क्राइम
रायपुर में महिला से 15 लाख की ठगी
रायपुर
रायपुर में एक महिला से 15 लाख का साइबर फ्रॉड हुआ है।। महिला को फेसबुक में एक लिंक मिला था। इसमें घर बैठे साइड इनकम कमाने की बात लिखी थी। इसमें क्लिक कर महिला ने अपनी डिटेल दी। इसके बाद ठगों ने महिला से ₹200 ट्रांसफर करवा कर ₹300 वापस भेजें। जिससे महिला झांसे में आ गई। मामला तेलीबांधा थाना क्षेत्र का है।
पीड़ित केयूरी मजीठिया ने बताया कि, उन्होंने फेसबुक में एक एडवर्टाइजमेंट देखा। जिसमें घर बैठे पैसे कमाने की बात लिखी थी। लिंक क्लिक करने पर कुछ डिटेल मांगी गई। ठगों ने कुछ प्रोडक्ट के फोटो भेजकर लाइक करने का टास्क दिया। फिर महिला से ₹200 इन्वेस्टमेंट करने के लिए UPI ट्रांसफर करवा लिए। ठगों ने महिला को 100 रुपए का लाभ बताते हुए 300 वापस भेज दिए।
महिला ₹100 लाभ मिलने से झांसे में आ गई। जिसके बाद महिला ने अलग-अलग ट्रांजेक्शन में 15 लाख 29 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। जब पैसे वापस नहीं मिले तो महिला को शक हुआ। इसके बाद उन्होंने तेली बांधा थाने में शिकायत दर्ज करवाई। इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है।
छत्तीसगढ़ में बोरियों में मिली 2 लाशें
रायपुर/बिलासपुर
रायपुर के खमतराई थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह युवक की लाश पड़ी हुई थी। मृतक की पहचान रामा माड़ेक (23) के रूप में हुई है। वह उरला स्थित RR इस्पात में काम करता था। युवक के सिर पर गहरे चोट के निशान है।
पत्थर से सिर कुचलकर हत्या की गई है। पुलिस ने 3 आरोपियों सोनम बंजारे (30), पति कृष्णा बंजारे (44) और देवर रामकृष्ण बंजारे (40) को गिरफ्तार किया है। जांच में पता चला कि सोनम का युवक से अवैध संबंध था। रविवार रात पति कृष्णा बंजारे ने दोनों को आपत्तिजनक हालत में पकड़ लिया।
इस दौरान पति ने युवक के सिर पर पास रखे डंडे से वार कर दिया। युवक की मौके पर मौत हो गई। इसके बाद पति ने अपने भाई रामकृष्ण बंजारे को बुलाया। तीनों ने युवक की लाश को बोरी में बांधकर मिलाल बाड़ा के पीछे खाली प्लॉट में फेंक दिया था।
बिलासपुर जिले के शिवटिकरी गांव में रविवार दोपहर नदी किनारे महिला की लाश मिली। महिला का शव 4 से 5 दिन पुराना बताया जा रहा है। लाश बोरी के अंदर पत्थर और तार से बंधी हुई थी। महिला की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
बिक्री हेतु अवैध रूप से गांजा संग्रहित करने का आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
धमतरी -
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर घेराबंदी कर अपने घर में बिक्री हेतु अवैध रूप से तीन किलो गांजा रखने के आरोपी को भखारा थाना पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
पुलिस मीडिया ग्रुप से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार थाना भखारा पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि ग्राम सुपेला निवासी एक व्यक्ति अपने घर में बिक्री के लिये अवैध रूप से गांजा संग्रहित किया हुआ है। सूचना पर पुलिस टीम तत्काल रवाना हुई और गवाहों की मौजूदगी में आरोपी के घर की घेराबंदी कर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान आरोपी अपने घर के बरामदे में अवैध रूप से गांजा बिक्री हेतु रखा हुआ पाया गया। पुलिस ने मौके से गांजा एवं अन्य सामग्री जब्त कर थाना भखारा में अपराध क्रमांक 89/25 धारा 20(ख) एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला पंजीबद्ध किया। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना भखारा पुलिस ने आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस सम्पूर्ण कार्यवाही में थाना भखारा थाना स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।
धमतरी पुलिस का संदेश - जिले में नशे के कारोबारियों पर सख्त निगरानी रखी जा रही है। नशे के अवैध धंधे में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जायेगा। पुलिस द्वारा इसी तरह की कार्यवाही निरंतर जारी रहेगी।
बरामद सामाग्री -
तीन किलो मादक पदार्थ गांजा कीमत लगभग 45,000 रूपये , इलेक्ट्रॉनिक तौल मशीन कीमत लगभग 1,500 रूपये , वन प्लस कंपनी का मोबाइल फोन कीमत लगभग 15,000 रूपये और बीस नग पैकिंग पन्नी कुल जुमला कीमत - 61,500 रूपये।
गिरफ्तार आरोपी -
मिश्रीलाल साहू स्व. धनराज साहू उम्र 25 वर्ष निवासी ग्राम - सुपेला , थाना - भखारा , जिला - धमतरी (छत्तीसगढ़)।
ग्रीन कोया फार्म में हाईप्रोफाइल जुए की फड़ पर पुलिस का छापा, 16 जुआरी गिरफ्तार.
बालोद:
जिले के गुंडरदेही थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार देर रात एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए हाईप्रोफाइल जुए की फड़ पर छापा मारा। यह कार्रवाई ग्राम डगनिया स्थित ग्रीन कोया फार्म के फ्लैट नंबर 10 के लॉन में की गई, जहां प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे 16 जुआरी भारी रकम दांव पर लगाकर जुआ खेल रहे थे। गुप्त सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी जुआरियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान 8 लाख 12 सौ रुपये नकद और 3 कारें जब्त की गईं। पुलिस ने मौके पर पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है।
आरोपियों की सूची
गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार है – मोहम्मद फहीम (38 वर्ष) निवासी गंज पारा, दुर्ग प्रमोद निवारे (37 वर्ष) निवासी चंगोराभाठा टिकरापारा, रायपुर रोशन कुमार (37 वर्ष) निवासी इंद्रप्रस्थ कॉलोनी, रायपुर अनिकेत लक्ष्यवाणी (27 वर्ष) निवासी रतन कॉलोनी दानिटोला, धमतरी राजीव तिवारी (34 वर्ष) निवासी शक्ति बाजार, रायपुर केवल दास भारती (30 वर्ष) निवासी कमल विहार, रायपुर नागेश्वर साहू (29 वर्ष) निवासी कांदुल मोहदापारा, रायपुर ओमप्रकाश चंद्रा (32 वर्ष) निवासी देवसागर भटगांव, सारंगढ़-बिलाईगढ़ जितेंद्र सिंधी (32 वर्ष) निवासी इंद्रप्रस्थ मस्जिद के पास, रायपुर मनीष पटेल (30 वर्ष) निवासी लाखेनगर, रायपुर संजय महेश्वरी (50 वर्ष) निवासी गंजपारा, दुर्ग पप्पू साहू (38 वर्ष) निवासी राजीव नगर, दुर्ग हेमलाल ढीमर (26 वर्ष) निवासी रुआबांधा, दुर्ग परमानंद कुर्रे (30 वर्ष) निवासी हंचलपुर अर्जुनी, धमतरी कमलेश साहू (54 वर्ष) निवासी बोरियाखुर्द, रायपुर जितेंद्र सिंह (32 वर्ष) निवासी बोरियाखुर्द, रायपुर
पुलिस की सख्ती और निगरानी
गुंडरदेही थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस को लंबे समय से इलाके में बाहरी जिलों से आकर हाईप्रोफाइल जुआ खेलने की शिकायतें मिल रही थीं। इसी सूचना पर पुलिस ने योजना बनाकर छापा मारा और आरोपियों को पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि जुआ और सट्टा समाज में अपराध को जन्म देते हैं और युवाओं को गलत राह पर ले जाते हैं। इस वजह से जिले में ऐसे अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। बाहरी जिलों से आकर जुआ खेलने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
अपराध नियंत्रण की दिशा में कदम
गुंडरदेही पुलिस की इस कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन जिले को अपराध मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह सक्रिय है। खासकर अवैध जुए और सट्टे को जड़ से खत्म करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। पुलिस ने स्थानीय नागरिकों से अपील की है कि वे ऐसे अवैध कृत्यों की सूचना तुरंत पुलिस को दें ताकि अपराध पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
बिलासपुर पुलिस की बड़ी कार्रवाई - 59 लाख की साइबर ठगी का खुलासा, सॉफ्टवेयर इंजीनियर सहित 4 गिरफ्तार।
बिलासपुर
,साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में बिलारापुर पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। 59 लाख 87 हजार 994 रुपये की ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने इंदौर से चार आरोपियों की गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में मुख्य आरोपी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है, जिगराने एनआईआईटी दिल्ली से पढ़ाई की है।
कैसे हुआ खुलासा
सिविल लाइन धाने में प्रार्थिया अल्पना जैन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने डिमेट अकाउंट खोलकर शेयर मार्केट और ट्रेडिंग में बेहतर मुनाफा दिलाने का झांसा दिया। भरोसा जीतने के बाद अलग-अलग तिथियों में विभिन्न बैंक खातों से 59.87 लाख रुपये जमा करा लिए। शिकायत की गंभीरता से लेते हुए रंज साइबर थाना मिलारापुर की टींग ने जांच शुरू की।
ललीत कुमार (32 वर्ष), पिता सुरेन्द्र सिंह, निवासी मह, इंदौर
बबलू उर्फ कमलजीत सिंह चौहान (38 वर्ष), पिता दिलावर सिंह चौहान, निवासी महू, इंदौर
अर्पित साल्वे (30 वर्ष), पिता संतोश साल्वे, निवासी महू, इंदौर
रोहित निषाद (25 वर्ष), पिता बहादुर निषाद, निवासी महू, इंदौर
कैसे करते थे ठगी
मुख्य आरोपी ललीत कुमार सॉफ्टवेयर इंजीनियर है और ऑनलाइन शॉपिंग साइट में मैनेजर रह चुका है। उसने अपने साधियों के साथ मिलकर फर्जी वेबसाइट और मोबाइल एप्लीकेशन तैयार की और 'गणेशस सिक्यूरिटी' नामक नकली एजेंसी के जरिए निवेशकों को गोल्ड व ट्रेडिंग में मोटे मुनाफे का लालच देकर फंसाता था। पहले फर्जी लाभांश दिखाकर लोगों का भरोसा जीतता और फिर बड़ी रकम ठग लेता था ।
आरोपी महू और राउ क्षेत्र के लोगों से कमिशन पर बैंक खाते लेते थे ताकि ठगी की रकम ट्रांसफर की जा सके। काम पूरा होते ही मोबाइल सिम और एटीएम कार्ड नष्ट कर दिए जाते थे ताकि पुलिस की पकड़ में न आएं।
पुलिस की कार्रवाई
रेंज साइबर थाना निरीक्षक रविशंकर तिवारी के नेतृत्व में बनी विशेष टीम ने लगातार तीन दिन तक दबिश देकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 4 मोबाइल, 7 एटीएम कार्ड, एक यूपीआई कार्ड, 2 पैन कार्ड, एक चेकबुक और 2 पारावुक पारत की गई।
सभी आरोपियों को न्यायालय से ट्रांजिट रिमांड में विलासपुर लाकर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई बिलारापुर रेंज के आईजी डॉ. संजीव शुक्ला और एसएसपी रजनेश सिंह के मार्गदर्शन में की गई।
रामसेतु-पुल पर युवती ने की आत्महत्या की कोशिश
बिलासपुर
बिलासपुर में रामसेतु पुल पर शनिवार रात एक बड़ा हादसा टल गया। मानसिक तनाव के चलते युवती ड्यूटी से छुट्टी लेकर आत्महत्या करने पुल पर पहुंच गई, लेकिन मौके पर मौजूद कुछ युवकों ने भांप लिया। उसे कूदने से पहले ही बचा लिया। जिसका लाइव वीडियो भी सामने आया है।
यह घटना रात करीब 10 बजकर 25 मिनट की बताई जा रही है। युवती को सुरक्षित बचाने के बाद मिक्की मिश्रा ने तत्काल सरकंडा थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय को सूचना दी। 15 मिनट के भीतर पुलिस बल मौके पर पहुंचा और युवती को सरकंडा थाने ले गए। नर्सिंग नहीं कर पाने के चलते युवती मानसिक तनाव में थी।
इस मामले में थाना प्रभारी निलेश पाण्डेय ने बताया कि, युवती का नाम संगीता बंजारे है, जो कि जारहागांव क्षेत्र की रहने वाली है। तेलीपारा में रहकर प्राइवेट जॉब करती है। युवती अपने माता-पिता से नाराज थी। वो बीएससी नर्सिंग नहीं कर पाने के कारण निराश थी। मानसिक तनाव के चलते आत्महत्या का प्रयास कर रही थी।
पुलिस ने युवती को फिलहाल सखी सेंटर भेजा है। जल्द ही परिजनों को बुलाकर समझाइश दी जाएगी और उसे उनको सौंप दिया जाएगा।
जशपुर के स्कूल में महिला टीचर-कर्मचारी से छेड़छाड़; दरवाजा बंद किया, अश्लील हरकत की
जशपुर
छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल पर महिला कर्मचारी और लेक्चरर ने यौन शोषण का आरोप लगाया है। महिलाओं ने बताया कि प्रिंसिपल स्कूल में अकेला पाकर उनसे छेड़छाड़ करता था। अश्लील कमेंट करता था। उनसे कहता था कि किसे किस करूं, किसे विस करूं और किसे आई लव यू कहूं।
जानकारी के मुताबिक, शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल बिमड़ा में 15 अगस्त को स्कूल की छुट्टी के बाद जब सभी स्टाफ घर जा चुके थे, तभी महिला कर्मचारी कमरे का दरवाजा बंद करने पहुंची। इसी दौरान प्राचार्य सुधीर कुमार बरला (52) ने दरवाजा भीतर से बंद कर लिया। महिला के साथ अश्लील हरकत की।
विरोध करने पर प्रिंसिपल ने धमकी भी दी। पुलिस ने मामले में 2 अलग-अलग FIR दर्ज कर आरोपी प्राचार्य को गिरफ्तार कर लिया है। मामला बगीचा थाना क्षेत्र का है।
महिला व्याख्याता ने बताया कि पिछले साल 14 नवंबर (बाल दिवस) को प्राचार्य ने उनसे अशोभनीय बातें कीं। छेड़छाड़ की कोशिश की। महिला शिक्षकों के मुताबिक, प्राचार्य अक्सर अश्लील कमेंट करते थे। “किसे किस करूं, किसे विस करूं, आई लव यू” जैसी बातें करना उनकी आदत बन गई थी।
शिकायत में व्याख्याता और महिला कर्मचारी ने बताया है कि प्राचार्य लंबे समय से उन्हें परेशान कर रहा था। स्कूल में अकेली देखकर अश्लील बातचीत करते हुए छेड़छाड़ करता था। बिना काम के कॉल करता था। इधर-उधर की बातें करते हुए अश्लील बातों पर उतर आता था।
पीड़िता महिलाओं ने बताया कि लोकलाज और भय की वजह से उन्होंने घटना को लंबे समय तक छुपाए रखा, लेकिन लगातार मानसिक पीड़ा झेलने के बाद स्टाफ मीटिंग में बात रखी, फिर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई।
एएसपी अनिल कुमार सोनी ने बताया कि, आरोपी सुधीर कुमार बरला (52) को बीएनएस की धारा 74, 75(1)(iv) और 79 के तहत केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया गया है। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।
इस मामले में जिला शिक्षा अधिकारी प्रमोद भटनागर ने कहा कि, प्राचार्य की हरकत बेहद गंभीर और निंदनीय है। विभागीय कार्रवाई के लिए संभागीय आयुक्त को पत्र भेजा गया है।
बीमा के रूपयें से पिता का कर्ज चुकाने के लिए यूवक रच रहा था मृत होने की झुठी कहानी
जांजगीर-चांपा
कौशल श्रीवास पिता तिलक राम श्रीवास निवासी तनौद थाना शिवरीनारायण द्वारा थाना पामगढ़ पुलिस को सूचना दिया कि इसके छोटे पुत्र कौशल श्रीवास उर्फ मोनू उम्र 21 साल जो बिना बितायें घर से शाम करीबन 07.00 बजे लगभग अपने मोटर सायकल सीजी 11-बीसी-7560 से गांव घुम कर आता हुं कहकर अपने मां के मोबाईल को भी लेकर निकला था। जो रात्रि करिबन 09.00 बजे के आस-पास गुम इंसान के परिजन भाई जागेश्वर श्रीवास को सूचना प्राप्त होता है कि तुम्हारे घर का मोटर सायकल एवं मोबाईल फोन शिवनाथ नदी के पूल पैसर घाट में मिला है तब गुम इंसान के परिजन मौका स्थल पहुचकर गुम इंसान के साथ अप्रिय घटना होने के अंदेशा पत्र तत्काल थाना पामगढ को सूचित कर गुम इंसान दर्ज कराया था।
पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन में गुम इंसान की पतासाजी हेतु थाना पामगढ़ पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए रात्रि में ही मौका स्थल जाकर निरीक्षण कर गुम इंसान द्वारा प्रयुक्त मोटर सायकल, गुम इंसान का जुता, गुम की माँ का मोबाईल को बरामद किया जाकर गुम इंसान की पतासाजी की जा रही थी। युवक की अचानक गुम होने की घटना को देखते हुए एवं मामला गंभीर होने से अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक उमेश कुमार कश्यप के कुशल मार्ग दर्शन में सायबर टीम द्वारा गुम इंसान का हर हाल में पतासाजी हेतु त्वरित घटना स्थल जाकर सायबर तकनीकी जानकारी इकट्टा कर जांच करने पर ज्ञात हुआ कि गुम इंसान द्वारा अपने दोस्त को सोशल मीडिया इंस्टाग्राम के माध्यम से गुम इंसान द्वारा दिनांक 20.08.2025 को अपने आप को सुरक्षित होने की सूचना दिया था।
सायबर सेल द्वारा सभी तकनीकी संसाधन का उपयोग कर गुम इंसान की पतासाजी कर रही थी तभी दिनांक 23.08.2025 को शाम करीबन 05.00 बजे एक अज्ञात फोन नंबर से गुम इंसान के भाई के फोन पर काॅल आता है जो अपने आप को कौशल श्रीवास होना बताया जिस पर उपरोक्त फोन नं. का तस्दीक करने पर ज्ञात हुआ कि उक्त फोन को गुम इंसान द्वारा एक राहगीर से बिलासपुर रेलवे स्टेशन में बात करने के लिए मांग कर उपयोग किया था जिस पर सायबर सेल एवं पामगढ पुलिस द्वारा तत्काल आरपीएफ बिलासपुर एवं उसलापुर को गुम इंसान का फोटो भेजकर स्टेशन क्षेत्र में पतासाजी करने सूचना दिया गया। इसी क्रम जांजगीर की सायबर टीम को मुखबीर सूचना मिला कि गुम इंसान के हुलिया का एक व्यक्ति तोरवा बिलासपुर क्षेत्र में घुम रहा है, जिस पर सायबर टीम तत्काल गुम इंसान के परिजन को साथ लेकर तोरवा क्षेत्र पहुंचकर गुम इंसान को सकुशल तोरवा बिलासपुर से बरामद किया गया। गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा पुलिस व अपने परिवार, गांव वालो को गुमराह करना पाए जाने से उसके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
गुम इंसान कौशल श्रीवास से पूछताछ करने पर पता चला कि गुम इंसान के पिता का लाखो रूपये का कर्जा है तथा उसके चुकाने में असक्षम होने से गुम इंसान परेशान रहता था। गुम इंसान का 40 लाख रूपयें का बीमा था। घर की परेशानी सेे छुटकारा पाने के लिए गुम इंसान कौशल श्रीवास द्वारा योजना बनाकर अपने आप को मृत घोषित कर अपने बीमा राशि प्राप्त करने के लिए उपरोक्त घटना कारित करना स्वीकार किया।
दिनांक घटना के बाद गुम इंसान घटना स्थल से पैदल पामगढ़ गया वहां से बस से बिलासपुर दिनांक 20.08.2025 को पहुंचा एवं बिलासपुर रेलवे स्टेशन से एक्सप्रेस से दिल्ली फरिदाबाद दिनांक 21.08.2025 को पहुंचा रात्रि स्टेशन में रहा तथा दिनांक 22.08.2025 को वापस स्टेशन से बिलासपुर के लिए निकला तथा दिनांक 23.08.2025 को बिलासपुर पहुंचा यात्रा के दौरान अपने मोबाईल को स्टेशन से फेकना बताया।
गुम इंसान की पतासाजी करने में सायबर सेल जांजगीर एवं थाना पामगढ़ पुलिस की सराहनीय भूमिका रही।
बंदूक के नोक में अपहरण कर एक करोड़ की फिरौती मांग
नरपतगंज
मामला अपहरण से संबंधित है पूरा वाक्या यह कि शख्स का नाम कैमरून जट्ट है जो नेपाल सुनसरी का रहने वाला है। दिनांक 2 अगस्त 2025 दिन शनिवार समय दोपहर के 3:00 बजे अपनी मोटरसाइकिल से किसी रिश्तेदार से मिलने नेपाल बॉर्डर पार कर भारतीय सीमा क्षेत्र बिहार के नरपतगंज इलाके में घूरना थाना अंतर्गत जैसे ही पहुंचा कि, पथराहा हाईवे पर एक सफेद रंग के स्कार्पियो ने आगे से घेर लिया, और उस गाड़ी पर सवार अयाज वकील उर्फ टोनी अहमद,तथा तनवीर आलम कुछ अज्ञात सहयोगियों के साथ कैमरून जट्ट की कनपट्टी पर एक देसी कट्टा सटा कर उसे जबरन स्कॉर्पियो में बिठा लिया और वीरपुर की ओर भाग निकला तथा वहां किसी अज्ञात स्थान पर ले जाकर उससे एक करोड़ रुपए फिरौती की मांग की। फिरौती की मांग पूरी नहीं किए जाने की स्थिति में,परिणाम के तौर पर उसे जान से मारने की धमकी भी मिल रही थी। इस बीच कमरुंन जट्ट ने अपनी पत्नी नसरीन परवीन को फोन पर सारी बातें बताई। अपने पति के अपहरण को लेकर नसरीन परवीन सर्व प्रथम बीरपुर थाने में अपने पति को छुड़ाने की गुहार लगाई लेकिन थाना प्रभारी ने नसरीन परवीन को मदद करने के बजाय उल्टा अपराधियों के पक्ष में उसे फिरौती नहीं देने पर उसके पति को थाने में बांधकर मार पीट करने की बात कह धमकी भी दी।
इसके बावजूद नसरीन परवीन अपने पति कमरून जट्ट को बचाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। पति को छुड़ाने के लिए नसरीन परवीन ने अपनी होशियारी से किसी अन्य परिचित व्यक्ति को फोन कर उसे फिरौती की रकम चुकाने के वास्ते उधार मांगा जिस पर उक्त व्यक्ति ने 30 30 लाख रुपए का कुल 60 लाख दो चेक के द्वारा उन अपराधियों को देकर अपने पति कमरुल जाट को छुड़ा लिया और 40 लाख बाद में चुकाने की भी बात कही जिस पर अपराधियों ने एक बॉन्ड पेपर पर दस्तक करवा कर छोड़ दिया।पति को छुड़ाने के बाद नसरीन परवीन ने फौरन घूरना थाने में एक FIR 48/25 के रूप में दर्ज कर दिया।एक ओर जहां भारत और नेपाल के बीच रिश्ते को मजबूत करने में भारत अपनी अहम भूमिका निभाने में कोई कसर नहीं छोड़ता, वहीं दूसरी ओर भारतीय सीमा क्षेत्र बिहार में लूट,अपहरण, जैसा जंगल राज। आज भी कायम है।
ऐसे में पड़ोसी राष्ट्र
नेपाल के इस कमरून जट्ट को न्याय कब तक मिलेगा यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।
रायपुर में ड्रग्स की डिलीवरी...दिल्ली से आया था डीलर
रायपुर
छत्तीसगढ़ की रायपुर पुलिस ने ड्रग्स तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। ये तस्कर अफगानिस्तान, पाकिस्तान, पंजाब और दिल्ली से ड्रग्स लाकर रायपुर में बेचते थे। पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया समेत 3 डीलर्स को गिरफ्तार किया है।
SSP लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि गंज पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक कार, 5 मोबाइल, 85,300 रुपए नकद और 27.58 ग्राम MDMA जब्त किया है। जब्त MDMA की कीमत करीब 2 लाख रुपए आंकी गई है। 3 में से एक आरोपी दिल्ली से रायपुर में ड्रग्स बेचने आया था। वहीं हेरोइन के साथ एक महिला को भी पुलिस ने अरेस्ट किया है।
SSP लाल उम्मेद सिंह ने बताया कि तस्करों के पास से ड्रग्स के अलावा गाड़ी भी बरामद की गई है। आरोपी रायपुर में ड्रग्स कब से बेच रहे थे, ये ड्रग्स कहां का है, किस सिंडिकेट से आरोपी जुड़े हैं, इन सब सवालों का जवाब अफसर तलाश रहे हैं।
वहीं जांच अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के सिंडिकेट में कुछ सफेदपोश लोगों के शामिल होने की जानकारी मिली है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। महीनेभर में ड्रग्स बेचने के मामले में 30 से ज्यादा आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों से पुलिस ने करोड़ों का ड्रग्स बरामद किया है।
इसके साथ ही रायपुर के कबीर नगर पुलिस ने हेरोइन (चिट्टा) सप्लाई नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पहले की कार्रवाई में पुलिस ने 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन, एक दोपहिया वाहन और मोबाइल फोन जब्त किए थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 57 लाख रुपए आंकी गई थी।
गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के बाद पुलिस ने एक महिला पैडलर हरप्रीत कौर उर्फ हैप्पी को गिरफ्तार किया। हरप्रीत, फरार आरोपी रूपिंदर उर्फ पिंदर के मकान में किराए पर रह रही थी। उसके साथ मिलकर नशे की बिक्री करती थी। साथ ही वह नशे का सौदा विजय मोटवानी नामक व्यक्ति को भी उपलब्ध कराती थी।
पुलिस ने महिला आरोपी हरप्रीत कौर के कब्जे से 9.5 ग्राम हेरोइन, एक बर्गमेन स्कूटर (CG 04 PN 2942) और एक मोबाइल फोन जब्त किया है, जिनकी कीमत करीब 2 लाख रुपए बताई जा रही है। आरोपी के खिलाफ नारकोटिक एक्ट और अन्य धाराओं में अपराध दर्ज कर न्यायिक कार्रवाई की जा रही है।
षडयंत्रपूर्वक हत्या करने के एक महिला सहित तीन आरोपी जेल दाखिल महिला आरोपी ने रची थी हत्या की साजिश
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
जांजगीर चाम्पा - जमीन का बंटवारा नही देने तथा शराब बिक्री करने पर लड़ाई झगड़ा करने और शंका करने से परेशान होकर षडयंत्रपूर्वक शराब में चूहा मार दवा मिलाकर पिलाने के बाद सिर में पत्थर मारकर हत्या करने और पेट्रोल डालकर आग लगाते हुये पहचान छिपाने के एक महिला सहित तीन आरोपियों को बलौदा थाना पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
जिले के तेजतर्रार पुलिस अधीक्षक महोदय विजय पाण्डेय से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार सूचक सुरेन्द्र नारंग निवासी मधईपुर ने विगत वर्ष 08 नवम्बर 2020 को चौकी पंतोरा में आकर रिपोर्ट दर्ज कराया था कि बिछलवा नरवा और छाता जगंल के पुल नहर पार में कोई अज्ञात पुरूष जली हालत में मृत अवस्था में पड़ा है। जिसकी सूचना पर मर्ग क्रमांक 90/2020 कायम कर जांच पंचनामा कार्यवाही में लिया गया था। अज्ञात पुरूष के शव का पहचान कार्यवाही कराया गया , जिसे ग्राम बगडबरी के भूखल रोहिदास के रूप में पहचान परिजनों द्वारा की गई। गत माह 24 जुलाई को आरोपी राजाबाबू खूंटे द्वारा थाना चकरभाठा के अपराध क्रमांक 284/25 धारा 103 (1) भा.न्या.सं. के प्रकरण में मेमोरेण्डम दौरान अपने साथी पुरूषोत्तम खूंटे के साथ मिलकर राजिम उर्फ रजनी बाई के कहने पर अपराधिक षडयंत्र करके भूखल रोहिदास की हत्या करना कबूल करने पर मर्ग डायरी को पुनः जांच किया जाकर आरोपीगण के विरूद्ध थाना बलौदा में अपराध क्रमांक 333/25 धारा 303 , 201, 120 बी , 34 भादवि कायम कर विवेचना मेें लिया गया। विवेचना के दौरान आरोपी राजाबाबू खूंटे का माननीय न्यायालय से पुलिस रिमांड प्राप्त कर आरोपी राजाबाबू खुंटे , पुरूषोत्तम खूंटे , राजिम बाई को अभिरक्षा में लेकर घटना के संबंध में पूछताछ कर मेमोरेण्डम कथन लिया गया। मेमोरेण्डम कथन में आरोपी राजिम बाई उर्फ रजनी द्वारा बताया गया कि मृतक पिता भूखल रोहिदास द्वारा जमीन का बंटवारा नही देने तथा शराब बिक्री करने पर लड़ाई झगड़ा करने एवं शंका करने से परेशान होकर राजिम बाई उर्फ रजनी द्वारा अपराधिक षडयंत्र कर आरोपी पुरूषोत्तम खूंटे व राजाबाबू खूंटे को रूपये का लालच दिया गया। जिस पर आरोपी पुरूषोत्तम खूंटे व राजाबाबू खूंटे द्वारा अपने पल्सर मोटरसायकल से मृतक भुखल दास को बैठाकर बिछलवा नरवा और छाता जगंल के पूल नहर पार में बैठकर मृतक भूखल रोहिदास के शराब में चूहा मार दवा मिलाकर पिलाना तथा मृतक के सिर में आरोपी द्वारा पत्थर मारकर शरीर में पेट्रोल डालकर आग लगाकर हत्या करना जुर्म स्वीकार किया गया। आरोपीगणों के विरूद्ध अपराध धारा सदर का पर्याप्त सबूत पाये जाने थाना बलौदा पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। उपरोक्त कार्यवाही मे थाना प्रभारी बलौदा राजीव श्रीवास्तव , चौकी प्रभारी पंतोरा उनि दिलीप सिंह , सउनि प्रतिभा राठौर , प्रधान आरक्षक गजाधर पाटनवार , नवीन क्षत्रीय , आरक्षक श्याम राठौर , प्रहलाद निर्मलकर , ईश्वरी राठौर , संदीप डहरिया , दीपक जायसवाल , महिला आरक्षक करूणा खैरवार एवं थाना बलौदा स्टॉफ का सराहनीय योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपीगण -
राजाबाबू खूंटे उम्र 24 वर्ष निवासी - कुरमा , थाना - बलौदा , पुरूषोत्तम खूंटे उम्र 28 वर्ष निवासी - कुरमा , थाना - बलौदा और राजिम उर्फ रजनी बाई रोहिदास निवासी - बगडबरी , थाना - बलौदा , जिला - जांजगीर-चांपा (छत्तीसगढ़)।
पुलिस ने CA की स्टूडेंट समेत 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
रायपुर
रायपुर में 57 लाख की हेरोइन पकड़ाई है। पुलिस ने CA की स्टूडेंट समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिसमें पति-पत्नी भी शामिल है। आरोपियों के कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन मिली है। यह पूरी कार्रवाई कबीर नगर थाना पुलिस समेत क्राइम ब्रांच ने की है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नारकोटिक्स एक्ट में एक्शन लिया है।
जांच में पता चला कि पंजाब का तस्कर आरोपियों को ड्रग्स सप्लाई करता था। रायपुर में ग्राहकों तक सप्लाई के लिए वीडियो और लोकेशन शेयरिंग का इस्तेमाल किया जाता था। हेरोइन को आरोपी किसी जगह पर रखकर ग्राहक लोकेशन भेज देते थे।
21 अगस्त को एन्टी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम को सूचना मिली कि वेदांत वाटिका के पास 1 व्यक्ति अपने पास हेरोइन(चिट्टा) रखा है। जिसे बेचने की फिराक में ग्राहक की तलाश कर रहा है। खुफिया सूचना मिलते ही अधिकारियों ने आरोपियों को फौरन गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। जिसके कबीर नगर पुलिस और क्राइम ब्रांच की जॉइंट टीम ने आरोपी की घेराबंदी की।
आरोपी का नाम मनमोहन सिंह संधू उर्फ जग्गू निवासी हीरापुर था। पुलिस ने जब जग्गू की तलाशी ली तो उसके पास हेरोइन मिली। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि पंजाब का तस्कर उसे माल खपाने के लिए देता है, जिसे वह यहां अपने डिस्ट्रीब्यूटर विजय मोटवानी और भूषण शर्मा को देता था। फिर दोनों डिस्ट्रीब्यूटर अन्य लोगों को सप्लाई करते थे।
इस मामले में 2 महिलाओं समेत 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के कब्जे से 273.19 ग्राम हेरोइन(चिट्टा) बरामद किया गया। 1 दोपहिया वाहन और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं।आरोपियों के खिलाफ थाना कबीर नगर में धारा 21बी, 21सी, 29 एनडीपीएस एक्ट और 111 बीएनएस के तहत अपराध दर्ज किया गया है।
रायपुर SSP डॉ लाल उमेद सिंह ने बताया कि इस मामले में सभी आरोपियों की उम्र 19 साल से 30 साल के बीच है। इनमें से 2 आरोपी कॉलेज के स्टूडेंट है। जिनमें से एक युवती CA की पढ़ाई कर रही है। पुलिस को इनके बैंक अकाउंट में पैसे के लेनदेन भी मिले हैं।
गवाह को धमकाने पहुंचा हत्या का आरोपी, पिता-पुत्र ने चाकू से वार कर उतारा मौत के घाट
गवाह को धमकाने पहुंचा हत्या का आरोपी, पिता-पुत्र ने चाकू से वार कर उतारा मौत के घाट
भिलाई , कैंप-2
क्षेत्र के श्याम नगर में गुरुवार रात एक सनसनीखेज वारदात हुई। यहां गवाह को धमकाने पहुंचे हत्या के आरोपी की ही चाकू से हमला कर हत्या कर दी गई। पुलिस ने घटना में शामिल पिता और पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
मृतक की पहचान सोनू बाबू रेड्डी (26 वर्ष) निवासी श्याम नगर, कैंप-2 के रूप में हुई है। सोनू पहले से ही एक हत्या के मामले का आरोपी था और कुछ समय पहले ही जमानत पर जेल से रिहा हुआ था। पुलिस के अनुसार, जिस मामले में सोनू आरोपी था, उसमें उसके पड़ोसी सुधाकर मोहरे की पत्नी गवाह हैं। इसी गवाही को प्रभावित करने के लिए सोनू गुरुवार रात मोहरे परिवार के घर पहुंचा था।
सूत्रों के मुताबिक, सोनू अपने साथ चाकू लेकर आया और गवाह को डराने-धमकाने लगा। इस दौरान घर में मौजूद सुधाकर मोहरे और उनके बेटे के साथ उसकी कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ा कि सोनू का हाथ से चाकू छूटकर जमीन पर गिर गया। मौके का फायदा उठाकर सुधाकर और उसके पुत्र ने चाकू उठाया और सोनू पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले में सोनू गंभीर रूप से घायल हो गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।
वारदात की सूचना मिलते ही छावनी पुलिस और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। वहीं पिता-पुत्र को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
सीएसपी हेम प्रकाश नायक ने बताया कि मृतक सोनू आपराधिक प्रवृत्ति का युवक था। वह पहले भी कई आपराधिक मामलों में शामिल रहा है। हाल ही में हत्या के एक मामले में जेल से बाहर आया था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मृतक ने गवाह को डराने के लिए यह कदम उठाया था, लेकिन खुद ही वारदात का शिकार हो गया।
स्थानीय लोगों का कहना है कि सोनू के कारण इलाके में पहले भी तनाव की स्थिति बनी रहती थी। उसके खिलाफ कई बार शिकायतें भी की गई थीं। पुलिस अब पूरे मामले की बारीकी से जांच कर रही है कि घटना आत्मरक्षा में हुई या पहले से रची गई साजिश का हिस्सा थी।
करोड़ों रूपये की ठगी करने के तीन मास्टरमाइंड जेल दाखिल पचास करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का हुआ खुलासा
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
कबीरधाम
- दस प्रतिशत प्रतिमाह लाभांश और एक वर्ष बाद मूल राशि लौटाने का झांसा देकर करोड़ों रूपये की ठगी करने के तीन मास्टरमाइंड आरोपियों को कवर्धा पुलिस ने विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहाँ से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
इस संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुये एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर ने अरविन्द तिवारी को बताया गत वर्ष 30 अक्टूबर 2024 को प्रार्थी शिव सोनी निवासी कवर्धा ने थाना कवर्धा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि DYPDHURWE BROTHERS CONSULTANTS PVT. LTD./निवेश किंग नामक कम्पनी के संचालक धर्मेश धुर्वे , यतीन्द्र धुर्वे एवं नारायण प्रसाद धुर्वे ने दस प्रतिशत प्रतिमाह लाभांश और एक वर्ष बाद मूल राशि लौटाने का झांसा देकर करोड़ों रुपये की ठगी की। इस पर थाना कवर्धा में अपराध क्रमांक 672/2024 धारा 420, 34 भादवि के तहत अपराध दर्ज किया गया। लगातार कई दिनों की मेहनत , दस्तावेजी साक्ष्यों की जांच और विभिन्न जिलों में दबिश देने के बाद आरोपियों को आज गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपियों के ठिकानों से महत्वपूर्ण दस्तावेज और ठगी की रकम से खरीदी गई संपत्तियों के सबूत भी जब्त किये। अब तक की जांच में यह सामने आया है
कि आरोपियों ने केवल कबीरधाम जिले में ही लगभग 01 करोड़ 39 लाख रुपये की ठगी की है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ के बिलासपुर सहित अन्य जिलों में इनके खिलाफ कुल लगभग पचास करोड़ रुपये से अधिक की धोखाधड़ी के मामले सामने आये हैं। आरोपियों ने ठगी की रकम से बिलासपुर में सन्तावन लाख रुपये की जमीन , कवर्धा में एक करोड़ दस लाख रुपये की भूमि और टाटा हैरियर व अर्टिगा जैसी लग्ज़री गाड़ियाँ खरीदीं। कबीरधाम पुलिस की टीम ने कई जिलों में लगातार दबिश दी , बैंक ट्रांजेक्शन खंगाले और सबूतों को एक-एक कर जोड़ा , जिसके बाद यह बड़ी कार्यवाही संभव हो पाई।पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) के निर्देशन , अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पुष्पेंद्र बघेल एवं पंकज पटेल के मार्गदर्शन एवं एसडीओपी कृष्ण कुमार चंद्राकर के पर्यवेक्षण में थाना कवर्धा पुलिस ने ठगी के बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिर आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। वहीं पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह (आईपीएस) ने कहा है
कि आर्थिक अपराधियों के लिये छत्तीसगढ़ की धरती सुरक्षित नहीं है। निवेशकों को लूटने वाले किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जायेगा। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से कवर्धा पुलिस ने आरोपियों को विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस संपूर्ण कार्यवाही में थाना कोतवाली प्रभारी निरीक्षक लालजी सिन्हा , थाना पांडातराई प्रभारी निरीक्षक कमलाकांत शुक्ला , साइबर प्रभारी निरीक्षक मनीष मिश्रा , एएसआई सुरेश जायसवाल , कौशल साहू , दर्शन साहू , संजीव साहू , प्रधान आरक्षक चुम्मन साहू , अभिनव तिवारी , वैभव कल्चुरी , बालेश धुर्वे , आरक्षक लेखा चंद्रवंशी , संदीप शुक्ला , अमित ठाकुर की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गिरफ्तार आरोपीगण -
धर्मेश धुर्वे पिता नारायण प्रसाद धुर्वे (उम्र 35 वर्ष) , यतीन्द्र धुर्वे पिता नारायण प्रसाद धुर्वे (उम्र 29 वर्ष) एवं नारायण प्रसाद धुर्वे पिता स्व. लखनलाल धुर्वे (उम्र 56 वर्ष) सभी निवासी वार्ड क्रमांक 11 , मठपारा कवर्धा , जिला - कबीरधाम (छत्तीसगढ़)।
महापौर पूजा विधानी के जेठ, भाजपा नेता के करीबी, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी समेत 9 जुआरियों को गिरफ्तार ..... बिलासपुर
बिलासपुर
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में पुलिस ने जुए के बड़े फड़ में छापेमारी की। जहां से बिलासपुर महापौर पूजा विधानी के जेठ, भाजपा नेता के करीबी, पीडब्ल्यूडी ठेकेदार और होटल कारोबारी समेत 9 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया है। रसूखदार जुआरी कैश और क्वाइन लेकर बैठे थे। लाखों रुपए का दांव लगा रहे थे। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र का है।
एसएसपी रजनेश सिंह को जानकारी मिली कि सरकंडा के कोनी रोड स्थित महावीर अग्रवाल के बाड़ा में सोमवार की शाम भाजपा नेता के करीबी और कारोबारी जुआ खेल रहे हैं। जहां कैश और क्वाइन पर हार-जीत का दांव लगा रहे हैं। खबर मिलते ही उन्होंने टीआई नीलेश पांडेय समेत टीम को अलर्ट किया और रेड मारने के निर्देश दिए।
पुलिस ने मौके पर तलाशी ली, तब उनके पास से 41 हजार 500 रुपए, एक पेटी क्वाइन, ताश पत्ती और 11 मोबाइल बरामद किया। जिसके बाद पुलिस जुआरियों को लेकर थाने आ गई।
इस कार्रवाई के बाद रसूखदार जुआरियों ने अपने-अपने करीबी नेता और अफसरों को फोन लगाना शुरू कर दिया। जिसके बाद सरकंडा थाना परिसर में उनके करीबियों की भीड़ जुट गई। इस दौरान आरोपियों को छुड़ाने की कोशिश भी की गई। लेकिन, पुलिस अफसरों ने किसी की नहीं सुनी। एसएसपी रजनेश सिंह ने साफ कहा कि किसी भी जुआरी पर रहम नहीं की जा सकती।
पुलिस अफसरों ने बताया कि, बड़े कारोबारी जुए में हजारों और लाखों रुपए के दांव लगाते हैं। ऐसे में जब पुलिस रेड मारती है तो उन्हें रुपए जब्त होने का डर रहता है। पुलिस मौके पर मिले रुपए के साथ ही सभी सामानों की जब्ती बनाती है। इसलिए बड़े कारोबारी जुए में क्वाइन का इस्तेमाल करते हैं।
क्वाइन को 5-10 और 20 से लेकर 50 हजार रुपए तक का नाम तय कर उसी हिसाब से हार-जीत का दांव लगाते हैं। इस फड़ में क्वाइन की जब्ती बनाई गई है। लेकिन, यह पता नहीं चल सका है कि क्वाइन कितने का है। इसके चलते पुलिस जब्त क्वाइन का आकलन नहीं कर पाई है।
- रमेश कुमार अग्रवाल (70) पिता गोपाल प्रसाद अग्रवाल निवासी अग्रसेन चौक बिलासपुर। (कारोबारी)
- सुशील अग्रवाल (60) पिता महावीर प्रसाद अग्रवाल निवासी पुराना सरकंडा बिलासपुर। (राय साहब बनवारीलाल अग्रवाल का परिवार )
- चंद्रशेखर अग्रवाल (64) पिता पूरनचंद अग्रवाल निवासी महाराणा प्रताप चौक अकलतरा जिला जांजगीर चांपा। (बागड़िया टाइल्स)
- विजय विधानी (64) पिता रेलू विधानी निवासी हेमूनगर चौक थाना तोरवा जिला बिलासपुर। (मेयर पूजा विधानी का जेठ)
- हरवंश लाल (79) पिता मूल्कराज अजमानी निवासी दयालबंद बिलासपुर। (होटल कारोबारी)
- बिहारी ताम्रकार (66) पिता दुखीराम ताम्रकार निवासी भाजपा कार्यालय के सामने करबला रोड थाना कोतवाली जिला बिलासपुर। (व्यवसायी)
- तेजेश्वर वर्मा (40) पिता रामाधार वर्मा निवासी गोड़पारा थाना सिटी कोतवाली बिलासपुर। (व्यवसायी)
- सुनील अग्रवाल (60) पिता राधाकृष्ण अग्रवाल निवासी चांटीडीह सरकण्डा। (फर्नीचर व्यवसायी)
- पारस राय उर्फ पारूल राय (48) पिता राजेश राय निवासी 27 खोली थाना सिविल लाइन बिलासपुर। (पीडब्ल्यूडी ठेकेदार)
महानदी में कूदने वाली शादीशुदा महिला की मिली लाश
रायपुर के आरंग के पारागांव स्थित महानदी पुल से कूदने वाली शादीशुदा महिला स्वाति त्रिवेदी (27) की लाश मंगलवार सुबह नदी में तैरती मिली है
सोमवार सुबह आरंग पुलिस को ग्राम पारागांव में नेशनल हाईवे-53 पर बने महानदी पुल पर एक स्कूटी और दुपट्टा मिला था। महिला रायपुर के संतोषी नगर की रहती वाली थी। पुलिस अब आत्महत्या के कारणों की जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ भी की जा रही है
इस मामले में थाना प्रभारी राजेश सिंह ने बताया कि, स्वाति त्रिवेदी की शादी दो साल पहले हुई थी। उसकी ढाई महीने की बच्ची भी है। महिला का मायका ग्राम पारागांव में है। स्वाति रक्षाबंधन मनाने मायके आई हुई थी।
रविवार को पति और ससुराल पक्ष के लोग उससे मिलने आए। उसी दिन वापस लौट गए थे। अगले दिन सुबह 5 बजे स्वाति घर से स्कूटी लेकर निकली थी, जो पुल पर खड़ी मिली थी।
सोमवार को स्वाति की तलाश के दौरान पुलिस को महानदी में एक बुजुर्ग महिला की लाश भी मिली थी। उसकी पहचान चंपा चंद्राकर (78) निवासी बेमचा, जिला महासमुंद के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को बाहर निकालकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
चंपा 15 अगस्त को घर से बिना बताए निकली थी। पुलिस ने परिजनों को बुलाया है और शिनाख्त के बाद शव उन्हें सौंपा जाएगा
चाकू से डराने धमकाने का आरोपी जेल दाखिल
अरविन्द तिवारी की रिपोर्ट
दुर्ग -
मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर धारदार चाकू दिखाकर आमजन को डराने धमकाने वाले आरोपी को सुपेला थाना पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से इस संबंध में मिली विस्तृत जानकारी के अनुसार मुखबिर से चूड़ी लाईन सुपेला के पास एक लड़के द्वारा चाकू दिखाकर लोगो को डराने धमकाने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही घेराबंदी कर आरोपी को पकड़कर नाम पूछने पर उन्होंने अपना नाम हरजित सिंह बताया जिसके कब्जे से एक धारदार लोहे के चाकू को पुलिस ने जप्त किया। आरोपी आदतन अपराधी है एवं उसके खिलाफ पूर्व में भी अपराध पंजीबद्ध है। धारा सदर अपराध सबूत पाये जाने से थाना सुपेला पुलिस ने आरोपी को अपराध क्रमांक 974/2025 धारा 25 , 27 आर्म्स एक्ट के तहत विधिवत गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया , जहां से उसे न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेज दिया गया। इस महत्वपूर्ण कार्यवाही में थाना प्रभारी सुपेला विजय यादव , सउनि मोतीलाल खुरसे , आरक्षक सूर्य प्रताप सिंह , दुर्गेश सिंह राजपुत का विशेष योगदान रहा।
गिरफ्तार आरोपी -
हरजित सिंह निवासी न्यू बसंत टाकीज के पास प्रगति नगर केम्प 01 , थाना - छावनी , जिला - दुर्ग (छत्तीसगढ़)।