राज्य
जननेता स्व.जूदेव जी की प्रतिमा की मांग, संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव जी को दिया गया ज्ञापन
खरसिया
भारतीय जनता पार्टी खरसिया विधानसभा क्षेत्र के युवा नेता दिलीप बंटी केसरी ने चंद्रपुर की भावी विधायक, प्रदेश भाजपा की लोकप्रिय कद्दावर नेत्री संयोगिता युद्धवीर सिंह जूदेव के हरदी निवास पहुंचकर उनसे सौजन्य भेंट कर उन्हे ज्ञापन सौपा। युवा नेता बंटी ने ज्ञापन के माध्यम से रानी साहिबा से मांग की है की जूदेव समर्थकों की भावना को दृष्टिगत रखते हुए खरसिया रायगढ़ रोड स्थित रानी सागर चौक में जननेता स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी की विशालकाय प्रतिमा स्थापित की जाएं तथा रानी साहिबा से चर्चा के दौरान केसरी ने उन्हे खरसिया क्षेत्र की जन समस्याओं से भी रूबरू करवाया
बंटी केसरी ने बताया की स्व. दिलीप सिंह जूदेव जी ने भारतीय जनता पार्टी को अपने खून से सींचा है इसी का नतीजा है की आज पार्टी इस मुकाम पर पहुंच पाई है। स्व. जूदेव जी की प्रतिमा स्थापित किए जाने के लिए मैंने मुख्यमंत्री माननीय विष्णु देव साय, वित्त मंत्री माननीय ओपी चौधरी एवं भाजपा के नवनियुक्त प्रदेश उपाध्यक्ष माननीय प्रबल प्रताप सिंह जूदेव के नाम पत्र लिखकर जनभावना के अनुरूप उक्त मांग की है।
एमसीबी के सलाइन सैंपल जांच को भेजे:
एमसीबी
जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जनकपुर में सलाइन ड्रिप लगाने के बाद 7 मरीजों की हालत बिगड़ गई। मरीज पेट में दर्द, बुखार और दस्त की शिकायत लेकर अस्पताल पहुंचे थे।
जिन्हें इलाज के लिए भर्ती किया गया था। लेकिन, आईवी फ्लुड-आरएल और आईवी फ्लुड- डीएनएस चढ़ाए जाने के दौरान मरीजों को कंपकपी (सिवरिंग) होने लगी। 27 जुलाई से 7 अगस्त तक लगातार इस तरह के केस सामने आते रहे। इन 12 दिनों में सलाइन लगाने से 8 मरीजों ने कंपकपी की शिकायत की।
डॉक्टर्स द्वारा भेजी गई रिपोर्ट की पड़ताल में इसका खुलासा हुआ कि छत्तीसगढ़ मेडिकल सर्विस कार्पोरेशन लिमिटेड (सीजीएमएससी) द्वारा भेजी गई दवाइयों के उपयोग के बाद मरीजों को कंपकपी हुई है। इस घटना के बाद ड्यूटी डॉक्टर ने 1 अगस्त को RL और 8 अगस्त को DNS के संबंध में सीजीएमएससी को जानकारी दी। शिकायत के बाद पूरे प्रदेश में इस बैच की दवाइयों के उपयोग पर अस्थाई रोक लगा दी गई है। साथ ही दवाइयों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए हैं।
एक्सपर्ट डॉ राकेश गुप्ता ने कहा - RL और DNS दवाइयों के उपयोग से शरीर में कंपकपी आ सकती है। 100 में से एक-दो केस में ऐसा हो सकता है। 7-8 मरीजों में कंपकपी की शिकायत है तो दवाइयां संदिग्ध अमानक हो सकती हैं।
शिकायत के बाद संबंधित कंपनी के आईवी फ्लुड के उपयोग पर पूरे प्रदेश में अस्थाई रोक लगा दी गई है। जिस बैच से शिकायत है उस बैच के आईवी फ्लुड के सैंपल टेस्टिंग के लिए लैब में भेजे जा रहे हैं। रिपोर्ट 15 दिन बाद आ सकती है।
खरसिया शहीद दिनेश पटेल की जन्म जयंती पर कांग्रेस परिवार ने किया वृक्षारोपण अपने जीवन के खास मौके अवसर पर वृक्षारोपण जरूर करें-- वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा
आज शहीद दिनेश पटेल की जन्म जयंती पर पूर्व परंपरा अनुसार कांग्रेस जनों द्वारा वृक्षारोपण किया गया वार्ड नंबर 6 के स्कूल में पार्षद विनोद लाल राठौर एवं साथियों द्वारा शहीद दिनेश पटेल की जन्म जयंती पर वृक्षारोपण कराया गया विदित है कि पूर्व नगर सरकार द्वारा अपने कार्यकाल के 5 वर्ष में 10 अगस्त को वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है
उसी परंपरा को कायम रखते हुए आज शहीद दिनेश पटेल की जन्म जयंती को वृक्षारोपण कार्यक्रम कर उनकी याद को अमर किया तथा श्रद्धांजलि दी गई इस अवसर पर वरिष्ठ नेता सुनील शर्मा, अरुण अग्रवाल, विनोद लाला राठौर, राम किशुन, सन्यासी मेहर, टेकु रजक, और कांग्रेस परिवार के सदस्य मौजूद रहे
नेत्र परीक्षण शिविर संपन्न ,डा. मयंक दुबे का सराहनीय कार्य दो मरीजों का मुफ्त में आपरेशन किया
चाम्पा
,लायंस क्लब इंटरनेशनल के डिस्ट्रिक्ट 3233 C चाम्पा इकाई लायंस क्लब चांपा द्वारा पेंशनर वृद्ध जनों के लिए निःशुल्क नेत्र परीक्षण शिविर श्री गणेश विनायक नेत्रालय परशुराम चौक चांपा में आयोजित किया गया जिसमें 31 मरीजों का नेत्र परीक्षण डॉ मयंक दुबे नेत्र रोग विशेषज्ञ के द्वारा किया गया तथा 2 मरीजों का निःशुल्क ऑपरेशन भी किया गया डा मयंक दुबे के इस कार्य की सभी ने सराहाना की है,जिससे आंख के मरीज लाभान्वित हुवे ।
इस अवसर पर लायंस क्लब के सदस्य डॉ व्ही के अग्रवाल, डॉक्टर जी पी दुबे, डॉ काशी प्रसाद राठौर, डॉक्टर संतोष कुमार अग्रवाल, रामप्रपन्न देवांगन, सचिव लायन राजेश अग्रवाल, कोषाध्यक्ष वासुदेव देवांगन, बजरंग अग्रवाल, बैजनाथ देवांगन, विनोद अग्रवाल, किशन शर्मा उपस्थित थे जिनके सहयोग से कार्यक्रम सफलता पूर्वक संपन्न हुआ।
इस अवसर पर लायंस क्लब के सदस्यों ने डॉ मयंक दुबे को साल श्रीफल और पुष्प गुच्छ भेट कर उनके प्रति आभार व्यक्त किया । कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री गणेश विनायक नेत्रालय परशुराम चौक चांपा के सभी स्टॉफ का विशेष सहयोग रहा ।
लायंस क्लब के अध्यक्ष अधिवक्ता संतोष कुमार सोनी ने सहयोगियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लायंस क्लब चांपा के द्वारा जरूरतमंद के लिए सेवा का कार्य निरंतर किया जाता रहेगा ।उन्होंने बताया के सेवा गतिविधि के अगले क्रम में दिनांक 17 अगस्त रविवार को लायंस चौक स्थित हेमिनबाई राठौर मेमोरियल नर्सिंग होम में नवजात शिशुओं को हिमालया किट का वितरण किया जाएगा ।
रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, आने-जाने का टिकट एक साथ लेने पर मिलेगी 20 प्रतिशत की छूट
कसडोल
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की सदस्य डॉ क्रांति खूंटे ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट में बताया है कि रेल यात्रियों के लिए खुशखबरी, आने-जाने का टिकट एक साथ लेने पर मिलेगी 20 प्रतिशत की छूट यह निर्णय रेल मंत्रालय द्वारा लिया गया है,इस निर्णय का स्वागत करते हुए उन्होंने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है,डॉ क्रांति खूंटे ने बताया है कि
देशभर में जब-जब त्योहार आते हैं लगभग हर रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ देखने को मिलती है. लोगों को हजारों किलोमीटर का सफर खड़े होकर करना पड़ता है. इस भीड़ और सुरक्षित यात्रा के लिए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बड़ी सौगात दी है. इसके मुताबिक अगर आप आने और जाने दोनों का एक साथ टिकट करते हैं तो आपको 20 प्रतिशत की छूट दी जाएगी. इसको लेकर रेल मंंत्रालय ने “राउंड ट्रिप पैकेज” की शुरुआत की है.
त्योहारों के मौसम में ट्रेनों में भारी भीड़ और टिकट की मारामारी से बचाने के लिए भारतीय रेलवे ने एक नई स्कीम शुरू की है. इसका नाम है राउंड ट्रिप पैकेज फॉर फेस्टिवल रश, इस स्कीम का मकसद है यात्रियों को सस्ती दर पर आने-जाने का टिकट देकर भीड़ को अलग-अलग दिनों में बांटना ताकि यात्रा आरामदायक और सुविधाजनक हो सके.
रेलवे के मुताबिक, इस स्कीम के तहत अगर कोई यात्री आने और जाने दोनों तरफ का टिकट एक साथ बुक करता है तो वापसी के सफर के बेस किराए पर 20% की छूट दी जाएगी.
छूट सिर्फ उन्हीं यात्रियों को मिलेगी जो आने और जाने का टिकट एक ही नाम और डिटेल्स के साथ बुक करेंगे. दोनों टिकट एक ही क्लास और एक ही स्टेशन जोड़ी (O-D Pair) के होने चाहिए. आने का टिकट: 13 अक्टूबर से 26 अक्टूबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए होना चाहिए. जबकि वापसी का टिकट 17 नवंबर से 1 दिसंबर 2025 के बीच की यात्रा के लिए हो.
इस नई स्कीम के मुताबिक आने का टिकट पहले बुक करना होगा और उसके बाद कनेक्टिंग जर्नी फीचर से वापसी का टिकट बुक होगा. वापसी का टिकट बुक करते समय एडवांस रिजर्वेशन पीरियड (ARP) का नियम लागू नहीं होगा. शर्त ये हैं कि दोनों तरफ के टिकट सिर्फ कन्फर्म होने चाहिए. टिकट में कोई बदलाव (Modification) नहीं किया जा सकेगा. रिफंड की कोई सुविधा नहीं होगी. रिटर्न टिकट बुक करते समय कोई और छूट, वाउचर, पास, PTO या रेल ट्रैवल कूपन लागू नहीं होगा.
ये स्कीम सभी क्लास और सभी ट्रेनों में लागू है, जिसमें स्पेशल ट्रेनें (Trains on Demand) भी शामिल हैं. Flexi Fare वाली ट्रेनों में यह सुविधा नहीं होगी. दोनों टिकट एक ही माध्यम से बुक करने होंगे-या तो ऑनलाइन (इंटरनेट) से या फिर रिजर्वेशन काउंटर से कराना होगा. चार्ट बनने के समय अगर किराए में कोई अंतर आता है तो यात्रियों से कोई अतिरिक्त पैसा नहीं लिया जाएगा.डॉ क्रांति खूंटे ने बताया है कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का मानना है कि इस ऑफर से त्योहारों के समय यात्रियों की भीड़ अलग-अलग तारीखों में बंट जाएगी. खास ट्रेनों का दोनों तरफ से सही उपयोग होगा और यात्रियों को टिकट आसानी से मिल सकेगा. रेलवे ने इसके लिए प्रेस, मीडिया और स्टेशनों पर घोषणाओं के जरिए विस्तृत प्रचार करने के निर्देश दिए हैं.
राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण छत्तीसगढ़ टीम की बैठक में किया गया सम्मान.
जांजगीर चाम्पा.
मानवाधिकार के क्षेत्र में राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं अपराध नियंत्रण ब्यूरो छत्तीसगढ़ टीम द्वारा सर्किट हाउस जांजगीर में बैठक हुई । जिसमें ब्यूरो के नए नियमों का ध्यान रखते आगे कार्यो की प्रक्रिया पर चर्चा हुई। जिसमें बताया गया कि नए वेबसाइट के अनुसार अब नए प्रारूप में आगे कार्य किए जाएंगे और वहीं अब टीम में रहते आगे बढ़ेंगे जो अपनी सक्रियता प्रदर्शन करते हैं और छत्तीसगढ़ टीम के गरिमा का ध्यान रखते है। छत्तीसगढ़ प्रदेश अध्यक्ष डॉ जतिन्दरपाल सिंह ने कहा कि जिन्होंने बेहतर कार्य प्रदर्शन किया है हम उनकी अनुशंसा राष्टीय अध्यक्ष माननीय डॉ रणधीर कुमार से कर अवसर दे रहे इनके अलावा समस्त पदाधिकारी सदस्य एवं वालंटियर को नयी लॉगिन कराते ब्यूरो में शामिल होना पड़ेगा ।
अब जो केवल आई डी लेकर कोई कार्य में सक्रियता नहीं दिखाये उन्हें शामिल नहीं किया जाएगा क्योंकि टीम में हज़ारों कार्यकर्ता है पर कार्य नहीं करता है। इसलिए बेहतर कार्यकर्ताओं के साथ आगे बढ़ा जाएगा साथ महासम्मेलन में जिनके सम्मान प्राप्त नहीं हो पाए थे उनका भी सम्मान दिया गया। इस अवसर में छत्तीसगढ़ प्रदेश संरक्षक श्री दिलीप साहू एवं बोधी राम साहू प्रदेश सलाहकार श्री अमोलक सिंह बिलासपुर संभाग अध्यक्ष श्री विष्णु अवतार कश्यप बिलासपुर संभाग उपाध्यक्ष श्री कुलवंत सिंह जब्बल बिलासपुर संभाग महा सचिव श्री ललित कुमार बरेठ बिलासपुर संभाग संयुक्त सचिव श्री विजय कुमार यादव बिलासपुर संभाग संरक्षक श्री भरत राम साव राजेश सोनी एवं महेंद्र कश्यप बिलासपुर संभाग कानूनी सलाहकार श्रीमती विद्या राठौर जिला जांजगीर चाम्पा अध्यक्ष श्री रमेश कुमार सोनी संरक्षक श्री विजय प्रधान सारंगढ़ बिलाइगढ़ अध्यक्ष लाभों कुमार सूर्या श्री कुन्दन सिंह सोनबरिहा जिला सचिव सारंगढ़ बिलाईगढ
Shr परदेशी दास मानिकपुरी ब्लाक अध्यक्ष बिलाईगढ मीडिया ऑफिसर श्री मेलाराम कश्यप श्री अटल कश्यप सक्रिय सदस्य
श्री जय शंकर प्रसाद
श्री अजय कश्यप
श्री प्रेमकुमार साहू
श्री घनश्याम देवांगन
श्री ओमप्रकाश स्वर्णकार
श्री अशोक कुमार साहू बैठक में शामिल रहे
अल्का केशरवानी चांपा केशरवानी महिला सभा की अध्यक्ष मनोनीत...
चांपा
नगर केशरवानी महिला सभा चांपा की नए अध्यक्ष पद हेतु समाज की सक्रिय सदस्य, मिलनसार और केशरवानी समाज के सामान्य परिवार से आने वालीं अल्का केशरवानी को नगर महिला सभा का अध्यक्ष मनोनीत किया गया। गौरतलब है कि केशरवानी प्रदेश सभा के नियमानुसार नगर महिला सभा के अध्यक्ष का मनोनयन का अधिकार नगर सभा के अध्यक्ष का होता है। तथा मनोनीत किए जाने वाले अध्यक्ष व अन्य सभी पदाधिकारियों का कार्यकाल 3 वर्ष का होता है।
इनका मनोनयन केशरवानी वैश्य प्रदेश सभा के निर्देश और मार्गदर्शन में केशरवानी वैश्य सभा चांपा के अध्यक्ष मूलचन्द गुप्ता के द्वारा किया गया। तथा उन्हें निर्देश भी दिया गया है कि 15 दिवस के भीतर महिला सभा के कार्यकारिणी की घोषणा करेंगे। महिला सभा को यह भी कहा गया है कि नगर भर के महिलाओं से सामंजस्य बनाकर समाज के लिए सभी मिलकर सक्रियता से कार्य करेंगे।
अल्का केशरवानी ने अध्यक्ष मनोनीत किए जाने पर केशरवानी प्रदेश सभा और नगर सभा चांपा को धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि जिस विश्वास के साथ मुझे महिला सभा के अध्यक्ष मनोनीत किया गया। मैं पूर्ण सक्रियता से अपने पद पर निष्ठापूर्वक कार्य करूंगी और प्रदेश सभा और नगर सभा के विश्वास पर खरा उतरने का प्रयास करूंगी। मेरा सबसे पहला काम होगा कि नगर के सभी परिवारों की महिलाओं को जोड़ना और एक मंच पर लाना है, इसके बाद सबसे मिलकर आगे की रूपरेखा तैयार करके नगर सभा से सामंजस्य स्थापित कर कार्य करेंगे तथा आगामी 30 अगस्त 2025 को आयोजित होने वाली महर्षि कश्यप जी की जयंती, भव्य शोभायात्रा और प्रतिभावान विद्यार्थियों का सम्मान समारोह को सफलतापूर्वक मिलजुलकर संपन्न करेंगे।
मनेंद्रगढ़ में भाजपा मंडल ने निकाली तिरंगा यात्रा
मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर
मनेंद्रगढ़ में रविवार को भाजपा मंडल ने तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। इस यात्रा में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल मुख्य रूप से शामिल हुए। तिरंगा यात्रा भगत सिंह तिराहे से शुरू होकर शहर के विभिन्न चौक-चौराहों से होते हुए जयस्तंभ पर समाप्त हुई।
इस अवसर पर भाजपा नेताओं के साथ-साथ शहर के गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे। यात्रा के समापन पर जयस्तंभ में मालार्पण के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर पूरे देश में तिरंगा यात्राएं निकाली जा रही हैं।
स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि भारत कश्मीर से कन्याकुमारी तक एक है। देश को आजादी दिलाने के लिए कई लोगों ने अपनी जान की आहुति दी है। कश्मीर से धारा 370 हटाकर प्रधानमंत्री ने एक राष्ट्र बनाने का काम किया है। तिरंगा कश्मीर से कन्याकुमारी तक और गुजरात से असम तक सभी भारतीयों को जोड़ने का काम करता है।
केसरवानी महिला समिति चांपा के सावन उत्सव में प्रदेश सभा एवं प्रदेश महिला सभा के महामंत्री हुए शामिल...
चांपा
चांपा केसरवानी महिला समिति के सदस्यों ने हर्षोल्लास पूर्वक ओम सिटी हाटल रीत में सावन उत्सव कार्यक्रम मनाया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि छत्तीसगढ़ प्रदेश केसरवानी वैश्य सभा के महामंत्री नीलेश गुप्ता, छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला सभा की महामंत्री श्रीमती आरती राजेश गुप्ता, एवं छत्तीसगढ़ प्रदेश महिला सभा की संगठन मंत्री श्रीमती सुषमा नीलेश गुप्ता के अलावा विशिष्ट अतिथि चांपा वैश्य कल्याण समिति के अध्यक्ष मूलचंद गुप्ता, महामंत्री गौरव गुप्ता व कोषाध्यक्ष देवी प्रसाद गुप्ता सम्मिलित हुए। अध्यक्षता केसरवानी महिला समिति चांपा की अध्यक्ष श्रीमती शांता महेंद्र गुप्ता ने की।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती जी एवं महर्षि कश्यप जी की तैल चित्र के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर पूजा आराधना कर वंदना किया गया। तत्पश्चात सभी मंचस्त अतिथियों का स्वागत अध्यक्ष श्रीमती शांता गुप्ता एवं समिति के पदाधिकारियों के द्वारा तिलक लगाकर पुष्प गुच्छ और श्रीफल भेंटकर किया गया।
तत्पश्चात अपने उद्बोधन में प्रदेश महामंत्री नीलेश गुप्ता ने समाज को संगठित होकर समाज को आगे बढ़ाने की बात कही। छत्तीसगढ़ केसरवानी प्रदेश महिला सभा की महामंत्री श्रीमती आरती राजेश गुप्ता ने कहा कि केसरवानी महिला समिति चांपा की अध्यक्ष श्रीमती शांता गुप्ता के अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में आज तक सबसे सराहनीय कार्य चांपा केसरवानी महिला समिति के द्वारा किया जा रहा है जिसके लिए चांपा केसरवानी महिला समिति बधाई के पात्र हैं l
समिति की अध्यक्ष श्रीमती शांता गुप्ता ने अपने उद्बोधन में सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि केसरवानी महिला समिति चांपा मेरे नौ वर्ष का अर्थात तीन कार्यकाल में सभी पदाधिकारियों एवं सदस्यों के के सहयोग से अच्छे कार्य कर पूरे छत्तीसगढ़ प्रदेश में अपना परचम लहराया है इस सहयोग के लिए मेरी चांपा केसरवानी महिला समिति के हर सदस्य बधाई के पात्र हैं। मेरा कार्यकाल पूर्ण हो चुका है और आगे जो भी अध्यक्ष बनेंगे उन्हें हम सबका सहयोग और मार्गदर्शन हमेशा मिलता रहेगा। समाज के पदाधिकारी समाज के सेवक होते हैं समाज को सुचारू रूप से चलाने के लिए ही समाज का संगठन किया जाता है इस बात का हमें हमेशा याद रखना चाहिए।
कार्यक्रम की कुमारी नवी बानी के द्वारा गणेश जी की वंदना, कुमारी मेघा गुप्ता एवं आशी केसरवानी के द्वारा स्वागत गीत नृत्य प्रस्तुत किया गया हरे परिधान में सजी संवरी महिलाओं का एकल और सामूहिक डांस प्रदेश महिला महामंत्री के साथ प्रस्तुति दी गई इस अवसर को केसरवानी महिला समिति चांपा की ऊर्जावान अध्यक्ष ने सावन गीत गाकर खुशनुमा माहौल बना दिया बना दिया
इस अवसर वृक्षारोपण कर उसकी देखभाल कर पर्यावरण संरक्षण को बचाने का संकल्प लिया गया और सावन सुंदरी का चयन प्रदेश महिला महामंत्री श्रीमती आरती राजेश गुप्ता के द्वारा चिट निकाल कर किया गया जिसमें सरिता गुप्ता विजयी रहीं
कार्यक्रम का संचालन प्रदेश शिक्षा मंत्री श्रीमती रत्नप्रभा केसरवानी ने किया सावन उत्सव कार्यक्रम में केसरवानी महिला समिति की अध्यक्ष श्रीमती शांता गुप्ता, सचिव रेखा केसरवानी, कोषाध्यक्ष रिंकी गुप्ता, केसरवानी वैश्य कल्याण समिति चांपा के अध्यक्ष मूलचंद गुप्ता, महामंत्री गौरव गुप्ता, कोषाध्यक्ष देवी गुप्ता, केसरवानी महिला समिति चांपा से क्षमा, अलका, तृप्ति ,दुर्गेश सुशीला, मीनू, सिंकी,मंजू, प्रियंका, सरिता,अनुपमा मनीषा शीला,सरला,प्रिती, वर्षा, ज्ञानेश्वरी, कुमारी दिव्या,कृतिका,मान्या, मिल्की,अवी,अंश,मौली के अलावा बड़ी संख्या में केसरवानी समाज की महिलाएं शामिल होकर कार्यक्रम को सफल बनाया आभार व्यक्त सचिव रेखा केसरवानी ने किया स्नेह भोज के बाद कार्यक्रम का समापन किया गया
ये है देश का पहला प्राइवेट रेलवे स्टेशन, फाइव स्टार होटल जैसी सुविधाएं, जानिए कौन है मालिक
कसडोल
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की जोनल रेल उपभोक्ता सलाहकार समिति की सदस्य डॉ .क्रांति खूंटे ने हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेट में बताया है कि भारत में रेलवे को अक्सर एक पुरानी और भीड़-भाड़ वाली परिवहन व्यवस्था के रूप में देखा जाता रहा है। लेकिन, अब यह धारणा तेज़ी से बदल रही है। आज हम आपको देश के एक ऐसे रेलवे स्टेशन के बारे में जानकारी दे रहे हैं जिसने भारतीय रेलवे के इतिहास में एक नया अध्याय लिखा है। यह सिर्फ एक स्टेशन नहीं, बल्कि देश के पहले विश्व स्तरीय और निजी रेलवे स्टेशन का गौरव हासिल कर चुका है, जिसकी आधुनिक सुविधाएं देखकर आप किसी एयरपोर्ट में होने का अनुभव करेंगे।
भारत का पहला पी पी पी मॉडल पर बना स्टेशन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 नवंबर 2021 को मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का उद्घाटन किया था। इसे पहले हबीबगंज स्टेशन के नाम से जाना जाता था। यह स्टेशन सार्वजनिक-निजी भागीदारी पी पी पी के तहत विकसित किया गया है, जो इस बात का प्रमाण है कि निजी क्षेत्र की कुशलता और सरकारी इंफ्रास्ट्रक्चर मिलकर कितनी बड़ी क्रांति ला सकते हैं। इस स्टेशन का विकास बंसल ग्रुप ने किया है। डॉ .क्रांति खूंटे ने आगे बताया है कि
इस स्टेशन को जर्मनी के हीडलबर्ग रेलवे स्टेशन की तर्ज पर बनाया गया है, जो अपनी वास्तुकला और आधुनिक सुविधाओं के लिए प्रसिद्ध है। इस प्रोजेक्ट को बंसल ग्रुप ने इंडियन रेलवे स्टेशन डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (IRSDC) के साथ मिलकर सफलतापूर्वक पूरा किया। ध्यान देने वाली बात है कि स्टेशन का स्वामित्व भारतीय रेल के पास ही है, लेकिन ऑपरेशंस और रखरखाव की जिम्मेदारी निजी क्षेत्र को सौंपी गई है, जिससे सेवाएं बेहतर हो रही हैं लेकिन सार्वजनिक नियंत्रण भी बना हुआ है।
एयरपोर्ट जैसी सुविधाएं हैं इस रेलवे स्टेशन में
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन पर कदम रखते ही आपको किसी एयरपोर्ट जैसी अनुभूति होगी। यहां की कुछ प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं:
* अत्याधुनिक वास्तुकला: स्टेशन की इमारत को बेहद आधुनिक और आकर्षक रूप दिया गया है। कांच और स्टील से बनी संरचना, विशाल प्रवेश द्वार और एक भव्य वेटिंग एरिया इसे एक शानदार लुक देते हैं।
* चौबीसों घंटे सुरक्षा: यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्टेशन पर लगभग 162 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जो हर गतिविधि पर चौबीसों घंटे नज़र रखते हैं।
* स्वच्छता और सुविधाएं: स्टेशन परिसर में स्वच्छता का विशेष ध्यान रखा गया है। यहां वातानुकूलित वेटिंग रूम, वीआईपी लाउंज, बच्चों के लिए प्ले एरिया और फूड कोर्ट जैसी सुविधाएं हैं।
* दिव्यांगों के लिए विशेष व्यवस्था: स्टेशन पर दिव्यांग यात्रियों के लिए लिफ्ट, एस्केलेटर और रैंप की सुविधा है, जिससे उन्हें प्लेटफॉर्म तक पहुँचने में कोई दिक्कत न हो।
* सुलभता: यात्रियों को प्लेटफॉर्म तक पहुँचने के लिए अंडरपास और फुटओवर ब्रिज की सुविधा है, जिससे उन्हें रेलवे ट्रैक पार करने की ज़रूरत नहीं पड़ती।
* मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी: स्टेशन को शहर के मेट्रो और बस स्टॉप से भी जोड़ा जाएगा, जिससे यात्रियों को यहां तक पहुंचने में आसानी होगी।
रानी कमलापति रेलवे स्टेशन का यह मॉडल देश के अन्य रेलवे स्टेशनों के लिए भी एक प्रेरणा का स्रोत है। यह पहल भारतीय रेलवे को वैश्विक मानकों के अनुरूप लाने और उसे ‘आत्मनिर्भर भारत’ के सपने के साथ जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है। रानी कमलापति रेलवे स्टेशन ने यह साबित कर दिया है कि अगर इच्छा शक्ति हो, तो बदलाव संभव है और यह बदलाव ही भारत को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा। डॉ. क्रांति खूंटे ने माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के इस परियोजना की जितनी भी तारीफ की जाए कम ही होगी।
छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के तीन अधिवक्ता बने वरिष्ठ अधिवक्ता
बिलासपुर, छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने तीन अधिवक्ताओं को वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में मान्यता प्रदान की है। यह आदेश अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 16 नथा छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय वरिष्ठ अधिवक्ताओं के नामांकन) नियम, 2018 के अंतर्गत पारित किया गया है।
नामित वरिष्ठ अधिवक्ता
अशोक कुमार वर्मा,परांजपे जी,सुनील ओटवानी
रजिस्ट्रार जनरल द्वारा जारी अधिसूचना क्रमांक 15708/एससीडीएसए/2025 के अनुसार यह नामांकन तत्काल प्रभात से लागू हो गया है।
सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों के अनुरूप फैसला
यह निर्णय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 12 अक्टूबर 2017 को इंदिरा जयसिंह बनाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय मामले में जारी दिशा-निर्देशों के आलोक में लिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने वरिष्ठ अधिवक्ताओं के चयन को लेकर स्पष्ट प्रक्रिया और मानक तय किए थे, जिनका पालन इस नियुक्ति में किया गया है फुल कोर्ट ने किया अनुमोदन उच्च न्यायालय की फुल कोर्ट ने तीनों अधिवताओं के विधिक अनुभव, पेशेवर और कानून क्षेत्र में योगदान के आधार पर अनुमोदन प्रदान किया। यह कदम बार में उत्कृए विधिक क्षमता को मान्यता देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं की भूमिका पर प्रतिक्रिया
हाईकोर्ट अधिवक्ता अमित सोनी ने कहा,
> "वरिष्ठ अधिवक्ता की मान्यता केवल प्रतीकात्मक नहीं होती, बल्कि यह उत्कृष्ट वकालत, दीर्घ अनुभव और नैतिक की सार्वजनिक स्वीकृति होती है। इससे अधिवक्ताओं को अदालत में विशेषाधिकार प्राप्त होते हैं और न्यापिक प्रक्रिया की गुणवत्ता भी सुदृढ़ होती है।"
यादव समाज ने राज्यपाल के नाम सौंपा गया ज्ञापन
खरसिया
छत्तीसगढ़ के यादव समाज की सामाजिक न्याय की पुकार अब बुलंद हो चुकी है। तहसील खरसिया जिला रायगढ़ अंतर्गत छत्तीसगढ़ यादव समाज के प्रतिनिधियों ने आज दिनांक को राज्यपाल के नाम एक महत्वपूर्ण ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) खरसिया के माध्यम से प्रेषित किया गया, जिसमें “रावत उपनामधारी यादव समाज” के उन वर्गों को केन्द्र सरकार की ओबीसी सूची में शामिल करने की मांग की गई है जो अभी तक इस महत्वपूर्ण सामाजिक अधिकार से वंचित हैं।
ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि छत्तीसगढ़ में निवासरत रावत उपनामधारी यादव समाज के अनेक उपवर्ग अब भी केन्द्र की ओबीसी (पिछड़ा वर्ग) सूची में शामिल नहीं हैं, जिसके कारण उन्हें शैक्षणिक, आर्थिक व सामाजिक विकास की योजनाओं का समुचित लाभ नहीं मिल पा रहा है। यह स्थिति एक प्रकार से सामाजिक असमानता को दर्शाती है।
क्या नकली पनीर की खपत जांजगीर-चांपा जिले में भी हो रही है ?” प्रदेश में खाद्य सुरक्षा पर सवाल, स्वास्थ्य से हो रहा खिलवाड़
जांजगीर-चांपा
,रायपुर में हाल ही में 700 किलो नकली पनीर जब्त होने की घटना ने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया है। यह न सिर्फ एक बड़ी खाद्य सुरक्षा विफलता को उजागर करता है, बल्कि यह सवाल भी उठाता है कि क्या ऐसे नकली और मिलावटी उत्पाद अब जांजगीर-चांपा जैसे ज़िलों में भी खुलेआम बिक रहे हैं?
फ़ूड विभाग की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
प्रदेश भर में खाद्य सुरक्षा विभाग की भूमिका पर पहले भी कई बार सवाल उठते रहे हैं। लेकिन लगातार हो रही मिलावटी सामानों की बरामदगी, खासकर त्योहारों और भीड़भाड़ के मौसम में, यह साबित करती है कि विभाग की निगरानी या तो नाममात्र की है या फिर गंभीरता का अभाव है।
नकली पनीर – एक खामोश ज़हर
पनीर जैसी रोज़मर्रा की चीज़ में जब मिलावट होती है, तो वह केवल स्वाद को नहीं, बल्कि स्वास्थ्य को सीधा नुकसान पहुंचाता है। इसमें उपयोग होने वाले सिंथेटिक रसायन, मिलावटी दूध और केमिकल्स, लिवर, किडनी, और पाचन तंत्र पर गंभीर प्रभाव डाल सकते हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।
जांजगीर-चांपा जिले में भी है खतरे की आशंका
हालांकि अब तक जांजगीर-चांपा जिले से नकली पनीर की जब्ती की कोई बड़ी सूचना नहीं आई है, लेकिन रायपुर जैसी राजधानी में जब इतने बड़े पैमाने पर नकली पनीर पकड़ा जा सकता है, तो यह मानना भी मुश्किल नहीं कि छोटे ज़िलों और कस्बों में भी यह ज़हर दुकानों के ज़रिए घर-घर तक पहुंच रहा हो। स्थानीय बाजारों में बिक रहे सस्ते और संदिग्ध गुणवत्ता वाले पनीर के स्रोतों की जांच अब समय की मांग बन गई है।
जनता में रोष, अधिकारियों से सख्ती की माँग
स्थानीय उपभोक्ता अब सजग हो रहे हैं, लेकिन जब तक प्रशासन, खाद्य सुरक्षा विभाग और नगर निकाय सक्रियता नहीं दिखाएंगे, तब तक मिलावटखोरों का यह खेल यूं ही चलता रहेगा। आम जनता ने प्रशासन से नियमित छापेमारी, नमूना परीक्षण और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
खाद्य सुरक्षा कोई विकल्प नहीं, बल्कि अधिकार है।
जब पनीर जैसी बुनियादी चीज़ भी नकली बिकने लगे तो यह केवल कानून का उल्लंघन नहीं, बल्कि लोगों की सेहत के साथ किया गया घिनौना मज़ाक है। अब समय आ गया है कि शासन प्रशासन ज़मीनी स्तर पर कार्रवाई कर यह भरोसा दिलाए कि जनता की थाली में ज़हर नहीं, पोषण परोसा जा रहा है। जिला प्रशासन को इस ओर विशेष ध्यान देकर कड़ी से कड़ी कार्यवाही करने की आवश्यकता है।
अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित डॉ .क्रांति खूंटे ने रक्षाबंधन पर देशवासियों को शुभकामनाएं दी...
..कसडोल अन्तर्राष्ट्रीय महिला पुरुस्कार से सम्मानित डॉ .क्रांति खूंटे ने रक्षाबंधन पर्व पर देशवासियों को शुभकामनाएं देते हुए हमारे प्रतिनिधि को एक विशेष भेंट में बताया है कि रक्षा बंधन भारतीय धर्म संस्कृति के अनुसार रक्षाबन्धन का त्योहार श्रावण माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। यह त्योहार भाई-बहन को स्नेह की डोर में बांधता है। इस दिन बहन अपने भाई के मस्तक पर टीका लगाकर रक्षा का बन्धन बांधती है, जिसे राखी कहते हैं। यह एक हिन्दू व जैन त्योहार है जो प्रतिवर्ष श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है। श्रावण (सावन) में मनाये जाने के कारण इसे श्रावणी (सावनी) या सलूनो भी कहते हैं। रक्षाबन्धन में राखी या रक्षासूत्र का सबसे अधिक महत्त्व है। राखी कच्चे सूत जैसे सस्ती वस्तु से लेकर रंगीन कलावे, रेशमी धागे, तथा सोने या चाँदी जैसी मँहगी वस्तु तक की हो सकती है। रक्षाबंधन भाई बहन के रिश्ते का प्रसिद्ध त्योहार है, रक्षा का मतलब सुरक्षा और बंधन का मतलब बाध्य है। रक्षाबंधन के दिन बहने भगवान से अपने भाईयों की तरक्की के लिए भगवान से प्रार्थना करती है। राखी सामान्यतः बहनें भाई को ही बाँधती हैं परन्तु ब्राह्मणों, गुरुओं और परिवार में छोटी लड़कियों द्वारा सम्मानित सम्बंधियों (जैसे पुत्री द्वारा पिता को) भी बाँधी जाती है। कभी-कभी सार्वजनिक रूप से किसी नेता या प्रतिष्ठित व्यक्ति को भी राखी बाँधी जाती है। रक्षाबंधन के दिन भाई अपने बहन को राखी के बदले कुछ उपहार देते है।
डॉ .क्रांति खूंटे ने आगे बताया है कि हिन्दू धर्म के सभी धार्मिक अनुष्ठानों में रक्षासूत्र बाँधते समय कर्मकाण्डी पण्डित या आचार्य संस्कृत में एक श्लोक का उच्चारण करते हैं, जिसमें रक्षाबन्धन का सम्बन्ध राजा बलि से स्पष्ट रूप से दृष्टिगोचर होता है (यह श्लोक रक्षाबन्धन का अभीष्ट मन्त्र -)-
येन बद्धो बलिराजा दानवेन्द्रो महाबल:।
तेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल ॥
इस श्लोक का हिन्दी भावार्थ है- "जिस रक्षासूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बलि को बाँधा गया था, उसी सूत्र से मैं तुझे बाँधता हूँ। हे रक्षे (राखी)! तुम अडिग रहना (तू अपने संकल्प से कभी भी विचलित न हो।)"
प्रातः स्नानादि से निवृत्त होकर लड़कियाँ और महिलाएँ पूजा की थाली सजाती हैं। थाली में राखी के साथ रोली या हल्दी, चावल, दीपक, मिठाई और कुछ पैसे भी होते हैं।लड़के और पुरुष तैयार होकर टीका करवाने के लिये पूजा या किसी उपयुक्त स्थान पर बैठते हैं। पहले अभीष्ट देवता की पूजा की जाती है, इसके बाद रोली या हल्दी से भाई का टीका करके चावल को टीके पर लगाया जाता है और सिर पर छिड़का जाता है, उसकी आरती उतारी जाती है, दाहिनी कलाई पर राखी बाँधी जाती है और पैसों से न्यौछावर करके उन्हें गरीबों में बाँट दिया जाता है। भारत के अनेक प्रान्तों में भाई के कान के ऊपर भोजली या भुजरियाँ लगाने की प्रथा भी है। भाई बहन को उपहार या धन देता है। इस प्रकार रक्षाबन्धन के अनुष्ठान को पूरा करने के बाद ही भोजन किया जाता है। प्रत्येक पर्व की तरह उपहारों और खाने-पीने के विशेष पकवानों का महत्त्व रक्षाबन्धन में भी होता है। आमतौर पर दोपहर का भोजन महत्त्वपूर्ण होता है और रक्षाबन्धन का अनुष्ठान पूरा होने तक बहनों द्वारा व्रत रखने की भी परम्परा है। पुरोहित तथा आचार्य सुबह-सुबह यजमानों के घर पहुँचकर उन्हें राखी बाँधते हैं और बदले में धन, वस्त्र और भोजन आदि प्राप्त करते हैं। यह पर्व भारतीय समाज में इतनी व्यापकता और गहराई से समाया हुआ है कि इसका सामाजिक महत्त्व तो है ही, धर्म, पुराण, इतिहास, साहित्य और फ़िल्में भी इससे अछूते नहीं हैं।
भगवान को वामनावतार के बाद पुन: लक्ष्मी के पास जाना था लेकिन भगवान ये वचन देकर फंस गए और वे वहीं रसातल में बली की सेवा में रहने लगे। उधर, इस बात से माता लक्ष्मी चिंतित हो गई। ऐसे में नारदजी ने लक्ष्मीजी को एक उपाय बताया। तब लक्ष्मीजी ने राजा बली को राखी बांध अपना भाई बनाया और अपने पति को अपने साथ ले आईं। उस दिन श्रावण मास की पूर्णिमा तिथि थी। तभी से यह रक्षा बंधन का त्योहार प्रचलन में हैं।
डॉ .क्रांति खूंटे ने आगे कहा है कि आज भी रक्षा बंधन में राखी बांधते वक्त या किसी मंगल कार्य में मौली बांधते वक्त यह श्लोक बोला जाता है:-
‘येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबल:।*
तेन त्वामनुबध्नामि रक्षे माचल-माचल:।।’*
अर्थात् जिस रक्षा सूत्र से महान शक्तिशाली दानवेन्द्र राजा बली को बांधा गया था, उसी रक्षा सूत्र से मैं तुम्हें बांधता-बंधती हूं, जो तुम्हारी रक्षा करेगा। हे रक्षे! (रक्षासूत्र) तुम चलायमान न हो, चलायमान न हो या आप अपने वचन से कभी विचलित न होना।
सदैव प्रसन्न रहिए I*
जो प्राप्त है, पर्याप्त है I I*
भारतीय स्वतन्त्रता संग्राम में जन जागरण के लिये भी इस पर्व का सहारा लिया गया। श्री रवीन्द्रनाथ ठाकुर ने बंग-भंग का विरोध करते समय रक्षाबन्धन त्यौहार को बंगाल निवासियों के पारस्परिक भाईचारे तथा एकता का प्रतीक बनाकर इस त्यौहार का राजनीतिक उपयोग आरम्भ किया। 1905 में उनकी प्रसिद्ध कविता "मातृभूमि वन्दना" का प्रकाशन हुआ जिसमें वे लिखते हैं-
"हे प्रभु! मेरे बंगदेश की धरती, नदियाँ, वायु, फूल - सब पावन हों;
है प्रभु! मेरे बंगदेश के, प्रत्येक भाई बहन के उर अन्तःस्थल, अविछन्न, अविभक्त एवं एक हों।"
(बांग्ला से हिन्दी अनुवाद)
सन् 1905 में लॉर्ड कर्ज़न ने बंग भंग करके वन्दे मातरम् के आन्दोलन से भड़की एक छोटी सी चिंगारी को शोलों में बदल दिया। 16 अक्टूबर 1905 को बंग भंग की नियत घोषणा के दिन रक्षा बन्धन की योजना साकार हुई और लोगबाग गंगा स्नान करके सड़कों पर यह कहते हुए उतर आये-
सप्त कोटि लोकेर करुण क्रन्दन, सुनेना सुनिल कर्ज़न दुर्जन;
ताइ निते प्रतिशोध मनेर मतन करिल, आमि स्वजने राखी बन्धन
उत्तरांचल में इसे श्रावणी कहते हैं। इस दिन यजुर्वेदी द्विजों का उपकर्म होता है। उत्सर्जन, स्नान-विधि, ॠषि-तर्पणादि करके नवीन यज्ञोपवीत धारण किया जाता है। ब्राह्मणों का यह सर्वोपरि त्यौहार माना जाता है। वृत्तिवान् ब्राह्मण अपने यजमानों को यज्ञोपवीत तथा राखी देकर दक्षिणा लेते हैं।
अमरनाथ की अतिविख्यात धार्मिक यात्रा गुरु पूर्णिमा से प्रारम्भ होकर रक्षाबन्धन के दिन सम्पूर्ण होती है। कहते हैं इसी दिन यहाँ का हिमानी शिवलिंग भी अपने पूर्ण आकार को प्राप्त होता है।इस उपलक्ष्य में इस दिन अमरनाथ गुफा में प्रत्येक वर्ष मेले का आयोजन भी होता है।
महाराष्ट्र राज्य में यह त्योहार नारियल पूर्णिमा या श्रावणी के नाम से विख्यात है। इस दिन लोग नदी या समुद्र के तट पर जाकर अपने जनेऊ बदलते हैं और समुद्र की पूजा करते हैं। इस अवसर पर समुद्र के स्वामी वरुण देवता को प्रसन्न करने के लिये नारियल अर्पित करने की परम्परा भी है। यही कारण है कि इस एक दिन के लिये मुंबई के समुद्र तट नारियल के फलों से भर जाते हैं।
राजस्थान में रामराखी और चूड़ाराखी या लूंबा बाँधने का रिवाज़ है। रामराखी सामान्य राखी से भिन्न होती है। इसमें लाल डोरे पर एक पीले छींटों वाला फुँदना लगा होता है। यह केवल भगवान को ही बाँधी जाती है। चूड़ा राखी भाभियों की चूड़ियों में बाँधी जाती है। जोधपुर में राखी के दिन केवल राखी ही नहीं बाँधी जाती, बल्कि दोपहर में पद्मसर और मिनकानाडी पर गोबर[ख], मिट्टी[ग] और भस्मी[घ] से स्नान कर शरीर को शुद्ध किया जाता है। इसके बाद धर्म तथा वेदों के प्रवचनकर्त्ता अरुंधती, गणपति, दुर्गा, गोभिला तथा सप्तर्षियों के दर्भ के चट (पूजास्थल) बनाकर उनकी मन्त्रोच्चारण के साथ पूजा की जाती हैं। उनका तर्पण कर पितृॠण चुकाया जाता है। धार्मिक अनुष्ठान करने के बाद घर आकर हवन किया जाता है, वहीं रेशमी डोरे से राखी बनायी जाती है। राखी को कच्चे दूध से अभिमन्त्रित करते हैं और इसके बाद ही भोजन करने का प्रावधान है। उन्होंने बताया है ऊ
तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र और उड़ीसा के दक्षिण भारतीय ब्राह्मण इस पर्व को अवनि अवित्तम कहते हैं। यज्ञोपवीतधारी ब्राह्मणों के लिये यह दिन अत्यन्त महत्वपूर्ण है। इस दिन नदी या समुद्र के तट पर स्नान करने के बाद ऋषियों का तर्पण कर नया यज्ञोपवीत धारण किया जाता है। गये वर्ष के पुराने पापों को पुराने यज्ञोपवीत की भाँति त्याग देने और स्वच्छ नवीन यज्ञोपवीत की भाँति नया जीवन प्रारम्भ करने की प्रतिज्ञा ली जाती है। इस दिन यजुर्वेदीय ब्राह्मण 6 महीनों के लिये वेद का अध्ययन प्रारम्भ करते हैं। इस पर्व का एक नाम उपक्रमण भी है जिसका अर्थ है- नयी शुरुआत।व्रज में हरियाली तीज (श्रावण शुक्ल तृतीया) से श्रावणी पूर्णिमा तक समस्त मन्दिरों एवं घरों में ठाकुर झूले में विराजमान होते हैं। रक्षाबन्धन वाले दिन झूलन-दर्शन समाप्त होते हैं।
उत्तर प्रदेश: श्रावण मास की पूर्णिमा के दिन रक्षा बंधन का पर्व मनाया जाता है। रक्षा बंधन के अवसर पर बहिन अपना सम्पूर्ण प्यार रक्षा (राखी ) के रूप में अपने भाई की कलाई पर बांध कर उड़ेल देती है। भाई इस अवसर पर कुछ उपहार देकर भविष्य में संकट के समय सहायता देने का बचन देता है।
एक ऐतिहासिक प्रसंग यह भी है कि राजपूत जब लड़ाई पर जाते थे तब महिलाएँ उनको माथे पर कुमकुम तिलक लगाने के साथ साथ हाथ में रेशमी धागा भी बाँधती थी। इस विश्वास के साथ कि यह धागा उन्हे विजयश्री के साथ वापस ले आयेगा। राखी के साथ एक और प्रसिद्ध कहानी जुड़ी हुई है।कहते हैं, मेवाड़ की रानी कर्मावती को बहादुरशाह द्वारा मेवाड़ पर हमला करने की पूर्व सूचना मिली। रानी लड़ऩे में असमर्थ थी अत: उसने मुगल बादशाह हुमायूँ को राखी भेज कर रक्षा की याचना की। हुमायूँ ने मुसलमान होते हुए भी राखी की लाज रखी और मेवाड़ पहुँच कर बहादुरशाह के विरूद्ध मेवाड़ की ओर से लड़ते हुए कर्मावती व उसके राज्य की रक्षा की। एक अन्य प्रसंगानुसार सिकन्दर की पत्नी ने अपने पति के हिन्दू शत्रु पुरूवास को राखी बाँधकर अपना मुँहबोला भाई बनाया और युद्ध के समय सिकन्दर को न मारने का वचन लिया। पुरूवास ने युद्ध के दौरान हाथ में बँधी राखी और अपनी बहन को दिये हुए वचन का सम्मान करते हुए सिकन्दर को जीवन-दान दिया।
महाभारत में भी इस बात का उल्लेख है कि जब ज्येष्ठ पाण्डव युधिष्ठिर ने भगवान कृष्ण से पूछा कि मैं सभी संकटों को कैसे पार कर सकता हूँ तब भगवान कृष्ण ने उनकी तथा उनकी सेना की रक्षा के लिये राखी का त्योहार मनाने की सलाह दी थी। उनका कहना था कि राखी के इस रेशमी धागे में वह शक्ति है जिससे आप हर आपत्ति से मुक्ति पा सकते हैं। इस समय द्रौपदी द्वारा कृष्ण को तथा कुन्ती द्वारा अभिमन्यु को राखी बाँधने के कई उल्लेख मिलते हैं।महाभारत में ही रक्षाबन्धन से सम्बन्धित कृष्ण और द्रौपदी का एक और वृत्तान्त भी मिलता है। जब कृष्ण ने सुदर्शन चक्र से शिशुपाल का वध किया तब उनकी तर्जनी में चोट आ गई। द्रौपदी ने उस समय अपनी साड़ी फाड़कर उनकी उँगली पर पट्टी बाँध दी। यह श्रावण मास की पूर्णिमा का दिन था। कृष्ण ने इस उपकार का बदला बाद में चीरहरण के समय उनकी साड़ी को बढ़ाकर चुकाया। कहते हैं परस्पर एक दूसरे की रक्षा और सहयोग की भावना रक्षाबन्धन के पर्व में यहीं से प्रारम्भ हुई हैं।
पुलिस महानिदेशक छत्तीसगढ़ श्री अरुण देव गौतम द्वारा ली गई बिलासपुर रेंज के 04 जिले के SP एवं जिले के राजपत्रित अधिकारियों की समीक्षा बैठक
बेहतर पुलिसिंग हेतु दिए गए आवश्यक दिशा निर्देश...
जांजगीर चांपा,
मीटिंग में बिलासपुर रेंज पुलिस महानिरीक्षक डॉ. संजीव शुक्ला (IPS), पुलिस अधीक्षक जांजगीर श्री विजय कुमार पाण्डेय, कोरबा पुलिस अधीक्षक श्री सिद्धार्थ तिवारी, जिला शक्ति पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा, सारंगढ़ भिलाईगढ़ श्री अंजनेय वार्ष्णेय एवं जिले के राजपत्रित अधिकारीगण उपस्थित रहें जिनके कार्यों की समीक्षा की गई।
पुलिस अधीक्षक जांजगीर चांपा ने दिया जिले की कानून व्यवस्था, अपराधों पर नियंत्रण, डिटेक्शन और विजिबल पुलिस तथा सामुदायिक पुलिसिंग के द्वारा किए जा रहे कार्यो का प्रजेंटेशन प्रस्तुत किया गया ।
पुलिस महानिदेशक द्वारा जिले में संचालित सामुदायिक पुलिसिंग कार्यक्रम, चेतना अभियान को संस्थागत करने , फिंगरप्रिंट NAFIS की उपयोगिता एवं इस संबंध में प्रशिक्षण हेतु निर्देशित किया गया एवं जिले के बीट सिस्टम को और प्रभावी करने, नए कानून के बेहतर क्रियान्वयन, CCTNS, E साक्ष्य, E समन के विवेचना में अधिक से अधिक उपयोग के संबंध में दिशा निर्देश दिए गए।
पुलिस के वेलफेयर के लिए शासन और पुलिस मुख्यालय के दिशा निर्देशों के अनुरूप समय सीमा में उचित निर्णय हेतु निर्देश ।
पुलिस महानिदेशक द्वारा कार्यों की भी की गई समीक्षा कर कार्य योजना की जानकारी ली गई और छत्तीसगढ़ शासन, पुलिस मुख्यालय, रेंज मुख्यालय से दिया गया आदेश/ निर्देशों के पालन की भी समीक्षा की गई।
सभी उपस्थित राजपत्रित अधिकारियों को उनके प्रथम पर्यवेक्षण अधिकारी के रूप में थाना के एरिया में घटित अपराधों के घटना स्थल पर तत्काल पहुँचने और शीघ्र कार्यवाही करने और फरियादी की आवश्यक रूप से सुनवाई करने के लिए एक निश्चित व्यवस्था, समंस/वारंट , लंबित प्रकरणों की नियमित मॉनिटरिंग सभी पुराने नए प्रकरण का निरकारण करने निर्देशित किया गया,एवं सभी पुलिस की बेहतर छवि और समर्पण के साथ कानून और नियम का पालन कर उल्लेखनीय कार्य करने निर्देश दिए गई ।
नियम विरुद्ध युक्तियुक्तकरण पर शिक्षकों का विरोध तेज, डीईओ व बीईओ पर लगे गंभीर आरोप कल एकदिवसीय धरना, मुख्यमंत्री को सौंपा जाएगा ज्ञापन।
जांजगीर-चांपा। जिले में शिक्षा विभाग की कार्यशैली को लेकर शिक्षकों में भारी आक्रोश है। जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) और विकासखंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) पर मनमाने ढंग से युक्तियुक्तकरण (Rationalisation) करते हुए नियमों की अनदेखी और शिक्षकों के साथ द्वेषपूर्ण व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
जानकारी के अनुसार, जिले के 109 शिक्षकों को “अतिशेष” बताते हुए बिना किसी पूर्व सूचना या आपसी सहमति के सीधे अन्य जिलों में पदस्थ कर दिया गया। शिक्षकों का कहना है कि यह प्रक्रिया न केवल नियमों के विरुद्ध है, बल्कि उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने वाली भी है। इस एकतरफा रिलीव आदेश के खिलाफ प्रभावित शिक्षकों ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की है।
इस पूरे प्रकरण के विरोध में शिक्षक संगठनों ने बुधवार को कचहरी चौक पर एकदिवसीय धरना देने का ऐलान किया है। धरने के बाद मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर डीईओ व बीईओ के खिलाफ जांच व कार्यवाही की मांग की जाएगी।शिक्षकों का आरोप है कि विभागीय अधिकारियों ने बिना वस्तुस्थिति का आंकलन किए, राजनीतिक दबाव या व्यक्तिगत द्वेष के चलते यह कार्रवाई की है, जिससे न केवल शिक्षकों का मनोबल टूटा है बल्कि विद्यालयीन शिक्षा व्यवस्था भी प्रभावित हो रही है।धरने को लेकर शिक्षकों में खासा उत्साह और आक्रोश देखा जा रहा है। कई संगठनों और समाजिक प्रतिनिधियों ने भी इस मुद्दे पर शिक्षकों का समर्थन जताया है।
अमानक चावल की आपूर्ति पर जैजैपुर विधायक की मुख्यमंत्री से शिकायत वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा पर भ्रष्टाचार में संलिप्त होने का आरोप
जांजगीर-चांपा-
जिले में शासकीय राशन दुकानों और गोदामों में अमानक, घटिया व पुराने चावल की आपूर्ति को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए जैजैपुर विधायक बालेश्वर साहू ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से शिकायत की है और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।विधायक ने अपने शिकायत पत्र में बताया है कि जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और मीडिया रिपोर्टों के माध्यम से यह पता चला है कि जिले के विभिन्न हिस्सों में घटिया और अमानक चावल का वितरण किया गया है। इस चावल में 10 प्रतिशत से अधिक पाउडर की मात्रा पाई गई है, जो खाद्य सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन है और आम जनता के स्वास्थ्य के साथ गंभीर खिलवाड़ भी।
सारंगढ़ के मिलरों और जांजगीर के अधिकारियों की मिलीभगत?
मामले में यह भी सामने आया है कि सारंगढ़ के कुछ मिलरों द्वारा अन्य जिलों के लिए स्वीकृत चावल को अवैध रूप से जांजगीर-चांपा भेजा गया। आरोप है कि नागरिक आपूर्ति निगम के कुछ अधिकारियों ने इस चावल को बिना किसी रासायनिक जांच के स्वीकार कर लिया।
वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा पर गंभीर आरोप
इस पूरे मामले में वरिष्ठ तकनीकी सहायक विक्रांत माखीजा का नाम प्रमुखता से सामने आया है। शुरुआत में उन्होंने भंडारण के लिए जगह नहीं होने का हवाला देते हुए चावल अस्वीकार किया था, लेकिन बाद में वही चावल स्वीकार कर सैकड़ों गांवों में वितरित करवा दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, माखीजा पर मिलरों से मिलीभगत और आर्थिक लेन-देन के भी आरोप लगे हैं।
उच्च स्तरीय जांच की मांग
विधायक साहू ने इस मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा या किसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग की है। उन्होंने इसे सिर्फ एक आपूर्ति में गड़बड़ी नहीं, बल्कि शासकीय योजनाओं में गहरे भ्रष्टाचार और जनता के साथ विश्वासघात का मामला बताया।
जनता में आक्रोश, प्रशासन पर सवाल
मामले को लेकर लगातार जनता और मीडिया से शिकायतें मिल रही हैं। अब सवाल उठता है कि बिना परीक्षण के यह चावल कैसे वितरित किया गया? क्या यह एक संगठित भ्रष्टाचार का हिस्सा है?
इस संबंध में जब हम विक्रांत मखीजा से बात किया तो उनका कहना है यह सब अफवाह है विधायक ने शिकायत किया है तो वो उनका पर्सनल कुछ होगा मेरे ऊपर लगाए गए सभी आरोप बेबुनियाद है।
हालांकि अब शिकायत के बाद जांच के बाद ही तय होगा कि आखिर कौन अच्छा और कौन झूठाl