सी एस सी के जिला प्रबंधक पर अवैध वसूली का आरोप कलेक्टर जनदर्शन मे शिकायत
चकरदा (सरसींवा)=
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले में कॉमन सर्विस सेंटर व्यवस्था को लेकर एक बेहद गंभीर और चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने प्रशासनिक पारदर्शिता और योजनाओं के संचालन पर सीधे सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम पंचायत चकरदा, तहसील सरसींवा निवासी सी एस सी संचालक केदारनाथ साहू ने जिला कलेक्टर को लिखित शिकायत सौंपते हुए सी एस सी जिला प्रबंधक डी एम रवी पर संगठित तरीके से अवैध वसूली और भेदभावपूर्ण कार्रवाई करने के आरोप लगाए हैं।
शिकायत के अनुसार, जिले में “महतारी वंदन योजना” जैसे महत्वपूर्ण सरकारी योजना के के वाई सी कार्य को कमाई का जरिया बना दिया गया है। आरोप है कि सी एस सी डी एम की मिलीभगत से कुछ चुनिंदा विएली की आईडी चालू रखी गई है और उन्हीं के माध्यम से आम जनता से ₹50 से ₹100 तक की अवैध वसूली करवाई जा रही है। गरीब और जरूरतमंद लोग, जो सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए सी एस सी केंद्रों पर पहुंचते हैं, उनसे खुलेआम पैसे वसूले जा रहे हैं, जबकि शासन द्वारा ऐसी किसी भी प्रकार की फीस निर्धारित नहीं है।
सबसे गंभीर आरोप यह है कि शिकायतकर्ता केदारनाथ साहू की सी एस सी आईडी को बिना किसी वैध कारण के अचानक बंद कर दिया गया। उनका कहना है कि यह कार्रवाई जानबूझकर की गई ताकि वे इस अवैध खेल का विरोध न कर सकें। आईडी बंद होने के कारण उनका रोजगार ठप हो गया है और उन्हें आर्थिक संकट के साथ-साथ मानसिक उत्पीड़न का भी सामना करना पड़ रहा है।
इस पूरे मामले में “अपने लोगों को फायदा, बाकी को सजा” जैसी स्थिति साफ नजर आ रही है, जहां एक ओर चहेते संचालकों को संरक्षण देकर अवैध वसूली का रास्ता खुला रखा गया है, वहीं दूसरी ओर ईमानदारी से काम करने वालों को सिस्टम से बाहर करने का प्रयास किया जा रहा है। यह न केवल प्रशासनिक तंत्र की निष्पक्षता पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि सरकारी योजनाओं की विश्वसनीयता को भी गहरा आघात पहुंचाता है।
केदारनाथ साहू ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराई जाए, अवैध वसूली में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई हो और उनकी सी एस सी आईडी को तत्काल प्रभाव से पुनः चालू किया जाए। अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या वाकई इस कथित भ्रष्टाचार के नेटवर्क पर कार्रवाई होती है या मामला भी अन्य शिकायतों की तरह फाइलों में दबकर रह जाएगा।