क्राइम
रायपुर में अवैध खनिज परिवहन पर एक्शन
रायपुर में अवैध खनिज परिवहन पर एक्शन
रायपुर में अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन के खिलाफ खनिज विभाग ने अभियान चलाकर कार्रवाई की है। कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के निर्देश पर संचालित इस अभियान में रेत और बोल्डर का अवैध परिवहन कर रहे 8 हाइवा वाहनों को जब्त किया गया।
उप संचालक खनि प्रशासन राजेश मालवे और सहायक खनि अधिकारी उमेश भार्गव के मार्गदर्शन में गठित टीम ने नारी और धमतरी क्षेत्र से रेत लेकर आ रहे 6 हाइवा, तुमगांव क्षेत्र से बोल्डर परिवहन कर रहे 2 हाइवा वाहनों की जांच की।
जांच के दौरान वाहन चालकों से खनिज परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वे आवश्यक कागजात पेश नहीं कर सके।
दस्तावेजों के अभाव में सभी वाहनों को अवैध खनिज परिवहन की श्रेणी में मानते हुए तत्काल जब्त कर लिया गया। खनिज विभाग ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद जब्त वाहनों को उपरवारा थाना और माना थाना की सुपुर्दगी में सौंप दिया।
विभागीय अधिकारियों के अनुसार मामले में खनिज नियमों के तहत आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।खनिज विभाग ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध उत्खनन और खनिज परिवहन के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने कहा कि नियमों का उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
महिला गांजा तस्कर गिरफ्तार, सरस्वती नगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
रायपुर। राजधानी रायपुर में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी है। इसी कड़ी में सरस्वती नगर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए एक महिला गांजा तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से 2 किलो से अधिक अवैध गांजा बरामद किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब एक लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस को सूचना मिली थी कि एक महिला इलाके में गांजे की बिक्री करने की फिराक में है। सूचना के आधार पर सरस्वती नगर थाना पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर संदिग्ध महिला को पकड़ा। तलाशी लेने पर उसके पास से कुल 2.040 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ के दौरान महिला गांजे के संबंध में कोई वैध दस्तावेज या संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी।
इसके बाद पुलिस ने आरोपी महिला को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। जब्त किए गए गांजे की बाजार कीमत लगभग एक लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी गांजा कहां से लाती थी और इसकी सप्लाई किन-किन क्षेत्रों में की जा रही थी।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि रायपुर पुलिस कमिश्नरेट द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘प्रहार’ के तहत नशे के कारोबारियों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। शहर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में सक्रिय अवैध नशा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने नागरिकों से भी अपील की है कि नशे से जुड़े किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें, ताकि ऐसे अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
इंद्रप्रस्थ परिसर में युवक का शव मिला
इंद्रप्रस्थ परिसर में युवक का शव मिला
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के इंद्रप्रस्थ फेस-02 स्थित एलआईजी सी-ब्लॉक में गुरुवार को एक युवक का शव संदिग्ध हालत में मिला। युवक बिल्डिंग की छत पर फांसी के फंदे से लटका हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही कॉलोनी में बड़ी संख्या में लोग जुट गए। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है।
पुलिस के मुताबिक गुरुवार सुबह करीब 11 बजे स्थानीय लोगों ने बिल्डिंग की छत पर युवक को फंदे से लटका देखा। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही डीडी नगर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और शव को नीचे उतरवाकर जांच शुरू की गई।पुलिस ने मौके पर पंचनामा कार्रवाई कर शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृत युवक की पहचान नहीं हो सकी है। शुरुआती जांच में मामला आत्महत्या का माना जा रहा है, हालांकि पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है।
घटना के बाद पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है। वहीं बिल्डिंग और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि युवक कब और कैसे बिल्डिंग की छत तक पहुंचा।
स्थानीय लोगों के अनुसार देर रात तक इलाके में किसी तरह की संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई थी। सुबह शव मिलने के बाद कॉलोनी में दहशत का माहौल बन गया।डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल मर्ग कायम कर मामले की जांच जारी है। पुलिस युवक के परिजनों और परिचितों की जानकारी जुटाने का प्रयास कर रही है।
कार से 65 लाख रुपए बरामद
कार से 65 लाख रुपए बरामद
रायपुर-जगदलपुर नेशनल हाईवे-30 पर मरकाटोला के पास पुलिस ने मंगलवार को एक कार से करीब 65 लाख रुपए बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार कार में सवार व्यापारी बालोद निवासी अमित जैन है। वह केशकाल से नकद लेकर बालोद लौट रहे थे जांच के दौरान उनके वाहन में रखे दो अलग-अलग थैले से 500-500 रुपए की नई करंसी मिली।
इन्हें गिनने में करीब तीन घंटे का समय लगा। व्यापारी अब तक रकम से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर पाए। इसके चलते पूरी राशि पुलिस ने अपने कब्जे में ले ली। मामले की सूचना एसडीएम, तहसीलदार और आयकर विभाग को भी दी गई है। जब्त रकम को आगे की जांच के लिए आयकर विभाग (आईटी) को सौंपने की तैयारी चल रही है।
नवंबर 2025 में कार से 3 करोड़ मिले,लेकिन किसके नहीं पता : बालोद पुलिस ने 12 नवंबर 2025 को नाकाबंदी कर बालोद-दुर्ग मुख्य मार्ग में स्थित पड़कीभाट बाइपास के पास महाराष्ट्र पासिंग क्रेटा कार (एमएच 04 एमए 8035) से लगभग 3 करोड़ रुपए बरामद किए। हालांकि यह रकम किसकी है, अब तक पता नहीं लगा। इसकी जांच आईटी विभाग से चल रही है।
3 करोड़ रुपए जब्त कर पुलिस ने कार में सवार पटेल अलपेश कुमार (49) निवासी पटेलवास सुण्डिया गुजरात और अशोक गाड़गे(42) निवासी न्यू श्रीनाथ कॉम्पलेक्स सी-203 मीरा भयंदर रोड ठाणे (महाराष्ट्र) को गिरफ्तार किया था।
मुंगेली: शादी का झांसा देकर यौन शोषण करने वाला आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने भेजा जेल
इमरान खोखर ब्यूरो चीफ
मुंगेली पुलिस की महिला संबंधी प्रकरणों में त्वरित कार्यवाही
जरहागाँव: मुंगेली एसएसपी श्री भोजराम पटेल के निर्देशन में थाना जरहागांव पुलिस ने शादी का झांसा देकर शारीरिक शोषण करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
घटना का विवरण
पीड़िता ने थाना जरहागांव में रिपोर्ट दर्ज कराई कि आरोपी अरूणेश उर्फ गोलू प्रजापति (33 वर्ष, निवासी कुम्हारपारा, बरेला) ने 25 फरवरी 2017 से उसे शादी का झांसा देकर लगातार शारीरिक संबंध बनाए। जब पीड़िता ने शादी के लिए दबाव बनाया, तो आरोपी टाल-मटोल करता रहा।
आरोपी ने 4 मई 2026 को किसी अन्य युवती से विवाह कर लिया। इसके बावजूद, वह पीड़िता का पीछा करता रहा और 22-23 मई 2026 को उसके किराये के मकान में जबरन शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता की शिकायत पर थाना जरहागांव में अपराध क्रमांक 77/26, धारा 69 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया।
पुलिस की त्वरित कार्यवाही
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी भोजराम पटेल के निर्देश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबड़ा के मार्गदर्शन में मामले की जांच शुरू की गई। प्रकरण में SC/ST एक्ट की धाराएँ भी जोड़ी गईं, जिसकी विवेचना उप पुलिस अधीक्षक श्री हरविंदर सिंह (अजाक) द्वारा की गई।
पुलिस ने साक्ष्य जुटाते हुए और पीड़िता के कथन व स्वास्थ्य परीक्षण के उपरांत आज, 25 मई 2026 को आरोपी अरूणेश उर्फ गोलू प्रजापति को हिरासत में लिया। पूछताछ में अपराध स्वीकार करने के बाद उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहाँ से उसे जेल भेज दिया गया।
प्रमुख भूमिका
इस कार्यवाही में उप निरीक्षक श्रीमती शोभा यादव (प्रभारी, थाना जरहागांव), सहायक उप निरीक्षक लव सिंह ध्रुव और आरक्षक उमेश सोनवानी की अहम भूमिका रही।
"गौरव पथ पर रात में स्कूटी सवार युवक से लूट, जान से मारने की धमकी
तीन युवकों ने लूट की वारदात को दिया अंजाम, 4 हजार और आधार कार्ड छीना
भिलाईनगर:24 मई 2026: वैशाली नगर थाना क्षेत्र में देर रात काम से घर लौट रहे एक व्यक्ति को तीन युवकों ने रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया। आरोपियों ने जान से मारने की धमकी देकर नगद राशि और आधार कार्ड छीन लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
वैशाली नगर पुलिस के अनुसार प्रार्थी उमेश सिंह परमार, उम्र 45 वर्ष, सुबह 9 बजे से दोपहर 3 बजे तक खन्ना किराना दुकान में काम करता है, जबकि शाम से रात तक सिविक सेंटर स्थित सोनू तंदूर में कार्यरत है।
शिकायत में बताया गया कि 22 और 23 मई 2026 की दरमियानी रात करीब 1 बजे काम खत्म कर वह अपनी स्कूटी क्रमांक CG07CP4157 से जवाहर नगर स्थित घर लौट रहा था। रात लगभग 1:30 बजे जब वह पुरानी पुलिस चौकी वैशाली नगर के पास गौरव पथ सुंदर नगर पहुंचा, तभी लाल रंग की मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक पीछे से आए और उसकी स्कूटी के सामने बाइक लगाकर रास्ता रोक दिया।
प्रार्थी के मुताबिक आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी देते हुए नीचे उतार दिया। इसी दौरान एक युवक ने बाकी दोनों को “सूरज” और “गोपी” नाम लेकर उसकी तलाशी लेने को कहा। आरोप है कि दोनों युवकों ने उसकी शर्ट और पेंट की जेब की तलाशी लेकर 4 हजार रुपये नगद और आधार कार्ड निकाल लिया।
जब प्रार्थी ने विरोध करने की कोशिश की तो आरोपियों ने धमकी दी कि विरोध करने पर उसे वहीं खत्म कर देंगे। इसके बाद तीनों युवक लाल रंग की बाइक में बैठकर फरार हो गए। जाते समय एक युवक को “मयंक” नाम से पुकारा गया।
प्रार्थी ने बताया कि आरोपियों के भागते समय उसने बाइक का नंबर CG07CP6297 नोट कर लिया। घटना से भयभीत होकर वह सीधे घर चला गया और अगले दिन थाना पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई।
दुर्ग पुलिस के अनुसार वैशाली नगर थाना में अपराध क्रमांक 0191/26 दर्ज कर आरोपी सूरज, मयंक और गोपी की खिलाफ धारा 126/2,3/5और 309/4 बी एन एस के तहत मामला कायम कर विवेचना की जा रही है
नाबालिग से दुष्कर्म पर अदालत का सख्त रुख, आरोपी को 10 साल की मिली सजा
सारंगढ़-बिलाईगढ़ नाबालिग बालिका से दुष्कर्म और अपहरण के सनसनीखेज मामले में सारंगढ़ की विशेष अदालत ने बड़ा और सख्त फैसला सुनाते हुए आरोपी राहुल साहू को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के इस फैसले को महिला एवं बाल सुरक्षा की दिशा में न्यायपालिका का कड़ा संदेश माना जा रहा है।
अपर सत्र न्यायाधीश एवं द्वितीय अतिरिक्त न्यायाधीश अमित राठौर की अदालत ने मामले की सुनवाई के दौरान साफ कहा कि नाबालिगों से जुड़े अपराध समाज के लिए गंभीर खतरा हैं और ऐसे मामलों में कानून पूरी कठोरता के साथ लागू किया जाएगा।
मामला थाना सरिया क्षेत्र के ग्राम जटीयापाली का है, जहां आरोपी राहुल साहू ने 18 वर्ष से कम आयु की बालिका को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाकर दुष्कर्म किया था। घटना के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराध दर्ज किया और गहन विवेचना के बाद मजबूत साक्ष्यों के साथ न्यायालय में अभियोग पत्र पेश किया।
सुनवाई के दौरान अदालत ने पीड़िता के बयान, मेडिकल रिपोर्ट, दस्तावेजी साक्ष्य और गवाहों के बयानों का गंभीर परीक्षण किया। सभी तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए कड़ी सजा सुनाई।
अदालत ने आरोपी को भारतीय न्याय संहिता की धारा 137(2) के तहत 5 वर्ष, धारा 87 के तहत 7 वर्ष तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 4(1) के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं जुर्माने से दंडित किया।
फैसले में न्यायालय ने यह भी स्पष्ट किया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों की सहमति कानूनन मान्य नहीं होती। साथ ही पीड़िता के शारीरिक, मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास को ध्यान में रखते हुए राज्य शासन को पीड़ित क्षतिपूर्ति योजना के अंतर्गत प्रतिकर राशि प्रदान करने की अनुशंसा की गई है।
प्रकरण में शासन की ओर से विशेष लोक अभियोजक प्रफुल्ल कुमार तिवारी ने प्रभावशाली पैरवी की, वहीं विवेचना अधिकारी उप निरीक्षक प्रमोद यादव की सक्रिय जांच और सटीक साक्ष्य संकलन ने पीड़िता को न्याय दिलाने में निर्णायक भूमिका निभाई।
अदालत के इस फैसले के बाद क्षेत्र में यह संदेश स्पष्ट रूप से गया है कि नाबालिगों के खिलाफ अपराध करने वालों को कानून किसी भी कीमत पर बख्शने वाला नहीं है।
शादी का झांसा देकर नाबालिग का दैहिक शोषण करने वाला आरोपी हिमेश घृतलहरे चढ़ा पुलिस के हत्थे, पीड़िता सकुशल बरामद
इमरान खोखर बिहान ब्यूरो चीफ
पथरिया (मुंगेली)। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल (भा.पु.से.) के निर्देशन में चलाए जा रहे ‘‘ऑपरेशन मुस्कान’’ के तहत पथरिया पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक नाबालिग बालिका को बहला-फुसलाकर भगा ले जाने और उसका दैहिक शोषण करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। साथ ही नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद कर उसके परिजनों को सौंप दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
घटना 10-11 अप्रैल 2026 की दरमियानी रात की है। प्रार्थिया ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि रात में पूरा परिवार खाना खाकर सो गया था। सुबह उठकर देखने पर उसकी नाबालिग पुत्री घर पर नहीं थी। कोई अज्ञात व्यक्ति उसे बहला-फुसलाकर भगा ले गया था। प्रार्थिया की शिकायत पर थाना पथरिया में अपराध क्रमांक 85/2026 और धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई और गिरफ्तारी
मामला नाबालिग बालिका से जुड़ा होने के कारण वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराज पटेल ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए थे। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सुश्री नवनीत कौर छाबडा और उप पुलिस अधीक्षक हरविंदर सिंह के मार्गदर्शन में पथरिया पुलिस की टीम लगातार पीड़िता और आरोपी की तलाश में जुटी थी।
सफलता: 16 मई 2026 को मुखबिर और तकनीकी सहायता (साइबर सेल) की मदद से पुलिस टीम ने रायपुर में दबिश दी।
बरामदगी: पुलिस ने संदेही आरोपी हिमेश घृतलहरे (निवासी: पीपरलोड, थाना सरगांव) के कब्जे से नाबालिग बालिका को सुरक्षित बरामद किया।
पीड़िता का बयान: पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी हिमेश घृतलहरे ने उसे शादी का झांसा देकर उसका दैहिक शोषण किया था।बालिका का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के बाद उसे सकुशल उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
आरोपी के खिलाफ सख्त धाराएं
पीड़िता के बयान और मामले की गंभीरता को देखते हुए प्रकरण में धारा 87, 64(1) बीएनएस और 4, 6 पॉक्सो (POCSO) एक्ट जोड़ी गई। आरोपी हिमेश घृतलहरे ने पूछताछ में अपना जुर्म कबूल कर लिया, जिसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
सराहनीय भूमिका: इस पूरी त्वरित और सफल कार्रवाई में थाना प्रभारी पथरिया गिरिजा शंकर यादव, आरक्षक राकेश बंजारे, हलीश गेदले और मनीष गेंदले का विशेष और सराहनीय योगदान रहा।
कांकेर में जाली नोटों के बड़े रैकेट का पर्दाफाश, 6.50 लाख के नकली नोटों के साथ आरोपी गिरफ्तार*
कांकेर। कांकेर जिला पुलिस और क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नकली नोटों के काले कारोबार का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने नए बस स्टैंड इलाके में घेराबंदी कर एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से 500-500 रुपये के कुल 6 लाख 50 हजार रुपये के नकली नोट बरामद किए गए हैं।
घर पर ही लगा रखी थी नोट छापने की फैक्ट्री
कांकेर पुलिस अधीक्षक श्री निखिल कुमार राखेचा ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान कांकेर निवासी युगल नाग के रूप में हुई है। आरोपी पिछले छह महीनों से अपने ही घर में नकली नोट छापने का अवैध कारोबार चला रहा था। वह हाई-टेक मशीनों की मदद से एक ही पेज पर दोनों तरफ हूबहू असली जैसे दिखने वाले कई नोट प्रिंट करता था और फिर उन्हें कटर से बेहद बारीकी से काटता था। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने पर दबिश देकर नोट छापने में इस्तेमाल होने वाले कंप्यूटर, कलर प्रिंटर, स्कैनर और अन्य उपकरण भी जब्त किए हैं।
कर्ज और नशे की लत ने बनाया अपराधी
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी युगल नाग भारी कर्ज में डूबा हुआ था और वह गंभीर नशे का आदी भी है। अपने कर्ज को चुकाने और नशे की जरूरतों को पूरा करने के लिए उसने शॉर्टकट रास्ता चुना। आरोपी पहले भी कई आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है और वह इस जाली करेंसी को स्थानीय बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में खपाने की फिराक में था।
कोतवाली पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम आरोपी से लगातार पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि इस जाली नोट सिंडिकेट के तार अन्य जिलों या राज्यों से भी जुड़े हो सकते हैं। आरोपी ने अब तक बाजार में कितने नकली नोट खपाए हैं और इस साजिश में उसके साथ कौन-कौन शामिल है, इसकी कड़ाई से जांच की जा रही है
रिश्तों में घुली रंजिश बनी मौत की वजह रायपुर में जीजा ने साले पर चापड़ से किया हमला, मौके पर हुई मौत
रायपुर । रायपुर के उरला थाना क्षेत्र में पारिवारिक विवाद ने खूनी रूप ले लिया। ग्राम सरोरा में रहने वाले एक युवक की उसके ही जीजा ने चापड़ मारकर हत्या कर दी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।
मिली जानकारी के अनुसार मृतक गिरधर गोपाल और उसका जीजा प्रकाश साहू के बीच लंबे समय से तनाव चल रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी प्रकाश साहू अपनी ससुराल में रह रहा था, जिसे लेकर गिरधर अक्सर उसे ताने देता था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कई बार विवाद भी हो चुका था। परिवार के लोगों ने पहले भी दोनों को समझाने का प्रयास किया था, लेकिन मनमुटाव लगातार बढ़ता गया।
बताया गया कि 13 मई की रात दोनों के बीच फिर से कहासुनी हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि गुस्से में आकर प्रकाश साहू ने रिंग रोड नंबर-2 स्थित साहू पान ठेला के पास अपने साले गिरधर गोपाल पर चापड़ से हमला कर दिया। गंभीर वार लगने से गिरधर लहूलुहान होकर जमीन पर गिर पड़ा। आसपास मौजूद लोगों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
घटना की सूचना मिलते ही उरला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने आरोपी प्रकाश साहू को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। हत्या में इस्तेमाल चापड़ भी पुलिस ने बरामद कर लिया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद और आपसी तनाव हत्या की मुख्य वजह सामने आई है। फिलहाल मामले की विस्तृत जांच जारी है।
बरमकेला में गांजा तस्करी पर पुलिस की कार्रवाई, पिता-पुत्र गिरफ्तार, 8 किलो से ज्यादा गांजा जब्त..
सारंगढ़-बिलाईगढ़// जिले के बरमकेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने अवैध गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी अलग-अलग टीवीएस एक्सेल वाहन में गांजा लेकर जा रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से 8 किलो 460 ग्राम गांजा जब्त किया है।
जानकारी के अनुसार 13 मई 2026 की रात थाना बरमकेला पुलिस की टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान ग्राम बरमकेला स्थित एपेक्स बैंक के सामने मेन रोड पर दो व्यक्ति संदिग्ध हालत में वाहन लेकर खड़े दिखाई दिए। पुलिस को देखकर दोनों घबराए हुए नजर आए, जिसके बाद जवानों ने उन्हें रोककर पूछताछ की।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम अजीत कुमार सिंह उम्र 55 वर्ष निवासी मिर्जापुर उत्तर प्रदेश और उसके 14 वर्षीय नाबालिग पुत्र के रूप में बताया। जांच के दौरान दोनों के पास से कुल 8 पैकेट गांजा बरामद हुआ, जिसका वजन 8 किलो 460 ग्राम बताया गया है।
पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने उड़ीसा से उत्तर प्रदेश गांजा तस्करी करने की बात स्वीकार की। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में पूरी कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गांजा जब्त कर लिया। मामले में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 बी के तहत अपराध दर्ज किया गया है। कार्रवाई के बाद दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
रावाभाठा विस्फोटक कांड का खुलासा: आत्मघाती मंसूबे से तैयार किया था आईडी जैसा सिस्टम
रायपुर । राजधानी रायपुर के रावाभाठा और बीरगांव इलाके में संदिग्ध विस्फोटक सामग्री मिलने से फैले सनसनीखेज मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी विनय कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर लिया है। शुरुआती जांच में जिस मामले को संभावित बड़ी साजिश से जोड़कर देखा जा रहा था, उसमें अब आत्मघाती मंशा की बात सामने आई है।
दरअसल, 7 मई को खमतराई थाना क्षेत्र अंतर्गत फुलवारी चौक वार्ड क्रमांक-13 स्थित एक निर्माणाधीन मकान में संदिग्ध बैग मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मकान मालिक महिला पुष्पा साहू ने बैग को संदिग्ध देखते हुए इसकी जानकारी वार्ड पार्षद को दी, जिसके बाद सूचना पुलिस तक पहुंची। मौके पर पहुंची पुलिस ने जब बैग की जांच की तो उसके भीतर वायर, बैटरी, एयर पिस्टल, कैमिकल से भरी बोतलें, डेटोनेटरनुमा सामग्री और आईईडी मैकेनिजम जैसे उपकरण बरामद हुए।
सामग्री मिलने के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस ने तत्काल क्षेत्र की घेराबंदी कर लोगों को सुरक्षित दूरी पर किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए बम डिस्पोजल स्क्वॉड (बीडीएस), फॉरेंसिक एक्सपर्ट, साइबर टीम और वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। डीसीपी नॉर्थ जोन मयंक गुर्जर ने स्वयं घटनास्थल पहुंचकर जांच की मॉनिटरिंग की थी।
पुलिस जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई, जिसमें विनय कुमार देवांगन का नाम सामने आया। घटना के बाद से आरोपी फरार चल रहा था, जिसे अब पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पारिवारिक तनाव और मानसिक दबाव में था तथा खुद को उड़ाने की नीयत से विस्फोटक सामग्री इकट्ठा कर IED जैसा सिस्टम तैयार कर रहा था।
पुलिस के मुताबिक बरामद सामग्री को सुरक्षित तरीके से डिफ्यूज कर जब्त कर लिया गया है। फिलहाल आरोपी से विस्तृत पूछताछ जारी है और यह भी जांच की जा रही है कि उसने विस्फोटक सामग्री कहां से जुटाई तथा क्या इस मामले में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है।
घटना के बाद इलाके में दिनभर चर्चाओं का माहौल बना रहा। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी आतंकी या संगठित साजिश के प्रत्यक्ष प्रमाण नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच जारी है।
रायपुर में बंदूक-चाकू की नोक पर लूट
रायपुर में बंदूक-चाकू की नोक पर लूट
रायपुर में देर रात बंदूक और चाकू की नोक पर लूट की वारदात सामने आई है। फल बेचकर घर लौट रहे युवक को उसके ही परिचित ने तीन साथियों के साथ मिलकर रास्ते में रोक लिया। आरोपियों ने युवक को सुनसान गली में ले जाकर मारपीट की और 36 हजार 600 रुपए लूटकर फरार हो गए। यह मौदहापारा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक, मौदहापारा निवासी शेख साहिल बांबे मार्केट में फल का ठेला लगाता है। सोमवार रात करीब 10:20 बजे वह रोज की तरह दुकान बंद कर दिनभर की कमाई लेकर घर लौट रहा था।
इसी दौरान तालाबपार स्थित महतो गैरेज के पास फिरोज कबाड़ी गली में उसका सामना पिता के पुराने परिचित राजा बैझड़ से हुआ। राजा अपने तीन साथियों के साथ बाइक और एक्टिवा में वहां पहुंचा था।
बताया जा रहा है कि राजा बैझड़ ने साहिल को अल्ताफ नाम के व्यक्ति का घर पूछने के बहाने रोका। परिचित होने की वजह से साहिल को किसी तरह का शक नहीं हुआ और वह उनके साथ गली की तरफ चला गया।
इसी दौरान आरोपियों ने उसे घेर लिया। एक युवक ने पीछे से गला पकड़ लिया, जबकि बाकी आरोपियों ने उसके हाथ दबोच लिए। इसके बाद आरोपियों ने बंदूक और चाकू दिखाकर उसकी जेब में रखे 36,600 रुपए छीन लिए।
वारदात के बाद चारों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने किसी तरह खुद को संभाला और पहले परिचितों, फिर परिवार वालों को घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह मौदहापारा थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।पुलिस ने आरोपी राजा बैझड़ और उसके तीन साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।पुलिस की जांच में सामने आया है कि जिस व्यक्ति अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम दिया है, वो आदतन आरोपी है। लूट की वारदात से पहले भी आरोपी के खिलाफ कई मामलों में केस दर्ज है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
12वीं का पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
12वीं का पेपर लीक करने का मास्टरमाइंड गिरफ्तार
माध्यमिक शिक्षा मंडल की 12वीं की परीक्षा के दौरान हिंदी के पेपर लीक कांड का मास्टरमाइंड पकड़ गया। आरोपी कॉलेज का छात्र है। उसका एक राजनीतिक दल के स्टूडेंट विंग से भी संबंध होने का पता चला है। पेपर लीक करने के पीछे स्कूल का रिजल्ट अच्छा बनाना बताया जा रहा है। आरोपी ने पूछताछ में कुछ लोगों के बारे में बताया है। पुलिस उनकी तलाश में लगी है। पुलिस के मुताबिक पेपर लीक कांड में शामिल वेणु उर्फ वेणु जंघेल को गिरफ्तार कर लिया गया है। वह बेमेतरा का रहने वाला है।
कुछ समय से गुढि़यारी में रह रहा था। पुलिस की पूछताछ से खुलासा हुआ कि आरोपी ने कई लोगों को पेपर दिए थे। उसने पेपर 3-3 हजार रुपए में बेचा था। बता दें कि पेपर लीक होने की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने केस दर्ज किया था। इसके बाद से सोशल मीडिया में डिजिटल फुटप्रिंट, महत्वपूर्ण इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों को मिटाने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने डिलीटेड डेटा, मोबाल चैट्स, सोशल मीडिया की गतिविधियों और फाइनेंशियल ट्रांजेक्शन का विश्लेषण किया। इस दौरान 50 से अधिक स्टूडेंट्स व अन्य लोगों से पूछताछ की गई। इसमें आरोपी वेणु का पता चला था। इसके बाद पुलिस ने उस पर इनाम भी घोषित किया था।रायपुर क्राइम ब्रांच एसीसीयू और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी को बिलासपुर से गिरफ्तार किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी वहां छिपा हुआ है। लगातार तकनीकी निगरानी और डिजिटल लोकेशन ट्रैकिंग के बाद टीम ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया।
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को चार दिन की पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने पेपर लीक से जुड़े कई अहम खुलासे किए हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी ने अन्य लोगों की संलिप्तता और आर्थिक लेनदेन से जुड़ी जानकारी भी दी है।
पुलिस अब उन सभी लोगों की भूमिका की जांच कर रही है जिनके नाम पूछताछ में सामने आए हैं। जांच एजेंसियां रिकवर किए गए डिलीटेड डेटा और मोबाइल रिकॉर्ड के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में जल्द ही और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। फिलहाल आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है।
पेपर लीक करने में वेणु के अलावा कई लोग शामिल हैं। इसमें कुछ युवकों के अलावा स्कूल से संबंधित लोग भी शामिल हैं। पुलिस ने उन लोगों की तलाश शुरू कर दी है।
Chat GPT से IPL की नकली टिकट बनाकर बेची
Chat GPT से IPL की नकली टिकट बनाकर बेची
आईपीएल मैच के दौरान स्टेडियम के बाहर ChatGPT से नकली टिकट बनाकर बेच रहे दुर्ग के 4 आरोपियों को यूपी में गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई लखनऊ जिले की साइबर सेल और सुशांत गोल्फ सिटी पुलिस ने की है।
आरोपियों के पास से बड़ी संख्या में फर्जी IPL टिकट, लैपटॉप, मोबाइल फोन, एटीएम कार्ड और प्रिंटिंग सामग्री बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपियों में दुर्ग निवासी श्रीकांत बोरकर, नूतन कुमार साहू, राजेंद्र चौधरी और विश्वजीत साहू शामिल है।
लखनऊ पुलिस के अनुसार, लखनऊ सुपर जॉइंट और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच लखनऊ के इकाना स्टेडियम में 7 मई को मैच खेला गया था। इस मैच को देखने के लिए जालौन निवासी प्रदीप सिंह स्टेडियम पहुंचे।
स्टेडियम के बाहर आरोपियों ने उन्हें दो टिकट बेचे और UPI के जरिए 1000 रुपए ले लिए। लेकिन एंट्री गेट पर टिकट स्कैन होते ही उसे फर्जी बताया गया।
इसके बाद पीड़ित ने सुशांत गोल्फ सिटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। जिसके बाद पुलिस एक्टिव हुई और तकनीकी जांच के आधार पर लखनऊ के दोदनखेड़ा चौराहे के पास से चारों आरोपियों को पकड़ा।
पुलिस जांच में सामने आया कि, आरोपी सोशल मीडिया से असली टिकटों की फोटो डाउनलोड करते थे। इसके बाद CorelDRAW की मदद से हूबहू नकली टिकट तैयार करते थे। टिकट डिजाइन, साइज और पेपर क्वॉलिटी की जानकारी जुटाने के लिए आरोपियों ने ChatGPT का भी सहारा लिया था।
पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, आर्थिक तंगी और नया कारोबार शुरू करने के लिए पैसों की जरूरत के चलते उन्होंने यह साजिश रची। गिरोह का सदस्य विश्वजीत साहू 2D और 3D डिजाइनिंग का काम जानता था। जिसे उसने YouTube और कोचिंग से सीखा था।
दिल्ली में टिकट बेचने की कोशिश की थी
पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले दिल्ली के अरुण जेटली स्टेडियम में भी फर्जी टिकट बेचने की कोशिश कर चुके थे, लेकिन वहां सफल नहीं हुए। इसके बाद उन्होंने तकनीक और डिजाइन में सुधार कर लखनऊ को निशाना बनाया।
UPI ट्रांजैक्शन से पकड़े गए आरोपी
डीसीपी साउथ अमित कुमार आनंद ने बताया कि, आरोपियों ने पीड़ित से 1000 UPI के जरिए लिए थे। जिसके आधार पर पुलिस ने ट्रांजैक्शन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार किया। पुलिस अब गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की जांच कर रही है।
रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ की चोरी
रायपुर के लक्ष्य ज्वेलर्स में 1 करोड़ की चोरी
रायपुर में लक्ष्य ज्वेलर्स में भारी मात्रा में ज्वेलरी की चोरी हुई है। शनिवार देर-रात चोरों ने ज्वेलरी दुकान को निशाना बनाते हुए करीब एक करोड़ रुपए के जेवरात पार कर दिए। घटना खम्हारडीह थाना क्षेत्र की है।
जानकारी के अनुसार, शनिवार और रविवार की रात करीब 12:30 बजे चोर लक्ष्य ज्वेलरी शॉप में घुसे और दुकान से बड़ी मात्रा में सोने-चांदी के जेवरात लेकर फरार हो गए। रविवार को दुकान बंद होने के कारण इसकी जानकारी कारोबारी को नहीं हुई। सोमवार सुबह शॉप खोलने पर चोरी का पता चला।सूचना मिलने के बाद खम्हारडीह थाना पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही है। फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है, जिससे चोरी से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा सकें। फिलहाल मामले की जांच जारी है
टाटीबंध में ट्रेलर से अफीम-डोडा बरामद पंजाब का तस्कर गिरफ्तार, 15 लाख से अधिक का मादक पदार्थ और वाहन जब्त
रायपुर । राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार के खिलाफ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। आमानाका थाना पुलिस ने टाटीबंध इलाके में कार्रवाई करते हुए एक ट्रेलर चालक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से अफीम और भारी मात्रा में डोडा बरामद किया गया है। पुलिस ने जब्त मादक पदार्थों, मोबाइल फोन और ट्रेलर वाहन सहित कुल करीब 15 लाख 25 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की है।
जानकारी के अनुसार, पश्चिम जोन पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अटारी रोड स्थित डीआरजी ट्रांसपोर्ट के सामने एक ट्रेलर चालक प्रतिबंधित मादक पदार्थों की बिक्री करने की फिराक में खड़ा है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई और मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध ट्रेलर को रोक लिया गया।
पुलिस ने ट्रेलर क्रमांक PB-05-AB-9313 की तलाशी ली, जिसमें 79.30 ग्राम अफीम और 4 किलो 432 ग्राम डोडा बरामद हुआ। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि आरोपी लंबे समय से मादक पदार्थों की तस्करी में सक्रिय था और रायपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में इसकी सप्लाई करने की तैयारी में था।
गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलराम सिंह (55 वर्ष) निवासी अमृतसर, पंजाब के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी फिलहाल रायपुर के कबीर नगर इलाके में रह रहा था। पूछताछ में उससे मादक पदार्थों के नेटवर्क और सप्लाई चेन को लेकर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपी किन लोगों के संपर्क में था और यह खेप कहां से लाई गई थी।
आमानाका थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में नशे के कारोबार पर लगातार निगरानी रखी जा रही है और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
इस कार्रवाई के बाद इलाके में हड़कंप की स्थिति रही। पुलिस अब आरोपी के पुराने रिकॉर्ड और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।