आरक्षक भास्कर प्रसाद की सजगता ने बचाई नवविवाहिता की जान
डायल 112 की टीम ने ‘गोल्डन आवर’ में पहुंचाया अस्पताल, समय पर इलाज से टली बड़ी अनहोनी
गोविंद राम ब्यूरो चीफ.
पलारी, 22 जुलाई 2026।
पति के घर नहीं लौटने से घबराई 20 वर्षीय नवविवाहिता ने आत्महत्या की नीयत से पेट्रोल पी लिया। सूचना मिलते ही पलारी डायल 112 में तैनात आरक्षक भास्कर प्रसाद ने अदम्य तत्परता और मानवीय संवेदनशीलता का परिचय देते हुए बिना एक पल गंवाए घटनास्थल के लिए रवाना होकर महिला की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
घटना 21 जुलाई की रात्रि करीब 8 बजे की है। पति के देर रात तक घर वापस नहीं लौटने पर महिला किसी अनहोनी की आशंका से बुरी तरह घबरा गई। मानसिक तनाव और भय की स्थिति में उसने घर में रखा पेट्रोल पी लिया, जिसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों में हड़कंप मच गया।
इसी दौरान कंट्रोल रूम से सूचना मिलते ही पलारी बाज-01 में तैनात आरक्षक क्रमांक 565 भास्कर प्रसाद और वाहन चालक दीपक साहू तत्काल मौके के लिए रवाना हुए। घटनास्थल पर पहुंचते ही आरक्षक भास्कर प्रसाद ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए समय गंवाने के बजाय महिला को तत्काल अस्पताल पहुंचाने की कार्रवाई की।
आरक्षक भास्कर प्रसाद की सूझबूझ और तत्परता से महिला को ‘गोल्डन आवर’ के भीतर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पलारी पहुंचाया गया। पुलिस टीम ने परिजनों की सहायता से महिला को तत्काल डायल 112 वाहन में बैठाया और अस्पताल पहुंचकर डॉक्टरों को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। चिकित्सकों ने तत्काल उपचार शुरू किया, जिसके बाद महिला की स्थिति खतरे से बाहर बताई गई।
आरक्षक भास्कर प्रसाद बने संकट की घड़ी में जीवनरक्षक
इस पूरे घटनाक्रम में आरक्षक भास्कर प्रसाद की सजगता और कर्तव्य के प्रति समर्पण की विशेष सराहना की जा रही है। यदि सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने समय पर कार्रवाई नहीं की होती, तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। लेकिन आरक्षक भास्कर प्रसाद ने पुलिस सेवा के मानवीय पक्ष को सामने रखते हुए यह साबित कर दिया कि वर्दी केवल कानून लागू करने के लिए नहीं, बल्कि संकट में फंसे लोगों की जिंदगी बचाने के लिए भी होती है।
उनकी तत्परता, संवेदनशीलता और त्वरित निर्णय क्षमता के चलते एक परिवार की बेटी और बहू को समय पर चिकित्सा सहायता मिल सकी। पुलिस की इस मानवीय पहल से परिजनों के चेहरे पर राहत लौटी और एक बड़ी अनहोनी टल गई।
आरक्षक भास्कर प्रसाद और चालक दीपक साहू की इस तत्परता की सराहना की जा रही है। यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि आपातकालीन परिस्थितियों में डायल 112 की त्वरित सेवा और पुलिसकर्मियों की सजगता लोगों के लिए जीवनरक्षक साबित हो सकती है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार के तनाव, भय या मानसिक परेशानी की स्थिति में जल्दबाजी में कोई गलत कदम न उठाएं। जीवन अनमोल है। समस्या कितनी भी बड़ी हो, उसका समाधान बातचीत और मदद से निकाला जा सकता है। आपातकालीन स्थिति में तत्काल डायल 112 पर संपर्क करें।
