जिला

हरदी पंचायत में लेटर पैड के कथित दुरुपयोग से बढ़ा विवाद, आरोप-प्रत्यारोप के बीच जांच की मांग

गोविन्द राम ब्यूरो चीफ 
लवन।
जनपद पंचायत बलौदाबाजार के अंतर्गत आने वाले ग्राम पंचायत हरदी में इन दिनों पंचायत के आधिकारिक लेटर पैड के कथित दुरुपयोग को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। पंचायत में लगातार हो रही शिकायतों और आरोप-प्रत्यारोप के कारण मामला स्थानीय स्तर पर चर्चा का विषय बन गया है। स्थिति ऐसी बन गई है कि कभी सरपंच द्वारा उपसरपंच और कुछ पंचों के खिलाफ शिकायत की बात सामने आती है, तो कभी उपसरपंच व कुछ पंचों की ओर से सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ शिकायतें किए जाने की जानकारी मिलती है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार हाल के दिनों में पंचायत के लेटर पैड का उपयोग कर कुछ शिकायतें की गई हैं, जिनके बारे में यह आरोप लगाया जा रहा है कि वे सरपंच और सचिव की जानकारी के बिना भेजी गई हैं। बताया जा रहा है कि महिला पंचायत सचिव के खिलाफ भी कुछ शिकायतें दर्ज कराई गई हैं, जिनके बारे में सरपंच पक्ष का कहना है कि वे निराधार और मनगढ़ंत हैं तथा पंचायत के कार्यों को प्रभावित करने के उद्देश्य से की गई हैं।
मामले को लेकर ग्राम पंचायत हरदी के सरपंच द्वारा उपसरपंच पति परदेशी निषाद सहित कुछ पंचों के पतियों—माखन प्रजापति, मुकेश प्रजापति, बंसीलाल पटेल और कृष्ण कुमार—के खिलाफ पंचायत के लेटर पैड के कथित फर्जी उपयोग और मनगढ़ंत शिकायतें करने के आरोप में कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई गई है। सरपंच का कहना है कि पंचायत के आधिकारिक दस्तावेजों और लेटर पैड का उपयोग बिना अनुमति करना नियमों के विरुद्ध है और इससे पंचायत की गरिमा भी प्रभावित होती है।
हालांकि दूसरी ओर यह भी चर्चा है कि पंचायत में विभिन्न पक्षों के बीच आपसी मतभेद के कारण स्थिति जटिल हो गई है। कुछ ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में बढ़ते विवाद और शिकायतों के कारण विकास कार्यों पर भी असर पड़ सकता है।
ग्रामीणों से चर्चा के दौरान यह भी सामने आया कि सामान्य सभा की बैठकों में निर्वाचित प्रतिनिधियों के परिजनों की उपस्थिति और हस्तक्षेप को लेकर भी असंतोष व्यक्त किया जा रहा है। आरोप है कि कुछ लोग पंचायत के कामकाज में दबाव बनाने की कोशिश करते हैं, जिससे पंचायती राज व्यवस्था की कार्यप्रणाली प्रभावित होती है।
बताया जा रहा है कि हाल ही में होली पर्व से पहले आजीविका मिशन से जुड़े कुछ मुद्दों को लेकर भी विवाद की स्थिति बनी थी। कुछ लोगों द्वारा साप्ताहिक हाजिरी और त्योहार खर्च के नाम पर राशि देने की मांग किए जाने की बात भी ग्रामीणों के बीच चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो पाई है।
ग्राम पंचायत हरदी में लगातार सामने आ रहे विवादों के चलते अब ग्रामीणों द्वारा पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। उनका कहना है कि पंचायत के विकास और प्रशासनिक कार्यों को सुचारु रूप से चलाने के लिए आवश्यक है कि सभी आरोपों और शिकायतों की निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जाए।
फिलहाल पंचायत में लगाए गए आरोप-प्रत्यारोपों की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी, लेकिन यदि इसी प्रकार विवाद की स्थिति बनी रही तो ग्राम पंचायत हरदी में विकास कार्यों की गति प्रभावित होने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

Leave Your Comment

Click to reload image