ACB ने चार घूसखोरों को किया ट्रैप : एक ही जिले में 2 स्थानों पर कार्रवाई,
जांजगीर-चांपा
भ्रष्टाचार के खिलाफ एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक ही दिन में दो अलग-अलग स्थानों पर ट्रैप ऑपरेशन को अंजाम दिया। इस डबल एक्शन में जहां CSEB (छत्तीसगढ़ स्टेट इलेक्ट्रिसिटी बोर्ड) के तीन कर्मचारियों को 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते पकड़ा गया,
वहीं नवागढ़ नगर पंचायत के लेखापाल को 8 हजार रुपये लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।
पहली कार्रवाई CSEB के ग्रामीण कार्यालय में की गई, जहां ACB टीम ने छापा मारकर जूनियर इंजीनियर (JE) राजेंद्र शुक्ला, असिस्टेंट इंजीनियर (AE) विजय नोरगे और एक कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। तीनों पर आरोप है कि उन्होंने ग्राम खोखसा में फ्लाई ऐश ब्रिक्स प्लांट लगाने के लिए ट्रांसफार्मर और मीटर स्थापना के एवज में 35 हजार रुपये की रिश्वत की मांग की थी। शिकायतकर्ता इस मांग से परेशान था और रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था।
उसने बिलासपुर स्थित ACB कार्यालय में इसकी शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप बिछाया। केमिकल युक्त नोटों के साथ प्रार्थी को कार्यालय भेजा गया और जैसे ही रिश्वत की राशि सौंपी गई, बाहर तैनात टीम ने तुरंत दबिश देकर तीनों को गिरफ्तार कर लिया।ACB की दूसरी बड़ी कार्रवाई जांजगीर जिले के ही नवागढ़ नगर पंचायत में हुई। डीएसपी एसीबी बिलासपुर अजितेश सिंह ने बताया कि नवागढ़ निवासी अब्दुल वहाब ने एसीबी इकाई बिलासपुर में रिश्वत मांगने की शिकायत की थी।
उन्होंने बताया था कि उसके फर्म द्वारा नगर पंचायत नवागढ़ क्षेत्र में वित्त वर्ष 2024-25 में अधोसंरचना से संबंधित कार्य और मरम्मत का कार्य किया गया था, जिसकी बिल राशि करीब 203000 रुपए का चेक जारी कराने के एवज में लेखापाल 16000 रुपए रिश्वत मांग रहा था। वह 6000 रुपए उसे दे चुका है और 10000 रुपए की और मांग की जा रही है, जो वह उसे उक्त कार्य के लिए 10000 रुपए रिश्वत नहीं देना चाहता बल्कि उसे रंगे हाथ पकड़वाना चाहता था।शिकायत मिलने के बाद ACB ने इस मामले में भी ट्रैप प्लान तैयार किया और मौके पर ही आरोपी को पकड़ लिया। गिरफ्तारी के बाद उससे पूछताछ जारी है और संबंधित दस्तावेजों की जांच भी की जा रही है। आरोपी के विरुद्ध धारा 7, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 के तहत कार्रवाई की जा रही है।