राजधानी

उरकुरा में बाल श्रम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, 3 नाबालिग बच्चों का रेस्क्यू प्रशासन की सख्ती-अब बाल श्रम नहीं, हर बच्चे को शिक्षा और सुरक्षित बचपन का अधिकार

रायपुर ।बाल श्रम के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत उरकुरा क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित ईंट भट्ठों पर प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन नाबालिग बच्चों को बाल श्रम से मुक्त कराया है। इस कार्रवाई को स्थानीय प्रशासन और छत्तीसगढ़ बाल अधिकार संरक्षण आयोग की संयुक्त पहल का परिणाम माना जा रहा है, जिसने एक बार फिर बाल अधिकारों की सुरक्षा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता स्पष्ट की है।

जानकारी के अनुसार, प्रशासन को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि उरकुरा क्षेत्र के कुछ ईंट भट्ठों में नाबालिग बच्चों से मजदूरी कराई जा रही है। शिकायतों की पुष्टि होने के बाद संबंधित विभागों की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की। मौके पर पहुंची टीम ने तीन मासूम बच्चों को कठिन परिस्थितियों में काम करते हुए पाया, जिन्हें तत्काल रेस्क्यू कर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया।

रेस्क्यू किए गए बच्चों को आवश्यक देखभाल और परामर्श उपलब्ध कराया जा रहा है। साथ ही उन्हें पुनर्वास की प्रक्रिया से जोड़ा जा रहा है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि बच्चों से मजदूरी कराने वाले दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूर्णतः रोक लगाई जा सके।

नियमानुसार बाल श्रम न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के भविष्य के साथ भी गंभीर अन्याय है। प्रत्येक बच्चे को शिक्षा, सुरक्षा और स्वस्थ वातावरण में बढ़ने का अधिकार है, जिसे किसी भी परिस्थिति में छीना नहीं जा सकता।

यह कार्रवाई समाज के लिए एक मजबूत संदेश है कि बाल श्रम के खिलाफ सरकार पूरी तरह सजग और प्रतिबद्ध है। साथ ही आम नागरिकों से भी अपील की गई है कि यदि कहीं बाल श्रम की जानकारी मिले, तो तुरंत संबंधित अधिकारियों को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके और बच्चों को उनका अधिकार दिलाया जा सके।

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