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शैफाली बोलीं- रायपुर से जुड़ी हैं मेरी यादें:कहा- स्टेट लेवल डेब्यू यहीं हुआ, जिम्बाब्वे से मैच से पहले बोलीं- हमारा फोकस फियरलेस खेलने पर

रायपुर

भारत और जिम्बाब्वे की महिला क्रिकेट टीम के बीच आज शहीद वीर नारायण सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार बाइलेटरल (द्विपक्षीय) सीरीज शुरू होगी। मुकाबले से पहले भारतीय टीम की उपकप्तान शैफाली वर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम की तैयारी, अपनी वापसी, फिटनेस, बल्लेबाजी और उपकप्तान की जिम्मेदारी पर बात की।

उन्होंने कहा कि टीम का फोकस निडर होकर क्रिकेट खेलने और समझदारी से फैसले लेने पर है। इसे लेकर टीम में बैठकें भी हुई हैं। सभी खिलाड़ियों को अपनी भूमिका पता है। शैफाली ने बताया कि वह पहले भी छत्तीसगढ़ में खेल चुकी हैं। उन्होंने कहा कि पूर्व कप्तान हरमनप्रीत कौर ने महिला क्रिकेट को नई पहचान दी है।

उपकप्तान शैफाली ने बताया कि टीम से बाहर रहने के दौरान उन्होंने अपनी कमियों को समझने के लिए अपने खेल का एनालिसिस किया। इस दौरान उनका फोकस लगातार, फिटनेस और मानसिक मजबूती पर रहा।

शैफाली ने कहा कि वह अंडर-19 वर्ल्ड कप में कप्तानी कर चुकी हैं, इसलिए उन्हें नेतृत्व का अनुभव है। उनके मुताबिक, उपकप्तान होना सिर्फ एक पद नहीं, बल्कि बड़ी जिम्मेदारी है।

उन्हें टीम के हर खिलाड़ी का ध्यान रखने, उसे सहज महसूस कराने और कप्तान की मदद करने की जिम्मेदारी निभानी है, ताकि सभी खिलाड़ी अच्छे मानसिक माहौल में खेल सकें।

पूर्व भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर की तारीफ करते हुए शैफाली ने कहा कि महिला क्रिकेट को आज इस मुकाम तक पहुंचाने में उनका बड़ा योगदान है। उन्होंने बताया कि टीम टी-20 में निडर होकर खेलने के साथ समझदारी से फैसले लेने पर भी जोर दे रही है।

टीम का लक्ष्य चैंपियंस ट्रॉफी तक खेलने के इस अंदाज को और बेहतर करना है

मिडिल ऑर्डर को लेकर शैफाली ने कहा कि जेमिमा रोड्रिग्स रिकवर कर रही हैं। एशिया कप और एशियन गेम्स के दौरान टीम को मिडिल ऑर्डर में अच्छा प्रदर्शन देखने को मिला है। उन्होंने ऋचा घोष और हरमनप्रीत कौर की पारियों का जिक्र किया।

साथ ही निकी के प्रदर्शन से भी उम्मीद जताई। शैफाली ने कहा कि टीम अलग-अलग खिलाड़ियों को मौके देकर अपनी कमियों को पहचानने और उनमें सुधार करने की कोशिश करेगी।

शैफाली वर्मा ने दो बार ICC प्लेयर ऑफ द मंथ का अवॉर्ड जीतने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि ऐसे अवॉर्ड मैदान के पीछे की गई मेहनत का एहसास कराते हैं। इससे गर्व महसूस होता है और आगे बेहतर प्रदर्शन करने की प्रेरणा मिलती है।

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