सामंत सरना, डीपाडीह का अवलोकन किया। कलेक्टर ने इस दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते हुए कहा कि स्थल के समुचित विकास हेतु समन्वित एवं बेहतर कार्य दीर्घ कालिक योजना बनाई जाए। इस दौरान कलेक्टर श्री कटारा ने मंदिर परिसर, प्राचीन मूर्तियों, स्थापत्य अवशेषों, शिलालेखों और प्राकृतिक भू-भागों का अवलोकन किया।
उन्होंने परिसर की सफाई, आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देशित किया कि पुरातात्विक अवशेषों को नुकसान से बचाने हेतु प्राकृतिक अवरोधों को हटाया जाए। कलेक्टर श्री कटारा ने कहा कि पर्यटन की दृष्टि से यहां अनेक संभावनाएं है। सामंत सरना एक पुरातात्विक एवं धार्मिक स्थल है। साथ ही यह स्थानीय लोगों के लिए आजीविका का केंद्र भी बन सकता है। इसके लिए बेहतर कार्ययोजना तैयार करने को कहा। इस दौरान उन्होंने रानी तालाब के सौंदर्यीकरण की बात भी कही।
स्वामी सुरेंद्रनाथ ने कैंडल मार्च में शामिल होकर किया था विरोध, आज हुई । 2 साल की बच्चीं से दुष्कर्म करने वाले आरोपी सौतेले पिता को उम्रकैद।
जांजगीर-चांपा ।
सुसुप्त समाज को जगाने हेतु हमेशा महापुरुषों ने पहल किया हैं, ऐसे ही एक समाज सेवक, सन्यासी स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी ने इस कुकृत्य के विरुद्ध मुखर होकर आवाज उठाई, ज़िला मुख्यालय में रैली में शामिल हुए, मीडिया के माध्यम से शासन-प्रशासन तक विरोध कर मामले को पहुँचाया, ताकि शीघ्र कार्यवाही हो सके, इतना ही नहीं, तत्काल एक लाख रुपये पीड़ित बच्ची के इलाज के लिए दिया, लोगों को जोड़ा, आज एक सकारात्मक परिणाम सामने आया है, कि दुष्कर्म करने वाले सौतेले पिता को न्यायालय ने उम्र कैद की सजा सुनाई है। स्वामी सुरेन्द्र नाथ ने बिहान छत्तीसगढ़ से चर्चा करते हुए बताया है कि आजकल समाज में हो रहे कुकृत्यों और अन्याय का संज्ञान से मैं क्षुब्ध हूं । जब स्वामी सुरेन्द्र नाथ जी जैसे जागृत पुरुष लेते हैं , तो लोगों की उदासीनता जागरूकता में परिवर्तित हो जाती है, आज 8 महीने बाद कोर्ट का फैसला आया है। अपर सत्र न्यायाधीश (पाक्सो) अनिल कुमार बारा ने आरोपी को उम्रकैद की सजा सुनाई हैं । घटना 19 अक्टूबर 2024 की है, इस घटना की खबर लगते ही स्वमी जी विचलित हो गए थे, मीडिया में बयान देखर अपना विरोध दर्ज कराया, और 21 अक्टूबर की शाम कैंडल मार्च निकाला गया। जिसमें भारी संख्या में क्षेत्र के सभी गणमान्य नागरिकों ने उपस्थित होकर इस घटना के प्रति अपने संवेदनशीलता का परिचय दिया।
स्वामी सुरेंद नाथ ने पीड़त बच्ची के इलाज के लिए एक लाख रुपये प्रदान किया । स्वामी जी कहा था, कि कैंडल मार्च निकालने का उद्देश्य, शासन-प्रशासन को समाज के आक्रोश से अवगत कराना हैं, जल्द से जल्द आरोपी को पकड़ कर सजा दिलाने की अपील करना ताकि उस बच्ची को न्याय मिल सके, और समाज मे कड़ा संदेश दिया जा सके, कि दुबारा कोई भी इस तरह का कुकृत्य करने की हिम्मत न कर सके। आज 8 महीने बाद कोर्ट द्वारा आरोपी को दिए उम्र कैद की सजा से, न सिर्फ पीड़ित बच्ची को न्याय दिलाया बल्कि एक कड़ा संदेश भी दिया है, कि कोई ऐसा निकृष्टतम कृत्य करने की हिम्मत न करे । इस भ्रष्ट होते समाज में जागरूक नागरिक की भूमिका निभाना सबसे बड़ा पुण्य कर्म हैं ।
करोड़ों रूपए की धोखाधड़ी करने वाले महाठग गिरफ्तार , जांजगीर-चांपा जिले का भी कनेक्शन की भी चर्चा जोरों पर!
बलौदबाजार/ चाम्पा
,शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर गांव के ग्रामीणों समेत कई बड़े व्यापारी और समाज सेवियों से करोड़ों रूपए की धोखाधड़ी करने वाले महाठग रामनारायण साहू को बलौदबाजार पुलिस टीम ने गिरफ्तार किया है। शेयर मार्केट में पैसा दोगुना करने का झांसा देकर गांव के ग्रामीणों समेत कई बड़े व्यापारी और समाज सेवियों से इसने ठगी किया है। पूरा मामला बलौदा बाजार जिले के सोनाखान चौक की क्षेत्र अंतर्गत आने वाले एक छोटे से गांव महकम गांव का है। जहां सरकारी शिक्षक रामनारायण साहू और उसके भाई हेमंत साहू ने गांव में ठग का ऐसा पाठशाला खोला जिसके झांसे में आकर गांव के 90% ग्रामीण समेत क्षेत्र के कई बड़े व्यापारी व समाज सेवी शिकार हो गए। जब इसकी शिकायत थाने में हुई तो सरकारी शिक्षक रामनारायण साहू और उसका परिवार फरार हो गया था, जिसकी तलाश बलौदा बाजार पुलिस टीम कर रही थी

, आज करोड़ों रूपए की धोखाधड़ी करने वाले सरकारी शिक्षक रामनारायण साहू और उसके भाई हेमंत साहू को बलौदा बाजार पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। प्रार्थी गोपाल प्रसाद देवांगन निवासी कटगी द्वारा रिपोर्ट दर्ज कराया गया कि उसकी ग्राम कटगी बस स्टैंड में एल्युमिनियम स्टील वर्कशॉप की दुकान है। ग्राम महकम निवासी आरोपी रामनारायण साहू से 25 अगस्त को रेलिंग लगाने के काम से जान पहचान हुआ, जिसमें रामनारायण साहू एवं अन्य आरोपियों द्वारा उसे शेयर मार्केट में रकम लगाने एवं 02 वर्ष में सारा पैसा डबल करके देने का झांसा दिया गया। इसी झांसे में आकर प्रार्थी द्वारा आरोपियों को अलग-अलग तिथियों में नगदी, फोन-पे एवं विभिन्न माध्यमों से कुल ₹19,43,000 दिया गया। इसी प्रकार आरोपियों द्वारा प्रार्थी के मित्र राजेश कुमार देवांगन एवं अनिल कुमार प्रजापति से भी शेयर मार्केट में रकम लगाकर दुगना रकम वापसी करने का झांसा देते हुए ठगी किया गया। इस प्रकार आरोपियों द्वारा शेयर ट्रेडिंग में 02 वर्ष में रकम का दुगना कर वापस करने का झांसा देते हुए कुल ₹40,82,000 रकम की ठगी की गई है। कि रिपोर्ट पर थाना कसडोल में अपराध क्रमांक 378/2025 धारा 420,34 का प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया।
इसी प्रकार आरोपियों द्वारा 2024 में प्रार्थी राजकुमार यदू से ₹82,00,000 की ठगी किया गया था, जिस पर रामनारायण साहू और अन्य के विरुद्ध धारा 318(4),3(5) बीएनएस का अपराध दर्ज किया गया है। आरोपियों द्वारा कसडोल, लवन, गिधौरी, शिवरीनारायण, महासमुंद, रायगढ़ आदि के भी कई लोगो के साथ भी शेयर ट्रेडिंग में पैसे लगाकर कम समय मे पैसा दुगुना करने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी करने के संबंध में जानकारी मिल रही है, जिसके संबंध में जांच तस्दीक कार्यवाही की जा रही है।प्रकरण में पुलिस अधीक्षक श्रीमती भावना गुप्ता द्वारा गहन जांच तस्दीक एवं विवेचना करते हुए ठगी करने वाले सभी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने हेतु निर्देशित किया* गया। साथ ही प्रकरण में संपूर्ण जांच, पीड़ितों से आवेदन लेने, आरोपियों की पता तलाश करने, संबंधित आरोपियों की संपत्ति जप्ती/कुर्की की कार्यवाही करने एवं उच्चतम विवेचना हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक बलौदाबाजार के निर्देशन एवं सहायतार्थ अधिकारी कौशल किशोर वासनिक उप पुलिस अधीक्षक कैंप कसडोल तुलसी लेकाम उप पुलिस अधीक्षक साइबर सेल के नेतृत्व में एक विशेष अनुसंधान टीम का गठन किया गया है।
जिसमें उप पुलिस अधीक्षक योगिताबाली खापर्डे थाना प्रभारी कसडोल, निरीक्षक हेमंत पटेल थाना प्रभारी पलारी, निरीक्षक धीरेंद्र दुबे थाना प्रभारी गिधौरी, निरीक्षक प्रणाली वैद्य प्रभारी साइबर सेल, उप निरीक्षक किशन कुंभकार थाना लवन सहित कुल 08 अधिकारी कर्मचारियों को शामिल किया गया है। प्रकरण में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए आरोपी रामनारायण साहू एवं हेमंत साहू को हिरासत में लिया गया।इस महा घोटाले में प्रदेश के सबसे बड़े 1500 करोड़ ठगी कांड में मिली जानकारी के अनुसार जांजगीर-चांपा जिले कनेक्शन जुडा हुआ नजर आ रहा है जिसमें कुछ एजेंटों की भूमिका आई सामने आ रही है
प्रदेश के सबसे बड़े 1500 करोड़ रुपये के ठगी कांड का बड़ा खुलासा हुआ है। इस हाईप्रोफाइल घोटाले में अब जांजगीर-चांपा सहित जिले का नाम भी जुड़ गया है, जहां एजेंटों के इस ठगी रैकेट में शामिल होने के पुख्ता सबूत सामने आए हैं। ठगी के इस नेटवर्क ने प्रदेश के सैकड़ों लोगों की गाढ़ी कमाई को हड़प लिया।बलौदाबाजार जिले से शुरू हुए प्रदेश के सबसे बड़े ठगी घोटाले में अब तक दो आरोपी गिरफ्तार किए गए हैं, जिनमें एक मुख्य आरोपी सरकारी शिक्षक भी शामिल है। मगर मामला सिर्फ यहीं तक सीमित नहीं है। पुलिस को शक है कि इस ठगी में एक बड़ा संगठित गिरोह संलिप्त है, जो अब भी पुलिस की पकड़ से दूर है।मामला तब तूल पकड़ने लगा जब ट्रेडिंग में पैसा लगाने वालों को ठगी का एहसास हुआ और उनकी करोड़ों की कमाई डूबने लगी। खास बात यह है कि जांजगीर-चांपा जिले के कई एजेंट भी इस रैकेट में शामिल पाए गए हैं, जिन्होंने लोगों को जल्दी मुनाफा कमाने का लालच देकर लाखों-करोड़ों की ठगी कराई
।कई लोग इस घोटाले में एजेंट के तौर पर सक्रिय रहे, जिन्होंने सेलिब्रिटीज और नेताओं के साथ फोटो खिंचवाकर भरोसे का माहौल बनाया और आम निवेशकों को अपने जाल में फंसाया।अब जांजगीर-चांपा जिले में एजेंटों के बहकावे में आकर सैकड़ों लोगों ने अपनी मेहनत की कमाई निवेश कर दी है। इनमें से दर्जनों लोग अब सबूतों के साथ शिकायत दर्ज कराने की तैयारी में हैं।इस घोटाले के मुख्य सरगना रामनारायण से जुड़े लोगों में खलबली मच गई है। कई एजेंट अब मामले की जांच बढ़ती देख डर के साए में हैं। एक बार फिर साबित हुआ कि लालच में किया गया निवेश गाढ़ी कमाई को बर्बाद कर सकता है। अब देखना ये होगा कि पुलिस इस 1500 करोड़ के जालसाजी कांड के मास्टरमाइंड तक कब पहुंचती है और आम लोगों की रकम कैसे वापस लाई जाती है।
पूर्व विधायक शैलेष पांडेय को जान से मारने की धमकी:
बिलासपुर
बिलासपुर के पूर्व विधायक शैलेष पांडेय को एक अज्ञात कॉलर ने जान से मारने की धमकी दी है। काल करने वाले ने 20 लाख रुपए की फिरौती मांगी और रकम नहीं देने पर उनकी परिचित अधिकारी की दिल्ली में पढ़ने वाली बेटी को उठवा लेने की धमकी दी।
मामले को लेकर कांग्रेस पूर्व विधायक ने सकरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। इस पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
सकरी थाना प्रभारी प्रदीप आर्य ने बताया कि बुधवार सुबह करीब 11.45 बजे पूर्व विधायक शैलेष पांडे के मोबाइल पर अनजान नंबर से कॉल आया। काल उनकी पत्नी ऋतु पांडेय ने रिसीव किया। तब फोन करने वाले ने पूर्व विधायक शैलेष पांडे से बात करने की बात कही।
जब पूर्व विधायक ने काल रिसीव किया तो युवक ने खुद को बदमाश बताते हुए सीधे धमकी दे डाली। काल करने वाले ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी। साथ ही उनके परिचित अधिकारी मंजू पांडेय की दिल्ली में पढ़ने वाली बेटी को दिल्ली से ही उठवा लेने की बात कही।
पूर्व विधायक ने तत्काल इसकी जानकारी एसएसपी रजनेश सिंह को मोबाइल पर दी।
इसके बाद उन्होंने सकरी थाना पहुंचकर घटना की शिकायत की है। पूर्व विधायक की शिकायत पर सकरी पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। साइबर सेल के सहारे आरोपित की पहचान करने कोशिश की जा रही है।
पुलिस की प्राथमिक जांच में पता चला है कि धमकी देने वाले का मोबाइल नंबर दिल्ली का है। इधर पूछताछ में पता चला है कि अधिकारी की बेटी दिल्ली में रहकर पढ़ाई करती है। फिलहाल वह शहर में है।
इधर पुलिस इस बात का भी पता लगाने प्रयास कर रही है कि अधिकारी की बेटी का अपहरण करने की धमकी देने वाले ने पूर्व विधायक के मोबाइल पर काल क्यों किया। साथ ही उसने पूर्व विधायक से रुपए क्यों मांगे हैं। फिलहाल पूरे मामले की जांच की जा रही है।
राजपुर नगर में आवारा पशुओं का आतंक, डॉक्टर के एक्सयूवी की टक्कर से एक मवेशी की मौत, एफआईआर दर्ज
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर-
बलरामपुर जिले के राजपुर थाना अंतर्गत महुआपारा में बुधवार को शाम लगभग 4 बजे एक्सयूवी की टक्कर से एक मवेशी की मौत हो गई वहीं वाहन को क्षति पहुंची हैं। वाहन राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ डॉक्टर प्रशांत कुमार पंखा चला रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार डॉ प्रशांत ने शराब के नशे में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए मवेशी को टक्कर मार दी जिससे उसकी मौत हो गई।
मौके पर अफरा तफरी का माहौल निर्मित हो गया। सूचना लगते ही नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह मौके पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित किया।

सहयोगियों के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष पहुंचे थाने, कई धाराओं में मामला दर्ज
घटना के बाद जिला पंचायत सदस्य रवि प्रताप मरावी, चतुर्भुज कुमार ,संतोष तिवारी, विष्णुदेव , प्रदीप जायसवाल, तेज कुमार शांडिल्य के साथ नगर पंचायत अध्यक्ष धरम सिंह थाने पहुंचे और एक डॉक्टर जैसे जिम्मेदार शक्श के द्वारा शराब के नशे में लापरवाही पूर्वक वाहन चलाने को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की।
थाना प्रभारी भारद्वाज सिंह ने बताया कि डॉक्टर प्रशांत कुमार पंखा के द्वारा लापरवाही पूर्वक शराब के नशे में एक मवेशी को टक्कर मार दिया गया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। रिपोर्ट पर डॉ प्रशांत पंखा पिता शोभनाथ(33वर्ष) के विरुद्ध धारा 281, 325 BNS और मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 285 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
किसानों की आय बढ़ाने की नई पहलः किसान वृक्ष मित्र योजना में 5 एकड़ तक 100% अनुदान : आलोक बाजपेयी
विकास कुमार यादव- बिहान छत्तीसगढ़
राजपुर -
बलरामपुर जिले के राजपुर गेउर हरीतिमा नर्सरी में बुधवार को वन विभाग के द्वारा छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों की आय दोगुनी करने और काष्ठ आधारित उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वाकांक्षी योजना शुरू की है। किसान वृक्ष मित्र योजना के तहत किसानों को वाणिज्यिक पेड़ों के रोपण के लिए विशेष आर्थिक सहायता दी जाएगी।
योजना में सागौन, बांस, गम्हार और क्लोनल नीलगिरी जैसे व्यावसायिक महत्व के पौधों का रोपण किया जाएगा। एक पेड़ मां के नाम पर क्षेत्रीय विधायिका उदेश्वरी पैकरा, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी व जनप्रतिनिधियों ने पौधरोपण किया। वही नगर पंचायत के सेमरा-बकसपुर बाड़ी में वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी ने पहुंचकर किसानों, वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया।
वन मंडलाधिकारी आलोक कुमार बाजपेयी ने कहा कि सरकार पांच एकड़ तक की भूमि पर 100% और इससे अधिक भूमि पर 50% तक का अनुदान देगी। किसानों को आर्थिक लाभ होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी। अनुदान की राशि सीधे खाते में आएगी। वन विभाग की देखरेख में संचालित इस योजना में सभी भूमि स्वामी, सरकारी संस्थाएं, पंचायतें और निजी शिक्षण संस्थाएं भाग ले सकती हैं। अनुदान की राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में स्थानांतरित की जाएगी।
क्षेत्रीय विधायिका उदेश्वरी पैकरा ने कहा कि "किसान वृक्ष मित्र योजना का मतलब है किसानों के पास मौजूद पेड़-पौधों की संपत्ति। यह योजना किसानों को उनकी निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिससे उनकी आय बढ़े और पर्यावरण को भी लाभ हो।
उप वन मंडलाधिकारी आरएसएल श्रीवास्तव ने कहा कि "किसान वृक्ष मित्र योजना" एक व्यापक अवधारणा है जिसमें किसानों के पास मौजूद पेड़-पौधे, जंगल, और वाणिज्यिक वृक्षारोपण शामिल हैं। छत्तीसगढ़ सरकार की "किसान वृक्ष मित्र योजना" एक ऐसी पहल है जो किसानों को उनकी निजी भूमि पर व्यावसायिक वृक्षारोपण करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
वन परिक्षेत्राधिकारी महाजन लाल साहू ने कहा कि वृक्षारोपण से किसानों को अतिरिक्त आय प्राप्त हो सकती है, जैसे कि लकड़ी, फल, या अन्य वन उपज से, वृक्षारोपण से पर्यावरण को कई लाभ होते हैं, जैसे कि कार्बन डाइऑक्साइड का अवशोषण, मिट्टी का संरक्षण, और वन्यजीवों के लिए आवास प्रदान करना
इस दौरान बलरामपुर उप मंडलाधिकारी संतोष पांडेय, वाड्रफनगर उप मंडलाधिकारी अनिल सिंह पैकरा, बलरामपुर वन मंडल के समस्त रेंजर, डिप्टी रेंजर, भाजपा कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि, किसान सहित वन विभाग के स्टाफगण उपस्थित थे।
राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न पदों के लिए 04 जुलाई तक दावा-आपत्ति आमंत्रित
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर -
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में विभिन्न पदों की पूर्ति के लिए आवेदन आमंत्रित किया गया था। जिसके अंतर्गत चिकित्सा अधिकारी पुरुष, फिजियोथेरापिस्ट, प्रोग्राम एसोसिएट, डेंटल सर्जन, ऑडियोलॉजिस्ट, ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट रेडियोग्राफर, लैब सुपरवाईजर, एसटीएस, फार्मासिस्ट, टेक्निकल असिस्टेंट हियरिंग इंपेयर्ड चिलर्डन, लैब टेक्नीशियन एनएचएम, लैब टेक्नीशियन बीपीएचयू, सचिविक सहायक, कनिष्ठ सचिविक सहायक, फीडिंग डेमोंस्ट्रेटर, काउंसलर एवं अटेंडेंट के पदों पर संविदा भर्ती की जानी है। प्राप्त आवेदनों का पंजीयन सह पात्र-अपात्र सूची जारी की गई है। उक्त संबंध में विस्तृत जानकारी के लिए जिले के वेबसाइट एवं कार्यालय के सूचना पटल का अवलोकन किया जा सकता है। यदि किसी अभ्यर्थी को इस सूची से आपत्ति हो तो कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी बलरामपुर में 04 जुलाई 2025 तक निर्धारित प्रारूप में पंजीकृत डाक या स्वयं उपस्थित होकर दावा-आपत्ति कर सकते हैं।
आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर प्रतापपुर में मनाया गया संविधान हत्या दिवस, मीसा बंदियों का हुआ सम्मान विधायक शकुंतला पोर्ते ने लोकतंत्र की रक्षा का किया आह्वान
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
सूरजपुर
/25 जून 2025/ छत्तीसगढ़ शासन के संस्कृति विभाग के निर्देशानुसार जिला प्रशासन सूरजपुर द्वारा जनपद पंचायत प्रतापपुर के मंगल भवन में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर संविधान हत्या दिवस का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि प्रतापपुर विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते रहीं। इस अवसर पर उन्होंने जनप्रतिनिधियों के साथ आपातकाल के दौरान मीसा एक्ट के तहत जेल गए लोकतंत्र रक्षकों और स्वतंत्रता सेनानियों को शॉल और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मानित होने वालों में श्री चरण सिंह, श्रीमती कुंती देवी, श्री रामदास सिंह, श्री राम शरण कुशवाहा, गोपाल शरण सिंह, दशरथ सिंह, अनुज सिंह, रामदयाल राजवाड़े, रामचंद्र गुप्ता, मानसाय पोर्ते, धनुषधारी, कृष्ण मुरारी शुक्ला और गल्थुराम शामिल थे। कई मीसा बंदियों और उनके परिजनों ने आपातकाल के दौरान की अपनी पीड़ा और संघर्ष साझा किया।
कार्यक्रम में आपातकाल के घटनाक्रमों पर आधारित फोटो प्रदर्शनी का आयोजन भी किया गया, जिसे विधायक श्रीमती शकुंतला पोर्ते ने अवलोकित किया। उन्होंने इस अवसर पर कहा, ’’आपातकाल भारतीय लोकतंत्र का एक काला अध्याय है, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता। यह दिवस हमें लोकतांत्रिक मूल्यों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की महत्ता का स्मरण कराता है।’’
विधायक ने युवाओं से संविधान की रक्षा और लोकतंत्र की मजबूती के लिए सदैव जागरूक रहने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आपातकाल पर परिचर्चा भी आयोजित की गई, जिसमें वक्ताओं ने तत्कालीन सरकार द्वारा लोकतंत्र की दमनकारी नीतियों की आलोचना की।
इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष श्री चंद्रमणी पैकरा, बाबूलाल अग्रवाल सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी आपातकाल के भयावह दौर पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 25 जून 1975 को तत्कालीन सरकार ने पद की लालसा और राजनीतिक लाभ के लिए संविधान की हत्या कर दी थी। इससे देश में भय का माहौल बना और नागरिकों के मौलिक अधिकारों का हनन हुआ।
इस अवसर पर अजय गोयल, रामकृपाल साहू, राजेश अग्रवाल, लाल संतोष सिंह, शशिकांत गर्ग, मुकेश तायल, श्रीमती सुखमनिया सिंह, श्रीमती मानती सिंह, संदीप अग्रवाल, राजेश्वर तिवारी, दीपक गुप्ता, संत सिंह, अक्षय तिवारी, अजितशरण सिंह, धरम सोनी, अवधेश पाण्डेय, लक्ष्मी गुप्ता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और नागरिक उपस्थित रहे।
जिले के विभिन्न स्थानों पर संबंधित विषय पर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें रेवती रमन कॉलेज सूरजपुर द्वारा भी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।