जिला
जिले में डॉ. अंबेडकर जयंती पर सामाजिक समरसता और डिजिटल पंचायत की दिशा को लेकर बैठक हुई सम्पन्न
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
एमसीबी/14 अप्रैल 2025/ आज डॉ. भीमराव अंबेडकर जयंती एवं सामाजिक समरसता दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के आदेशानुसार जिला मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी डी. राहुल वेंकट निर्देशानुसार और प्रभारी जिला पंचायत सीईओ श्री नितेश उपाध्यक्ष के मार्गदर्शन में हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर की गई, जिसमें जनपद सदस्य, सरपंच गण और अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए। मुख्य समारोह में जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह मुख्य अतिथि थीं, जबकि जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्री राजेश साहू विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे। इस दौरान विभिन्न समाजों के प्रमुखों को मंच पर सम्मानित किया गया। जनपद सदस्य श्री रामजीत लकड़ा ने डॉ. अंबेडकर की जयंती पर सामाजिक समरसता और न्याय की भावना को आत्मसात करने का आह्वान किया। उन्होंने 'मोर दुवार साय सरकार' जैसे अभियानों को ग्राम विकास के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया। जनपद सदस्य अनीता चौधरी ने बाबा साहब के संघर्ष और उनके द्वारा दिए गए समानता, शिक्षा और अधिकार के सिद्धांतों को याद किया। जिला पंचायत उपाध्यक्ष राजेश साहू ने कहा कि बाबा साहब ने अपने जीवन में भेदभाव और अन्याय के खिलाफ संघर्ष किया, और उनका यह संघर्ष आज भी समाज को प्रेरणा देता है। वही जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती यशवंती सिंह ने भी इस अवसर पर बाबा साहब के योगदान की सराहना की और उनके विचारों को समाज के जागरण के रूप में बताया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत कार्यरत पंचायत एंबेसडरों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया और जिन पंचायतों में एंबेसडर नियुक्त नहीं थे, वहां उपयुक्त प्रतिनिधियों की नियुक्ति की गई। कार्यक्रम की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि अटल पंचायत डिजिटल सुविधा केंद्र की स्थापना थी, जिसमें जिले के तीनों विकासखंडों में से 19 ग्राम पंचायतों के सरपंचों और CSC सेवा प्रदाताओं के बीच एमओयू हस्ताक्षर किए गए जिसमें सभी जो काम तहसील में होता था वह काम अब ग्राम पंचायत में ही होगा। इसमें महतारी वंदन योजना की पैसा भी ग्राम पंचायत स्तर में मिलेगा । इन डिजिटल केंद्रों का औपचारिक शुभारंभ 24 अप्रैल को पंचायती राज दिवस पर किया जाएगा। इसके साथ ही "मोर दुवार साय सरकार" महाअभियान की घोषणा की गई, जो 15 से 30 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण पर विशेष पखवाड़ा आयोजित किया जाएगा, जिसमें हितग्राहियों को योजना की प्रक्रिया से अवगत कराकर यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी पात्र परिवार लाभ से वंचित न रह जाए। जल संरक्षण के महत्व पर भी चर्चा की गई और उपस्थित जनों को जल संवर्धन के प्रति जागरूक किया गया। वही कार्यक्रम छत्तीसगढ़ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और उपमुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने वर्चुअल कार्यक्रम के माध्यम से सामाजिक समरसता, ग्राम विकास और जल संरक्षण जैसे विषयों पर प्रदेशवासियों को प्रेरित किया। उन्होंने वर्षा जल संचयन, नल का उपयोग बंद करने और पानी की बर्बादी को रोकने के उपायों पर जोर दिया। इस अवसर पर राष्ट्रीय जल मिशन के तहत सभी उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों को जल शपथ दिलाई गई। कार्यक्रम में अन्य प्रमुख अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की भी उपस्थिति रही। इस बैठक में जनपद सदस्य अनिता सिंह, प्रिया, उजीत नारायण सिंह, रामजीत लकड़ा, सरपंच सोनू किन्नर, NRLM अधिकारी सिमेंद्र सिंह, जिला समन्वयक राजेश कुमार जैन, ई डिस्टिक मैनेजर नारायण सिंह पोर्ते, अभीषेक गुप्ता, तीनों विकासखण्ड के सरपंच और जनप्रतिनिधी सहित अन्य अधिकारी कर्मचारी उपस्थित थे ।
श्री बजरंग पावर एवं इस्पात संयंत्र के विस्तार को लेकर आहूत जनसुनवाई संपन्न।
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़ न्यूज़/
तिल्दा-नेवरा। उद्योग विस्तार को लेकर पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई शांति पूर्वक संपन्न हुआ ,वहीं पर क्षेत्रवासियों ने उद्योग प्रबंधन से रोजगार मुहैया कराने की अपेक्षा किया है ।जिस पर उद्योग प्रबंधन ने कहा कि क्षेत्र के विकास मैं श्री बजरंग पांवर एवं इस्पात उद्योग का हमेशा से सहभागिता रहा है । रायपुर जिला तिल्दा-नेवरा जनपद क्षेत्र में संचालित मेसर्स श्री बजरंग पांवर एवं इस्पात उद्योग के विस्तारिकरण को लेकर पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई आहूत की गई थी,जो कि शांति पूर्वक संपन्न हुआ । पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई के दौरान क्षेत्रवासियों ने जहां उद्योग की जनहितैषी कार्यो की प्रशंसा किया वही पर विकसित क्षेत्र के लिए उद्योग प्रबंधन का ध्यानाकर्षण कराया । पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में उपस्थित जनसमुदाय ने कहा कि मेसर्स श्री बजरंग पांवर एवं इस्पात संयंत्र के द्वारा क्षेत्र के बेरोजगारों को रोजगार मुहैया कराने मे गंभीरता बरती है ,वहीं पर सी एस आर मद से क्षेत्र के विकास में भी भागीदारी निभाई है । पर्यावरण स्वीकृति जनसुनवाई में क्षेत्रवासियों ने उद्योग प्रबंधन से अपेक्षा भी किया है कि उद्योग विस्तार होने पर रोजगार को लेकर क्षेत्रवासियों को प्राथमिकता दिया जावे ,वहीं उद्योग के विस्तारिकरण से होने वाले प्रदुषण के नियंत्रण के लिए वैकल्पिक व्यवस्था किया जावे ,इस संबंध में उद्योग प्रबंधन के द्वारा आश्वस्त करते हुए कहा गया कि क्षेत्र विकास हमारा प्रमुख दायित्व रहा है वहीं उन्होंने कहा कि उद्योग के विस्तारिकरण होने से निश्चित रूप से क्षेत्रवासियों को अपेक्षा के अनुरूप रोजगार मुहैया कराने में मदद मिलेगी ,वहीं पर उद्योग प्रबंधन ने जानकारी दिया कि स्वास्थ्य व क्षेत्र के समुचित विकास को लेकर उद्योग हमेशा से अग्रणी रहा है उन्होंने बताया कि श्री बजरंग पांवर एवं इस्पात उद्योग के द्वारा क्षेत्र में अग्निशमन से लेकर स्वास्थ्य सुविधाएं हेतु एंबुलेंस की ब्यवस्था उद्योग के द्वारा हमेशा से किया जाता रहा है उन्होंने क्षेत्रवासियों को आश्वस्त किया कि उद्योग सी एस आर मद से और क्षेत्र के विकास को गति देखी ।
आश्रम में रह रहे बालकों को गन्दगी में रहने को किया जा रहा मजबूर,आदिम जाति अनुसूचित जाति विकास विभाग की अनदेखी का मासूम हो रहे शिकार l
जिला एमसीबी/
जिला एमसीबी अंर्तगत नगर पंचायत खोंगपानी के बालक आश्रम में इन दिनों जगह जगह गन्दगी इस कदर फैली हुई नज़र आती है,आश्रम नही मानो तबेला हो और जगह जगह गन्दगी के साथ साथ वातावरण मे भयंकर बदबू के बीच में बच्चे रहने को मजबूर हैं l ना तो ठीक तरह से आश्रम की साफ सफाई होती है और ना ही समय समय पर बच्चों के बिस्तर के चादरों की ही धुलाई की जाती है l ऐसे में बच्चों को इस भयंकर गर्मी में होने वाले संक्रामक रोगों के साथ साथ मलेरिया, टाइफाइड,और पीलिया जैसी खतरनाक बिमारी होने का खतरा भी बनी रहती है l आश्रम की दीवारों की लीपाई, पुताई लगता है कि वर्षों से नही कराई गई है l जगह जगह में भवन भी जर्जर स्थिति में है l जिससे दुघर्टना की स्थिति कभी भी निर्मित हो सकती है l जब इस संबंध में सहायक आयुक्त अंकिता मरकाम ,जो आदिवासी विभाग की सबसे बड़ी अधिकारी भी हैं l जब इनसे बात चीत की गई तब उन्होंने यह कह कर टाल दिया की हमारे अधिकारी बराबर जांच में जाते रहते हैं l जब बिहान छत्तीसगढ़ के संवाद दाता ने इस विषय में उनसे लगभाग दो महीने पहले भी पूछना चाहा था तब भी उन्होंने कुछ भी बतलाने से साफ साफ इंकार कर दिया था l और अभी भी कुछ कहने से बचना चाहती हैं l
“रायगढ़ में जंगलों का कत्ल : पर्यावरण मंत्री के गृह जिले में ही आदिवासियों की आस्था, अधिकार और संविधान का सामूहिक बलात्कार!”…
रायगढ़।/
जिले के आदिवासियों और पर्यावरण प्रेमियों के लिए नहीं, बल्कि समूचे देश के लिए एक आपातकालीन चेतावनी है। यहां हजारों-लाखों पेड़ों की निर्मम कटाई हो रही है, और यह किसी एक कंपनी या प्रशासन की करतूत नहीं, बल्कि एक व्यापक कॉरपोरेट-प्रशासन गठजोड़ का हिस्सा है, जो आदिवासी संस्कृति, संविधान, और कानून को एक ही झटके में चूर-चूर कर रहा है।
और यह सब हो रहा है - पर्यावरण मंत्री के गृह जिले रायगढ़ में, उनके सीधे हस्तक्षेप के बिना, और उनकी सभी नीतियों के खिलाफ। क्या यह चुप्पी संलिप्तता की निशानी है? क्या यह “विकास” के नाम पर देश के संविधान और आदिवासी अधिकारों का उल्लंघन नहीं है?
क्या हो रहा है रायगढ़ में : रायगढ़ जिले के तमनार क्षेत्र में स्थित ग्राम ढोलनारा और सराईटोला-मुड़ागांव में महाजैको कंपनी ने ग्रामसभा की अनुमति के बिना जंगलों की निर्मम कटाई शुरू कर दी है। यह इलाका पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून के तहत आता है, और यहाँ ग्रामसभा की मंजूरी के बिना कोई भी संसाधन दोहन अवैध है। बावजूद इसके, पेसा कानून, वन अधिकार अधिनियम, और NGT के आदेशों की धज्जियां उड़ाते हुए, यह कंपनी जंगलों को साफ़ करने का कार्य कर रही है।
ये पेड़ सिर्फ पेड़ नहीं हैं, ये सदियों से सांस ले रही सभ्यता, आस्था, और परंपरा के प्रतीक हैं। ग्राम सराईटोला और मुड़ागांव के आदिवासी समुदायों के लिए, ये जंगल उनकी आत्मा, उनके देवता और उनकी जीवनरेखा हैं। अब इन पेड़ों की कटाई से सिर्फ पेड़ नहीं मर रहे, बल्कि आदिवासी समाज की जड़ें उखड़ी जा रही हैं, और उनका अस्तित्व खतरे में है।
कहाँ जा रहे हैं सरकारी अधिकारी : क्या वन विभाग, राजस्व अधिकारी, और अनुविभागीय अधिकारी (घरघोड़ा) यह स्वीकार करेंगे कि कॉरपोरेट माफिया के साथ मिलकर उन्होंने ग्रामसभा से कोई प्रस्ताव लिए बिना ही कटाई का आदेश दिया? क्या यह समझ में आता है कि वन अधिकार अधिनियम और पेसा कानून की जो संरक्षण की शक्ति है, उसे सरकार ने जानबूझ कर ताक पर क्यों रखा? यह केवल अवैध कटाई नहीं है, यह संविधान, आस्था, और आदिवासी आत्मा की हत्या है!
पर्यावरण मंत्री, जवाब दें :
* क्या आप इस क़ानूनी उल्लंघन को देख कर भी मौन हैं? जब आपके ही जिले में आदिवासी संस्कृति और संविधान पर यह हमला हो रहा है, तो क्या यह आपकी नीतियों की विफलता नहीं है?
* क्या आपके "हरियाली" और "विकास" के भाषणों की सच्चाई सिर्फ कैमरे तक सीमित है, जबकि जमीन पर विनाश हो रहा है?
* क्या यह सच है कि संविधान और आदिवासी अधिकारों की कोई अहमियत नहीं रह गई जब कॉरपोरेट्स के फायदे सामने हों?
आदिवासी जन की मांग :
* महाजैको कंपनी पर आपराधिक प्रकरण दर्ज हो — कानूनी उल्लंघन के लिए।
* SC/ST एक्ट, वन कानून, पेसा एक्ट व NGT अवमानना के तहत संबंधित अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई हो।
* तत्काल वन कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगे, और संविधान और पेसा कानून का उल्लंघन करने वाले हर व्यक्ति को सजा दी जाए।
* ग्रामसभा की सर्वोच्चता को संविधान के अनुरूप बहाल किया जाए, और ग्रामवासियों की सहमति के बिना कोई भी कार्यवाही न हो। अगर आप इस गंभीर संकट पर चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों को पत्थर और राख ही विरासत में मिलेगी।
यह सिर्फ रायगढ़ की लड़ाई नहीं है - यह देश के हर आदिवासी, हर पेड़, हर नदी, और हर सभ्यता की पुकार है। अगर आप इस गंभीर संकट पर चुप रहे, तो आने वाली पीढ़ियों को पत्थर और राख ही विरासत में मिलेगी।
छुरा में ज़मीन माफिया का साम्राज्य : खेत पर खड़ी कॉलोनियां, प्रशासन बना गूंगा-बहरा तमाशबीन!…
गरियाबंद। जिले के छुरा में इन दिनों किसी शांत कस्बे की तरह नहीं, बल्कि भू-माफिया के बिछाए जाल में फंसे उस इलाके की तरह दिखता है, जहां कानून की किताबें बंद हैं और ज़मीन के दलालों का खेल दिन-दहाड़े खेला जा रहा है। खेतों की हरियाली उजड़ चुकी है, और उसकी जगह अवैध कॉलोनियों की पक्की साजिशें उग आई हैं – वो भी प्रशासन की आंखों के सामने!
‘कॉलोनी नहीं, फरेब का जंगल है ये!’… कोसमबुढ़ा, छोटे छुरा, लोहझर, तुमगांव, खरखरा – इन इलाकों में खुलेआम खेतों को काटकर कॉलोनियां बसाई जा रही हैं। न अनुमति, न ले-आउट, न नक्शा, न ज़मीन उपयोग परिवर्तन – फिर भी खुलेआम प्लॉट बिक रहे हैं, रजिस्ट्री हो रही है, और दलाल गाड़ी-बंगला बना रहे हैं। ये धंधा कोई रातोंरात नहीं पनपा, बल्कि सालों की सरकारी चुप्पी और अंदरूनी सांठगांठ की उपज है।
पटवारी से रजिस्ट्री तक – कागजों की कसमों पर बिक रही ज़मीन!… सूत्रों के अनुसार, बिना किसी तकनीकी जांच या ऑन-ग्राउंड वेरिफिकेशन के, पटवारी और तहसील स्तर पर ज़मीन की रजिस्ट्री कराई जा रही है। खेती की भूमि को रिहायशी दिखाकर करोड़ों का खेल खेला जा रहा है। क्या यह सब बिना किसी ऊपरी संरक्षण के हो सकता है? शायद नहीं!
नाम बड़े, खेल खतरनाक – रसूखदारों ने सार्वजनिक ज़मीन तक निगली!… छुरा का एक बड़ा कारोबारी तो और भी आगे निकल गया – आरोप हैं कि उसने न सिर्फ बड़ी मात्रा में अवैध प्लॉटिंग की है, बल्कि जंगल से सटी शासकीय ज़मीन को भी कब्जे में लेकर बाउंड्री बना डाली है। इसका सीधा असर ग्रामीणों पर पड़ा है – ना मवेशियों को चराने की जगह रही, ना लकड़ी लाने का रास्ता।
धोखा भी हाई-प्रोफाइल – कमल विहार के नाम पर छुरा में सौदे!… इंडियन गैस गोदाम के पास हाल ही में रजिस्ट्री हुई ज़मीन की दर 2500 से 3000 रुपये प्रति वर्गफीट तक पहुंच गई है – जो कि राजधानी रायपुर की कमल विहार कॉलोनी की दरों को टक्कर देती है! ये वही ज़मीन है जिसे कुछ महीनों पहले मात्र 8 से 10 लाख में खरीदा गया था। मोटा मुनाफा रसूखदारों की जेब में, और फंसा आम आदमी – रजिस्ट्री कराके भी राहत नहीं!
‘घर’ का सपना बना सरकार और माफिया की साझा ठगी का शिकार!… प्लॉट खरीदने वाले लोग तब टूटते हैं जब घर बनाने की सोचते हैं – तब पता चलता है कि न तो जमीन का नक्शा पास है, न परमिशन। और अगर कोई बिना परमिशन बनाता है, तो नोटिस और जुर्माने का पहाड़ टूट पड़ता है। दलाल इस बीच या तो लापता हो जाते हैं या फोन उठाने बंद कर देते हैं।
संशोधित समाचार खनिज विभाग की बड़ी उपलब्धि: लक्ष्य से अधिक राजस्व संग्रह कर रचा नया कीर्तिमान
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
एमसीबी/11 अप्रैल 2025/ वित्तीय वर्ष 2024-25 में खनिज विभाग, जिला मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर ने अपने अथक परिश्रम और सजग निगरानी से राजस्व प्राप्ति के क्षेत्र में एक नया कीर्तिमान स्थापित किया है। संचालनालय भौमिकी एवं खनिकर्म, अटल नगर नवा रायपुर द्वारा जिले के लिए 75 करोड़ रुपये का वार्षिक राजस्व लक्ष्य निर्धारित किया गया था, जिसके विरुद्ध विभाग ने 78.92 करोड़ रुपये की राजस्व वसूली कर 105 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। यह सफलता विभाग की योजनाबद्ध कार्यशैली, सतत निगरानी और अवैध गतिविधियों पर प्रभावी नियंत्रण का प्रतिफल है। खनिज विभाग द्वारा जिले में संचालित मुख्य खनिज कोयला सहित गौण खनिज-गिट्टी (साधारण पत्थर) रेत आदि की नियमित निगरानी की गई।

साथ ही अवैध खनिज उत्खनन, परिवहन एवं भण्डारण पर कड़ी कार्रवाई करते हुए क्षेत्र भ्रमण को लगातार प्राथमिकता दी गई। इस दौरान अवैध गतिविधियों से संबंधित 186 प्रकरणों को चिन्हित करते हुए विभाग ने कठोर कार्रवाई की और कुल 42.73 लाख रुपये की अर्थदंड/समझौता राशि वसूल कर खनिज मद में जमा कराई। खनिज विभाग की इस शानदार सफलता में खनि अधिकारी श्री दयानंद तिग्गा के नेतृत्व में खनि निरीक्षक श्री आदित्य मानकर, खनिज सुपरवाइजर श्री सुंदरलाल साहू, खनिज सिपाही श्री उपेन्द्र सिंह, श्री राजकुमार यादव, भूषण लाल चौहान, सहायक ग्रेड-02 श्री दिनेश सिंह तथा अनुरेखक श्रीमती कविता सिंग की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। खनिज विभाग की यह उपलब्धि जिले की आर्थिक प्रगति की दिशा में मील का पत्थर साबित हो रही है।
सुकमा DFO कार्यालय, फॉरेस्ट-कर्मियों के घर रेड:
सुकमा
//छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में ACB और EOW की टीम ने सुकमा में डीएफओ कार्यालय में छापा मारा है। फॉरेस्ट कर्मियों और तेंदूपत्ता प्रबंधकों के घर भी रेड कार्रवाई चल रही है, दस्तावेज खंगाले जा रहे हैं। सुकमा, दोरनापाल, कोंटा समेत कुल 5 जगहों के 9 ठिकानों पर छापेमार कार्रवाई चल रही है। एक दिन पहले पूर्व MLA मनीष कुंजाम समेत अन्य तेंदूपत्ता प्रबंधकों के कुल 12 ठिकानों पर कार्रवाई की गई थी।
वहीं मनीष कुंजाम ने सुकमा में पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, मैंने तेंदूपत्ता की बोनस राशि वितरण में गड़बड़ी की शिकायत की, लेकिन मेरे घर पर ही छापा मारा गया। छापे में कुछ भी नहीं मिला। मेरी छवि खराब करने की कोशिश की गई है। जबकि असली गुनहगार को बचाने का प्रयास किया जा रहा। छापे की असली वजह दबाव और द्वेष भावना है। जिला पंचायत और जनपद पंचायत में बीजेपी ने दबाव बनाया। लेकिन हमने उनकी बात नहीं मानी।
एक दिन पहले ही सुकमा जिले में ACB और EOW की टीम ने 12 जगह छापा मारा था। ये कार्रवाई तेंदूपत्ता बोनस फर्जीवाड़े से जुड़ी है। छापेमारी में पूर्व विधायक मनीष कुंजाम, डीएफओ ऑफिस के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक, और लघुवनोपज समिति के कुछ प्रबंधकों के ठिकाने शामिल हैं। इस कार्रवाई में डीएफओ कार्यालय के कर्मचारी राजशेखर पुराणिक के घर से 26 लाख 63 हजार 700 रुपये नकद जब्त किए गए। जानकारी के मुताबिक, इसी मामले में डीएफओ अशोक पटेल निलंबित किए गए थे।
बलौदा बाजार जिले के ग्राम पंचायत झिरिया में “सुशासन तिहार” मनाया गया
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़ न्यूज़
तिल्दा नेवरा :- सिमगा छत्तीसगढ़ शासन द्वारा वर्ष 2025 में “सुशासन तिहार” संचालित करने हेतु तीन चरणों में आयोजित करने का निर्देश प्रसारित किया गया है। प्रथम चरण 08 अप्रैल से 11अप्रैल 2025 तक है।ग्राम पंचायत झिरिया में आम जनताओं की समस्याओं से संबंधित आवेदन लेने हेतु एक समाधान पेटी रखी गई थी जिसमे लोगो द्वारा अपनी समस्याओं को लिखकर डाला गया लोगो की मुख्य समस्या शासन द्वारा दिए जाने वाले लाभों जैसे- प्रधानमंत्री आवास योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला गैस योजना जपकार्ड महतारी वंदन से वंचित है। लोगो ने शासन द्वारा दिए जा रहे लाभों से वंचित रहने पर नाराजगी व्यक्त की है। साथ ही ग्राम पंचायत झिरिया के रोजगार सहायक सुनीता व सरपंच प्रतिमा पोमेश साहू ने बताया कि पहले दिन मंगलवार को 15 आवेदन प्राप्त हुआ है । और दूसरे दिन बुधवार को 16 आवेदन प्राप्त हुआ है और तीसरे दिन गुरुवार को 66 आवेदन प्राप्त हुआ है और 11अप्रैल 2025 तक आवेदन जमा किया जाएगा ?
ग्रामीणों ने कहा है । की उन्हें शासन पर पूरा विश्वास है । वे आशा करते हैं की उनकी हर समस्याओं का जल्द ही समाधान होगा।
सेवानिवृत्ति के बाद सैनिक का आत्मीय स्वागत
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़ न्यूज़
तिल्दा नेवरा:- ग्राम पंचायत ताराशिव के गौरव माटी पुत्र भारत माता के वीर सपूत जितेंद्र कुमार वर्मा का 24 वर्ष सेना में सेवा देने के पश्चात सेवानिवृत्ति पर ताराशिव में ग्राम वासियों के द्वारा आत्मीय स्वागत किया गया ।श्री जितेंद्र वर्मा के ग्राम ताराशिव आगमन पर ग्राम के विभिन्न मार्गो में डीजे की धुन पर देशभक्ति गीतों के साथ ग्रामवासी महिला पुरुष तिरंगा झंडा हाथ में लेकर फौजी के सम्मान में बढ़ चढ़ कर हिस्सा लिए। उल्लेखनीय है कि हवलदार जितेंद्र कुमार वर्मा सेना में वर्ष 2001 में भर्ती हुआ,24 वर्ष सेना में कार्यरत रहा,इन 24 वर्षों में देश के विभिन्न स्थानों पर सेवा देते रहे, सेना के बांबे इंजीनियर ग्रुप में था और पुणे सेंटर में ट्रेनिंग लिया, प्रथम पोस्टिंग चंडीगढ़ (पंजाब), फिर झांसी (उत्तर प्रदेश), श्रीनगर (जंमु काश्मीर),पटियाला (पंजाब) फिर अंत में पुणे ( महाराष्ट्र) से सेवानिवृत्त हुए।३१ मार्च २०२५ को,अपना कार्य पूर्ण करते हुए बहुत कठिनाइयों का सामना करना पड़ा, चाहे तेज बारिश हो चिलचिलाती गर्मी हो या रूप को गला देने वाले कप कपाती ठंड हो हमारे सैनिक देश की सीमाओं पर रहकर देशवासियों की तन, मन और धन की रक्षा करते हैं जब देश के नागरिक खुशियों भरा त्यौहार मनाते हैं तब फौजी भाई देश की सीमा में रहकर विदेशी आक्रांताओं से देश की सुरक्षा करते हैं जितेंद्र वर्मा ने आगे बताया कि मैं खुश हुं कि आप लोगों के बिच सही सलामत आज खड़ा हुं, भगवान और आप सब का आशीर्वाद यूं ही बना रहे। युवाओ से अनुरोध है कि सेना में भर्ती होकर देश के लिए अपना योगदान दे, जय हिन्द जय भारत। इस अवसर पर सरपंच पूर्णिमा मनीष वर्मा, हेमंत वर्मा उपसरपंच ,रामाधार वर्मा शिक्षक,जितेंद्र वर्मा, राजेश वर्मा,राज वर्मा, सनत वर्मा,संजय वर्मा, अमित नायक, आलोक वर्मा ,किशोर कुमार, सहित काफी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे।
महावीर जयंती पर जैन युवाओं का परोपकारी समर्पण रक्तदान कर दिया मानवता का संदेश
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी
एमसीबी/10 अप्रैल 2025/ सत्य, अहिंसा और जीवदया के प्रेरणा स्रोत केवल्य ज्ञानी तीर्थंकर भगवान महावीर स्वामी की 2624वीं जयंती के अवसर पर मनेंद्रगढ़ में जैन समाज के युवाओं ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए रक्तदान कर समाज सेवा का जीवंत उदाहरण प्रस्तुत किया।
रेडक्रॉस सोसाइटी के अध्यक्ष शैलेश जैन, पार्श्वनाथ जैन मंदिर के अध्यक्ष रितेश जैन, मंत्री सौरभ जैन सहित राजेश कुमार, श्रीमती रत्ना जैन, श्रीमती शुभ्रा जैन, अंकित जैन, मयंक जैन, अनुराग जैन व अन्य युवाओं ने मिलकर केंद्रीय जिला अस्पताल में रक्तदान किया। इन युवाओं का कहना है कि भगवान महावीर ने जिस प्रकार सांसारिक मोह-माया से मुक्त होकर परोपकार और जीवदया का मार्ग दिखाया, वह हम सभी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। यदि हमारा जीवन किसी और के जीवन के काम आ जाए, तो यही जीवन की सच्ची सार्थकता है।
भगवान महावीर का संदेश सम्यक दर्शन, सम्यक ज्ञान एवं सम्यक चरित्र
भगवान महावीर ने समाज को सम्यक दृष्टि, सम्यक ज्ञान और सम्यक आचरण की राह दिखाई जिसमें जीवमात्र के प्रति दया सर्वोपरि है। उनके अनुसार हर प्राणी को जीवन जीने का अधिकार है क्योंकि उसका जीवन उसके कर्मों का परिणाम है। इस दर्शन में समस्त जीवों के कल्याण की भावना निहित है।
समाज के हर व्यक्ति में जीवदया और करुणा का भाव जागृत हो, ताकि भारतवर्ष न केवल जीवों के प्रति दया भाव रखे बल्कि जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण में भी अग्रणी भूमिका निभा सके। यही भगवान महावीर की शिक्षाओं का सार है।
वीतरागता का पथ और मोक्ष की ओर अग्रसर आत्मा
जैन मुनि दीक्षा लेने के पश्चात सांसारिक बंधनों और परिग्रह से मुक्त होकर आत्मकल्याण के पथ पर अग्रसर हो जाते हैं। वे राग, द्वेष और मोह से ऊपर उठकर वीतरागी जीवन जीते हुए केवलज्ञान प्राप्त करते हैं और फिर सिद्ध अवस्था को प्राप्त कर मोक्ष में विराजमान हो जाते हैं।
जैन दर्शन के अनुसार ऐसी आत्माएं ही सिद्धगति को प्राप्त कर जन्म-मरण के चक्र से मुक्त होकर अनंत आत्मिक सुखों में सदाकाल के लिए लीन हो जाती हैं। यही आत्मा की सर्वोच्च उपलब्धि है।
इस पावन अवसर पर जैन समाज के युवाओं द्वारा किया गया यह रक्तदान न केवल समाज को प्रेरित करता है, बल्कि भगवान महावीर की शिक्षाओं को व्यावहारिक रूप में जीवन में उतारने का सार्थक प्रयास भी है।
जिले के अमृतधारा जलप्रपात क्षेत्र में प्रवेश, सेल्फी और नहाने पर लगा प्रतिबंध
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
एमसीबी/9 अप्रैल 2025/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले की
विकासखंड मनेन्द्रगढ़ के प्रसिद्ध पर्यटन स्थल अमृतधारा जलप्रपात में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने एक बड़ा और सख्त फैसला लिया है। अनुविभागीय दण्डाधिकारी लिंगराज सिदार द्वारा जारी आदेश के तहत जलप्रपात के निचले हिस्से और खाई से लगे ऊपरी हिस्से को अब प्रतिबंधित क्षेत्र घोषित कर दिया गया है।
जारी आदेश के अनुसार, इन क्षेत्रों में किसी भी प्रकार का आवागमन, सेल्फी लेना और नहाना पूर्णतः वर्जित रहेगा। यह फैसला लोक सुरक्षा को ध्यान में रखकर लिया गया है, क्योंकि झरने के नीचे उतरने और नहाने के दौरान कई पर्यटकों की डूबने से मौत हो चुकी है।
अमृतधारा जलप्रपात राष्ट्रीय राजमार्ग 43 से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है और अपनी प्राकृतिक सुंदरता के कारण यह स्थान देश-भर से पर्यटकों को आकर्षित करता है। किंतु बीते कुछ वर्षों में यहां लगातार हादसे हो रहे हैं, जिनमें जनहानि की गंभीर घटनाएं सामने आई हैं।
प्रशासन ने सख्त लहजे में स्पष्ट किया है कि प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश या आदेश का उल्लंघन करने पर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। यह आदेश आगामी आदेश तक प्रभावशील रहेगा। पर्यटकों से अपील है कि वे प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और अपने तथा दूसरों की सुरक्षा को प्राथमिकता दें।
संध्या का नवोदय में चयन से ताराशिव में हर्ष का माहौल,,,
सौरभ यादव/ बिहान छत्तीसगढ़ न्यूज़/
तिल्दा नेवरा :- समीपस्थ ग्राम ताराशिव के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में कक्षा पांचवी मे अध्ययनरत कुमारी संध्या पिता रामेश्वर प्रसाद वर्मा एवं माता अनीता के सुपुत्री का चयन जवाहर नवोदय विद्यालय माना के लिए होने से गांव में खुशी का माहौल है । मजदूर परिवार की बेटी शासकीय प्राथमिक विद्यालय में अध्ययन कर अपनी काबिलियत को लोगों के सामने रखी है। संध्या का सपना है कि वह बड़ी होकर डॉक्टर बनेगी। संध्या के चयन पर टामिन साहू प्रधान पाठक, प्रेमलता लकड़ा शिक्षक, सरिता वर्मा शिक्षक सहित ग्राम के गणमान्य नागरिक गण खुशी व्यक्त किए हैं।
डॉ. आर.एन.एस. बी.एड. कॉलेज में श्रमिकों के बच्चों के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना पर जागरूकता सेमिनार आयोजित हुई संपन्न
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
एमसीबी/09 अप्रैल 2025/ डॉ. आर.एन.एस. बी.एड. कॉलेज, मनेंद्रगढ़ में श्रम विभाग द्वारा मुख्यमंत्री निर्माण श्रमिकों के बच्चों हेतु निःशुल्क कोचिंग सहायता योजना के प्रति जागरूकता फैलाने हेतु एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कॉलेज के डायरेक्टर, प्रिंसिपल, शिक्षकगण एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। इस योजना का उद्देश्य श्रमिक वर्ग के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग प्रदान कर उन्हें मुख्यधारा में लाना है। योजना के तहत वे अभ्यर्थी पात्र हैं, जिनके अभिभावक मण्डल में एक वर्ष से पंजीकृत श्रमिक हैं और वे स्वयं अथवा उनकी प्रथम दो संतान इस सुविधा का लाभ उठा सकते हैं, बशर्ते कि वे संबंधित प्रतियोगी परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता रखते हों। आवेदन की प्रक्रिया को भी सरल और सुलभ बनाया गया है। आवेदक स्वयं, किसी चॉइस सेंटर या श्रम कार्यालय के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।


आवेदन के लिए जीवित पंजीयन प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, शैक्षणिक योग्यता से संबंधित दस्तावेज तथा स्व घोषणा प्रमाण पत्र की आवश्यकता होगी। इस योजना के तहत लाभार्थियों को CGPSC, CGVYAPAM, SSC, बैंकिंग, रेलवे तथा अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग प्रदान की जाएगी। यह कोचिंग ऑनलाइन माध्यम से लाइव क्लास और रिकॉर्डेड वीडियो क्लास के रूप में उपलब्ध कराई जाएगी, साथ ही अध्ययन सामग्री भी दी जाएगी। श्रम विभाग का ध्येय वाक्य “श्रमिक का बच्चा, श्रमिक नहीं रहेगा” इस योजना के माध्यम से साकार होता नजर आ रहा है, जो निश्चित रूप से समाज के वंचित वर्ग के लिए एक प्रेरणा स्रोत है।
“कब्जा, जातिगत गाली-गलौच और मठ का विध्वंस ; छुरा की घटना ने हिला दिया न्याय का विश्वास”…
गरियाबंद।/
जिले के ग्राम छुरा में एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ एक 70 वर्षीय दलित महिला की पुश्तैनी भूमि पर बलपूर्वक कब्जा करते हुए उनके धार्मिक मठ को ध्वस्त कर दिया गया। इस कृत्य में न केवल कानून की अवहेलना हुई, बल्कि धार्मिक भावनाओं, सामाजिक मर्यादा और महिला सम्मान को भी गहरी ठेस पहुँची है।
पीड़िता ओमबाई बघेल, पत्नी स्व. श्री सुंदर सिंह बघेल, निवासी ग्राम छुरा, तहसील छुरा, जिला गरियाबंद (छ.ग.) ने बताया कि 7 अप्रैल को दोपहर लगभग 4 बजे, संतोष सारडा ने पटवारी की उपस्थिति में उनकी भूमि ख.नं. 552 पर अतिक्रमण करते हुए, वहाँ स्थित पारिवारिक मठ को गिरा दिया। यह मठ उनके पूर्वजों, दिवंगत पति और पुत्र की स्मृति से जुड़ा हुआ था, जिसकी पूजा-अर्चना दशकों से की जा रही थी।
जातीय अपमान और धमकी की सीमाएं पार : पीड़िता के अनुसार, इस पूरी घटना के दौरान उन्हें एवं उनकी बेटी को जातीय अपशब्द कहते हुए धमकाया गया। संतोष सारडा ने खुलेआम कहा :"तुम गांड़ा जाति के लोग मेरा क्या कर लोगे? तुम्हारी औकात नहीं है। मैं सबको खरीद सकता हूँ।" इतना ही नहीं, पीड़िता की नाबालिग बेटी को भी अपमानित किया गया और पूरे परिवार के साथ दुव्यवहार किया गया। यह न केवल मानवाधिकार का उल्लंघन है, बल्कि महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक है।
प्रशासनिक बयान और लापरवाही : तहसीलदार द्वारा स्पष्ट किया गया कि “हमने केवल कब्जा दिलाने का आदेश दिया था, मठ को तोड़ने का कोई आदेश नहीं था।”
अब सवाल यह है – यदि मठ को तोड़ने का आदेश नहीं था, तो पटवारी की उपस्थिति में यह कार्रवाई कैसे हुई? क्या यह स्थानीय दबंगों और प्रशासन के बीच मिलीभगत का संकेत नहीं है?
न्याय प्रक्रिया की अनदेखी : पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2012-13 में भूमि पर आदेश उनके पक्ष में दिया गया था, किंतु अब तक उस आदेश की प्रति नहीं दी गई। नोटिस भी 6 अप्रैल को देर शाम दिया गया, जबकि 7 अप्रैल को उनके घर विवाह समारोह था। समय माँगने के बावजूद, अगली सुबह उनकी अनुपस्थिति में पूरी कार्यवाही कर दी गई।
पीड़िता की प्रमुख मांगें :
* दोषियों पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, धार्मिक स्थल विध्वंस, महिलाओं एवं बच्चों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर अपराधों के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
* मठ का पुनर्निर्माण प्रशासन की देखरेख में कराया जाए।
* घटना की न्यायिक जांच कराकर दोषी अधिकारियों और दबंगों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यह घटना केवल भूमि विवाद नहीं, एक दलित महिला की गरिमा, आस्था और सामाजिक प्रतिष्ठा पर गहरा हमला है। यदि इसमें कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों के लिए एक काला अध्याय बन जाएगा।
गरियाबंद। जिले के ग्राम छुरा में एक अत्यंत गंभीर एवं संवेदनशील घटना सामने आई है, जहाँ एक 70 वर्षीय दलित महिला की पुश्तैनी भूमि पर बलपूर्वक कब्जा करते हुए उनके धार्मिक मठ को ध्वस्त कर दिया गया। इस कृत्य में न केवल कानून की अवहेलना हुई, बल्कि धार्मिक भावनाओं, सामाजिक मर्यादा और महिला सम्मान को भी गहरी ठेस पहुँची है।
पीड़िता ओमबाई बघेल, पत्नी स्व. श्री सुंदर सिंह बघेल, निवासी ग्राम छुरा, तहसील छुरा, जिला गरियाबंद (छ.ग.) ने बताया कि 7 अप्रैल को दोपहर लगभग 4 बजे, संतोष सारडा ने पटवारी की उपस्थिति में उनकी भूमि ख.नं. 552 पर अतिक्रमण करते हुए, वहाँ स्थित पारिवारिक मठ को गिरा दिया। यह मठ उनके पूर्वजों, दिवंगत पति और पुत्र की स्मृति से जुड़ा हुआ था, जिसकी पूजा-अर्चना दशकों से की जा रही थी।
जातीय अपमान और धमकी की सीमाएं पार : पीड़िता के अनुसार, इस पूरी घटना के दौरान उन्हें एवं उनकी बेटी को जातीय अपशब्द कहते हुए धमकाया गया। संतोष सारडा ने खुलेआम कहा :"तुम गांड़ा जाति के लोग मेरा क्या कर लोगे? तुम्हारी औकात नहीं है। मैं सबको खरीद सकता हूँ।" इतना ही नहीं, पीड़िता की नाबालिग बेटी को भी अपमानित किया गया और पूरे परिवार के साथ दुव्यवहार किया गया। यह न केवल मानवाधिकार का उल्लंघन है, बल्कि महिला सुरक्षा के दृष्टिकोण से भी चिंताजनक है।
प्रशासनिक बयान और लापरवाही : तहसीलदार द्वारा स्पष्ट किया गया कि “हमने केवल कब्जा दिलाने का आदेश दिया था, मठ को तोड़ने का कोई आदेश नहीं था।”
अब सवाल यह है – यदि मठ को तोड़ने का आदेश नहीं था, तो पटवारी की उपस्थिति में यह कार्रवाई कैसे हुई? क्या यह स्थानीय दबंगों और प्रशासन के बीच मिलीभगत का संकेत नहीं है?
न्याय प्रक्रिया की अनदेखी : पीड़िता का दावा है कि वर्ष 2012-13 में भूमि पर आदेश उनके पक्ष में दिया गया था, किंतु अब तक उस आदेश की प्रति नहीं दी गई। नोटिस भी 6 अप्रैल को देर शाम दिया गया, जबकि 7 अप्रैल को उनके घर विवाह समारोह था। समय माँगने के बावजूद, अगली सुबह उनकी अनुपस्थिति में पूरी कार्यवाही कर दी गई।
पीड़िता की प्रमुख मांगें :
* दोषियों पर एससी-एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम, धार्मिक स्थल विध्वंस, महिलाओं एवं बच्चों के साथ दुर्व्यवहार जैसे गंभीर अपराधों के तहत एफआईआर दर्ज की जाए।
* मठ का पुनर्निर्माण प्रशासन की देखरेख में कराया जाए।
* घटना की न्यायिक जांच कराकर दोषी अधिकारियों और दबंगों पर कड़ी कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।
यह घटना केवल भूमि विवाद नहीं, एक दलित महिला की गरिमा, आस्था और सामाजिक प्रतिष्ठा पर गहरा हमला है। यदि इसमें कठोर कार्रवाई नहीं हुई, तो यह लोकतंत्र, सामाजिक समरसता और संवैधानिक अधिकारों के लिए एक काला अध्याय बन जाएगा।
रेडक्रॉस सोसायटी द्वारा विश्व स्वास्थ्य दिवस पर मनेन्द्रगढ़ में आयोजित हुआ बृहद रक्तदान शिविर
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
एमसीबी/07 अप्रैल 2025/ मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले में आज विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर भारतीय रेड क्रॉस सोसाइटी के द्वारा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मनेन्द्रगढ़ में एक बृहद रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर का आयोजन कलेक्टर डी. राहुल वेंकट के मार्गदर्शन एवं निर्देशानुसार किया गया, जिसकी शुरुआत चेयरमैन शैलेश जैन एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ.अविनाश खरे की उपस्थिति में हुई। शिविर में कुल ग्यारह (11) रक्तदाताओं ने स्वेच्छा से अपना रक्तदान किया, जिनमें जसपाल, रिंकेश खन्ना, विवेक जायसवाल, राजकुमार पांडेय, श्रीमती अंजनी यादव, रामनरेश पटेल, जयनारायण पांडेय, टी. विजय गोपाल राव, संजीत सिंह, जगदीप सिंह कोहली और हरीश गुप्ता शामिल रहे।

विशेष उल्लेखनीय यह रहा कि रक्तदाताओं में एक महिला अंजनी यादव और 23 वर्षीय युवक जगदीप सिंह कोहली ने सातवीं बार रक्तदान कर समाज के लिए प्रेरणा का कार्य किया। केंद्रीय चिकित्सालय मनेन्द्रगढ़ के ब्लड बैंक इंचार्ज डॉ. लवलेश गुप्ता ने भी इस अवसर पर अपना रक्तदान कर मानवता की मिसाल पेश की।

उनके साथ-साथ रूपेंद्र सिंह, सिस्टर रश्मि गुप्ता, रेड क्रॉस सोसाइटी के नोडल अधिकारी सोमेश मंडल, विधिक साक्षरता शिविर के प्रतिनिधि अंजनी यादव एवं शंकर सिंह की सक्रिय भूमिका इस आयोजन को सफल बनाने में रही। विश्व स्वास्थ्य दिवस जैसे वैश्विक अवसर पर जिले के नागरिकों का यह प्रयास न केवल मानवता के लिए एक उदाहरण है बल्कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता को भी मजबूती प्रदान करता है। इस रक्तदान शिविर ने यह सिद्ध किया कि जब उद्देश्य जनसेवा हो, तो समाज के सभी वर्ग-चाहे महिला हो या युवा-एकजुट होकर आगे आते हैं।
किसी भी क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था प्राथमिक आकलन का आधार है - श्याम बिहारी जायसवाल
राजेश साहू ब्यूरो, जिला-एमसीबी/
03 करोड़ के नवीन सामुदायिक भवन निर्माण का भूमिपूजन कार्यक्रम संपन्न
प्रदेश में सबसे ज्यादा केस हैंडल करने वाला पहला अस्पताल रहा खड़गवां - स्वास्थ्य मंत्री
एमसीबी/खड़गवां/ समाचार/
किसी भी क्षेत्र की शिक्षा और स्वास्थ्य अगर अच्छा है तो माना जाता है कि उस क्षेत्र का प्राथमिक आकलन बेहतर है। चूंकि डॉक्टर रमन सिंह अपने मुख्यमंत्री काल में शिक्षा को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक, मिडिल और हाई स्कूल खुलवाने का काम किए, हर दो तीन गांव के बीच में उप स्वास्थ्य केंद्र का निर्माण हुआ और छत्तीसगढ़ की जनता भारतीय जनता पार्टी की सरकार में डॉक्टर रमन सिंह के नेतृत्व में खुशहाल रहा लेकिन विगत 05 सालों में ना तो किसी स्कूल का निर्माण हुआ और ना ही किसी हॉस्पिटल का निर्माण हुआ जबकि वर्तमान में साय जी के नेतृत्व में साय साय काम हो रहा है।

खड़गवां का यह सामुदायिक भवन निर्माण का भूमिपूजन इसी का एक उदाहरण है। खड़गवां क्षेत्र के लोगों की यह बहुत पुरानी मांग थी, खड़गवां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र होते हुए भी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र की तर्ज पर काम कर रहा था, आप लोगों को जान कर आश्चर्य होगा कि खड़गवां का यह अस्पताल पूरे छत्तीसगढ़ में सबसे ज्यादा केस हैंडल करने वाला अस्पताल रहा है बावजूद इसके कांग्रेस सरकार ने इस ओर पूरे पांचों साल में ध्यान नहीं दे पाई। खड़गवां में अकेले हमने 80 से ज्यादा रोड़ों का सैक्शन करवाया है, कही बन रहा है, कही आगे बनेगा, खड़गवां का कोना कोना सड़कों की जाल से बिछा होगा।
उक्त बाते प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री व स्थानीय मनेंद्रगढ़ विधानसभा के विधायक श्याम बिहारी जायसवाल ने 03 करोड़ की लागत से बनने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खड़गवां के नवीन भवन भूमिपूजन अवसर पर कही। उन्होंने आगे कहा कि साय सरकार के राज में साय साय पैसा भी लोगों तक पहुंच रहा है, महतारी मन के खाते में भी साय साय पैसा पहुंच रहा है, मितानिन बहनों के लिए भी अब सुलभता हो गई है। श्री जायसवाल ने कहा कि मितानिन बहनों को आगे से हिसाब किताब देने में भी दिक्कत नहीं होगी क्योंकि अब एक पोर्टल में दिनभर के काम काज की इंट्री अनिवार्य कर दी जाएगी इससे उनके खाते में भी समय से पैसा पहुंच जाएगा। इसके साथ ही मितानिन बहनों को स्वास्थ्य सुविधाओं में बेहतर काम करने के लिए बधाई दिए।
ज्ञात हो कि खड़गवां के इस नवीन भवन के भूपिपूजन के साथ खड़गवां अस्पताल को पांच तरह की सुविधाएं मुहैया होगी जिसमें ओटी की सुविधा, स्त्री रोग विशेषज्ञ, डायलिसिस, ईसीजी जैसी कई और भी सुविधाएं होगी। कार्यक्रम के दौरान खड़गवां के सरपंच और CHMO खरे ने मंत्री से डाक्टरों के निवास के लिए एच, एफ और जी टाइप के क्वॉटर निर्माण के स्वीकृति की मांग कि जिस पर मंत्री जी ने सभी मांगों पर स्वीकृति देने की घोषणा की।
इस भूमिपूजन के अवसर पर खड़गवां जनपद अध्यक्ष श्याम बाई मरकाम, जनपद पंचायत उपाध्यक्ष श्याम सिंह करियाम , सरपंच सुखीत लाल अगरिया, CHMO अविनाश खरे, DPM सोनी, SDM खड़गवां सारथी, BMO खड़गवां कुजूर सहित बड़ी संख्या में भाजपा खड़गवां मंडल के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और मितानिन बहने तथा स्थानीयजन मौजूद रहे
रायगढ़ में बुजुर्ग की कनपटी पर मारी कुल्हाड़ी
रायगढ़ /
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में एक युवक ने बुजुर्ग पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। इससे बुजुर्ग के कनपटी के पास गंभीर चोट पहुंची और वह बेहोश हो गया। घटना के बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। मामला लैलूंगा थाना क्षेत्र का है।
जानकारी के मुताबिक ग्राम कमरगा की रहने वाली रूपई उरांव (40) ने लैलूंगा थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनके ससुर रामलाल उरांव घर के आंगन में जलाऊ लकड़ी इक्ट्ठा कर रखा था।
शनिवार की शाम को मोहल्ले का परखित चौहान उसमें से एक लकड़ी को उठा कर ले गया, जिसे रामलाल ने देख लिया था। रविवार सुबह करीब 7 बजे जब रामलाल महुआ बीनने के लिए जा रहा था, तो परखित चौहान अपने घर के बाहर कुल्हाड़ी को धार कर रहा था।
तब रामलाल ने उसे लकड़ी ले जाने की बात कही, तो परखित गुस्से में आ गया। जान से मारने की नीयत से धारदार कुल्हाड़ी लेकर उसके तरफ दौड़ते हुए आया और कान के पास हमला कर दिया।इससे रामलाल को गंभीर चोट पहुंची और वह बेहोश होकर जमीन पर गिर गया। उसके कान के पास से खून निकलने लगा। इस दौरान मारपीट की आवाज सुनकर रूपई और पति वहां पहुंचे, तो परखित मौके से भाग गया।
जिसके बाद घायल को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और रूपई ने मामले की सूचना लैलूंगा थाना में दी। जहां पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 109 BNS के तहत अपराध दर्ज कर मामले को विवेचना में लिया है।