राजनीति
विधायक ब्यास कश्यप ने नवीन सड़क निर्माण, मरम्मत एवं चैड़ीकरणे एवं अन्य विषय में मांगी जानकारी
जांजगीर-चांपा,
विधायक ब्यास कश्यप ने विधानसभा के मानसून सत्र में विधानसभा जांजगीर-चांपा अंतर्गत नवीन सडक एवं पुल-पुलिया निर्माण, सड़कों की मरम्मत एवं चैड़ीकरण के संबंध में सवाल पूछा वर्ष 2023-24 से लेकर दिनांक 20 जून 2025 तक विधानसभा जांजगीर-चांपा अंतर्गत क्षेत्र में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना एवं मुख्यमंत्री ग्राम सड़क योजना से कितने नवीन सड़कों एवं पुल-पुलिया का निर्माण किया गया है? बजट सत्र 2025-26 में विधानसभा जांजगीर-चांपा के लिए कितनी नवीन सड़क निर्माण, सड़कों की मरम्मत, चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य की स्वीकृति किन-किन क्षेत्रों के लिए प्रदान की गई? इनमें से कितने एवं किन-किन कार्यो के लिए डी.पी.आर. मंगाकर प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान कर दी गई है? कितने एवं किन-किन कार्यो की प्रशासकीय स्वीकृति लंबित है? लंबित होने के क्या कारण हैं? कितने कार्यो के लिए निविदा जारी कर दी गई है तथा कितन निविदा प्रक्रियाधीन हैं? जवाब में उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से बताया कि उक्त अवधि में कोई भी नवीन सड़क या पुल-पुलिया के कार्य नही कराये गये हैं। शेष जानकारी निरंक है। अर्थात् सड़क मरम्मत, चैड़ीकरण एवं मजबूतीकरण के कोई भी कार्य शासन से स्वीकृत नही हैं, न ही कोई कार्य के लिए निविदा प्रक्रियाधीन है।
जिला रोजगार एवं स्वरोजगार मार्गदर्शन केन्द्र में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्या
विधायक ब्यास कश्यप ने मंत्री विजय शर्मा से जिले में पंजीकृत बेरोजगारों की संख्यात्मक जानकारी मांगी जिसके जवाब के अनुसार वर्ष 2022-23 में जिले में 112981, वर्ष 2023-24 में 148413 एवं वर्ष 2024-25 में 101236 पंजीकृत बेरोजगार जिले में हैं। मंत्री ने जवाब दिया है कि रोजगार कार्यालय द्वारा जिले के शैक्षणिक संस्थानों में कैरियर मार्गदर्शन/व्यावसायिक मार्गदर्शन/व्यक्तिगत मार्गदर्शन की जाती है तथा रोजगार उपलब्ध कराने हेतु प्लेसमेंट कैंप का आयोजन किया जाता है।
विधायक कश्यप ने विधानसभा में उद्योगों के लिए अधिग्रहित जमीन का मामला उठाया
विधानसभा मानसून सत्र के दूसरे दिन विधायक ब्यास कश्यप ने जिला जांजगीर-चांपा में उद्योग स्थापना के लिए अधिग्रहित जमीन, श्रमिक कल्याण हेतु संचालित योजनाओं तथा जिला जांजगीर-चांपा क्षेत्र के नगरीय निकायों में जल आवर्धन योजना एवं अन्य योजनाओं की लक्ष्यपूर्ति के संबंध में प्रश्न पूछे। उन्होेंने वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री से जिला जांजगीर-चांपा में वर्ष 2022 से जून 2025 तक पाॅवर प्लांट या अन्य उद्योग स्थापना के लिए हुए एम.ओ.यू., भूमि अधिग्रहण एवं मुआवजा वितरण के संबंध सवाल पूछे। जवाब में उद्योग मंत्री के द्वारा बताया गया कि राज्य निवेश प्रोत्साहन बोर्ड रायपुर से प्राप्त जानकारी अनुसार जिला जांजगीर-चांपा में वर्ष 2022 से जून 2025 तक कोई एम.ओ.यू. नही हुआ है तथापि इसके स्थान पर नवीन प्रणाली के अनुसार प्रश्नाधीन अवधि में जांजगीर-चांपा में एक इकाई मेसर्स बीईएमएल लिमिटेड बेंगलुरू, कर्नाटक के लिए ‘‘इन्वीटेशन टू इन्वेस्ट’’ पत्र जारी किया गया है।
जवाब में बताया गया कि मेसर्स जांजगीर थर्मल पाॅवर लिमिटेड द्वारा उद्योग स्थापना में रूचि नही लिए जाने एवं भू-आबंटन हेतु जमा कराई गई तदर्थ अग्रिम प्रब्याजि राशि वापस मंाग किये जाने के फलस्वरूप जमा कराई गई राशि इकाईयों को सीएसआईडीसी द्वारा स्वयं के मद से वापस की जा चुकी है। विभाग द्वारा आदर्श औद्योगिक क्षेत्र की स्थापना हेतु कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। उपरोक्त में से ग्राम गतवा की कुल 100 एकड़ भूमि मेसर्स भारत अर्थ मूवर्स लिमिटेड (मेसर्स बी.ए.एम.एल.) को आबंटन करने की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। इसी तरह विधानसभा जांजगीर-चांपा के मेसर्स कर्नाटक पावर लिमिटेड को ग्राम गोधना, कुकदा, सलखन में भूमि आबंटित की जा चुकी है। इकाई द्वारा उपरोक्त भूमि के अर्जन हेतु मांग की गई मुआवजा एवं सेवा शुल्क राशि का भुगतान सीधे अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) एवं भू-अर्जन अधिकारी को किया गया है। सीएसआईडीसी द्वारा मुआवजा राशि का भुगतान नही किया गया है।
जिला पंचायत सीईओ ने की प्रधानमंत्री जनमन आवास योजना की समीक्षा निर्माणाधीन आवासों को निर्धारित समयावधि में पूर्ण कराने के दिये निर्देश
जनकपुर-भरतपुर में बिजली संकट पर गरमाई सियासत, पूर्व विधायक गुलाब कमरो के नेतृत्व में कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन
राजेश साहू ब्यूरो, जिला एमसीबी
जनकपुर (जिला एमसीबी), 16 जुलाई 2025:
जनकपुर और भरतपुर क्षेत्र में लगातार हो रही बिजली कटौती को लेकर स्थानीय जनता की नाराजगी अब सड़कों पर दिखने लगी है। बुधवार को इस मुद्दे को लेकर पूर्व विधायक गुलाब कमरो के नेतृत्व में कांग्रेस जिला पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने एक दिवसीय विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने जनकपुर विद्युत कार्यालय पहुंचकर कनिष्ठ अभियंता से बातचीत की और क्षेत्र में व्याप्त बिजली संकट का समाधान शीघ्र करने की मांग की।
पूर्व विधायक गुलाब कमरो ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि, "जनकपुर और भरतपुर के ग्रामीण इलाकों में प्रतिदिन 6 से 8 घंटे तक बिजली की अघोषित कटौती हो रही है। इससे आम जनता, किसान, छात्र और छोटे व्यापारी बेहद परेशान हैं। यह स्थिति अस्वीकार्य है और सरकार को इस पर तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।"
विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। स्थानीय लोगों ने भी प्रदर्शन में भाग लेकर अपनी समस्याएं साझा कीं।
विद्युत कार्यालय में उपस्थित कनिष्ठ अभियंता ने कांग्रेस प्रतिनिधियों को आश्वस्त किया कि, "बिजली आपूर्ति बाधित होने के कारणों को जल्द ठीक किया जाएगा। ग्रिड और फीडर स्तर पर जो भी तकनीकी समस्याएं हैं, उन्हें प्राथमिकता से सुलझाया जाएगा। हम पूरी कोशिश कर रहे हैं कि लोगों को नियमित बिजली मिल सके।"
इस बीच, कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं की गई तो यह आंदोलन और तेज होगा। गुलाब कमरो ने कहा कि वे इस मुद्दे को विधानसभा और जिला प्रशासन के समक्ष भी उठाएंगे।
बिजली कटौती की समस्या अब सिर्फ तकनीकी नहीं रही, यह आम जनता की दिनचर्या और आजीविका से जुड़ा गंभीर सवाल बन चुकी है। जनकपुर-भरतपुर के नागरिकों को राहत कब मिलेगी, यह आने वाले कुछ दिनों में विभागीय कार्रवाई और सरकार की प्राथमिकता पर निर्भर करेगा।
वाटर जग खरीदे जाने के आरोपों पर गरमा गई सियासत
रायपुर
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले में आयुक्त आदिवासी विकास विभाग की तरफ से एक वाटर जग 32,000 रुपए में खरीदे जाने के आरोपों पर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे पर प्रदेश सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए जांच की मांग की है।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, अगर आदिवासी छात्रावास में एक लीटर का जग 32 हजार रुपए का खरीदा गया है, तो ये क्या कोई सोने का जग खरीदा गया है या कोई जादुई जग है। बाजार में ऐसे जग की कीमत 300 से 500 रुपए है। सरकार उसे 32 हजार में खरीद रही है। इस सरकार का भगवान ही मालिक है पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, भाजपा की सरकार में भ्रष्टाचार की घटनाएं चरम पर हैं, सिर्फ बलौदाबाजार ही नहीं, पूरे प्रदेश के आश्रम और छात्रावासों की हो रही सामानों की खरीदी की जांच होनी चाहिए।
इस मामले पर बलौदाबाजार जिले के आदिवासी विकास विभाग की ओर से स्पष्टीकरण जारी किया गया है। बलौदाबाजार जिले के सहायक आयुक्त सूरजदास मानिकपुरी ने स्पष्ट किया कि 160 नग वाटर जग की खरीदी का प्रस्ताव जेम पोर्टल के माध्यम से तत्कालीन अधिकारी संजय कुर्रे ने भेजा था।
लेकिन दर अधिक होने के कारण फरवरी 2025 में ही प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया था। विभाग ने सोशल मीडिया पर वायरल हो रही सामग्री को भ्रामक और असत्य बताया है। अधिकारियों का कहना है कि ऐसी कोई खरीदी हुई ही नहीं है।
खड़गे बोले- नीतीश-नायडू की टांगों पर चल रहे मोदी
रायपुर में आयोजित 'किसान, जवान और संविधान' जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा- मोदी दो टांगों से चल रहे हैं। मोदी की एक टांग आंध्र की टीडीपी है और दूसरी बिहार के नीतीश कुमार। इनमें से कोई भी हिली तो मोदी जी गिर जाएंगे।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कार्यकाल में जो जनकल्याणकारी योजनाएं चलाई गईं, उन्हें भाजपा सरकार ने बंद कर दिया है। 67 नई शराब की दुकानें खोल दीं और नकली शराब बेचने का धंधा शुरू कर दिया। ये लोग सिर्फ कारोबार के नाम पर समाज को खोखला कर रहे हैं। खड़गे ने आरएसएस और भाजपा पर संविधान की मूल आत्मा से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संघ के एक विचारक ने ‘सोशलिज्म’ और ‘सेक्युलरिज्म’ शब्दों को संविधान से हटाने की बात कही है
मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों का किया दौरा पीड़ित परिवारों को शीघ्र मुआवजा उपलब्ध कराने के दिए निर्देश
बिहान छत्तीसगढ़ प्रतापपुर संवाददाता सुरज निर्मलकर की रिपोर्ट
सूरजपुर/ 03 जुलाई 2025/ महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने आज सूरजपुर जिले के लटोरी क्षेत्र के हाथी प्रभावित गांवों घाघिटिकरा, कल्याणपुर, खुठेनपारा और कोटबहरा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने हाथियों द्वारा की गई क्षति का मौके पर पहुंचकर जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याओं को सुना।
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने ग्रामीणों को आश्वस्त करते हुए कहा कि शासन ग्रामीणों के साथ है और उन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी। उन्होंने मौके पर ही संबंधित पटवारी से फोन पर बात कर तत्काल मुआवजा प्रकरण तैयार करने और पीड़ित परिवारों को शीघ्र आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि , प्राकृतिक आपदा या वन्यजीवों के कारण होने वाली क्षति को गंभीरता से लिया जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय जी के नेतृत्व में हमारी सरकार प्रत्येक प्रभावित नागरिक के साथ संवेदनशीलता से खड़ी है।
गौरतलब है कि बीते कुछ दिनों से सूरजपुर जिले के कई गांवों में हाथियों के दल ने धान के खेतों, फसलों और कुछ घरों को नुकसान पहुंचाया है, जिससे ग्रामीणों में भय और असुरक्षा का माहौल बन गया है। मंत्री ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया है कि गांवों में रात्रिकालीन गश्त बढ़ाई जाए, लोगों को जागरूक किया जाए और क्षति का यथाशीघ्र सर्वे कर उचित मुआवजा प्रदान किया जाए।
मैनपाट में भाजपा का शिविर 7 से, सांसद-विधायक हिस्सा लेंगे
मैनपाट
मैनपाट में भारतीय जनता पार्टी का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर 7 से 9 जुलाई तक होगा। इसे आगामी चुनावों की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। शिविर में प्रदेश के 54 विधायक और 10 सांसद शामिल होंगे। प्रशिक्षण में भाजपा और उससे जुड़े संगठनों के वरिष्ठ नेता मार्गदर्शन देंगे। शिविर के लिए मैनपाट में तैयारियां तेज हैं।
ग्राम पंचायत द्वारा सड़क किनारे सफाई, झाड़ियों की कटाई और सौंदर्यीकरण का काम किया जा रहा है। सभी होटल, रिसॉर्ट और तिब्बती समुदाय के हॉल बुक हो चुके हैं। हालांकि मुख्य प्रशिक्षण भवन तय नहीं हुआ है, लेकिन संभावना है कि कार्यक्रम आधुनिक की-बैटिक सामुदायिक हॉल में होगा। प्रशिक्षण में सांसदों और विधायकों को आम जनता से सीधे संवाद, केंद्र सरकार की योजनाओं को जमीनी स्तर तक पहुंचाने, स्थानीय मुद्दों पर काम करने और चुनावी वादों को तेजी से पूरा करने के निर्देश दिए जाएंगे। इससे पहले ऐसा ही शिविर मध्यप्रदेश भाजपा ने पंचमढ़ी में आयोजित किया था।
अमिताभ जैन बने रहेंगे छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव
रायपुर
डिप्टी CM अरुण साव ने बताया कि राज्य सरकार ने फिलहाल अमिताभ जैन को बतौर मुख्य सचिव सेवाओं को आगे बढ़ने का निर्णय लिया है। 3 महीने के लिए उनका कार्यकाल बढ़ाया गया है। उनके अनुभवों का लाभ निश्चित रूप से शासन के कामकाज में मिलेगा।
अमिताभ जैन अगर आज रिटायर होते तो सुब्रत साहू या मनोज पिंगुआ को छत्तीसगढ़ का 13वां मुख्य सचिव बनाया जा सकता था। हालांकि रेस में सबसे आगे सुब्रत साहू थे। वहीं मनोज पिंगुआ के नाम की भी चर्चा जोरों पर थी। मुख्य सचिव बनाए जाने में बड़ा नाम सुब्रत साहू का सामने आ रहा था। सुब्रत साहू छत्तीसगढ़ कैडर के 1992 बैच के आईएएस हैं। एक सर्वे ने सुब्रत साहू को देश के 50 प्रभावशाली आईएएस में शामिल किया था। मुख्य सचिव बनाए जाने में दूसरे नंबर पर चॉइस सुब्रत हैं।
दिल्ली में भूपेश बघेल बोले- बीजेपी OBC विरोधी
मध्यप्रदेश में ओबीसी आरक्षण पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी के बाद कांग्रेस हमलावर है
भूपेश ने भाजपा को पिछड़ा वर्ग विरोधी बताते हुए कहा कि, भाजपा पिछड़ों के खिलाफ जो फैसला करते बने करती है। इसका उदाहरण है कि सुप्रीम कोर्ट के कहने के बाद भी एसपी में ओबीसी को 27% आरक्षण लागू नहीं किया गया है। राष्टीय स्तर में इसकी लड़ाई लड़नी होगी। मध्यप्रदेश से इसकी शुरुआत करेंगे। छत्तीसगढ़ में आंदोलन होगा और इसका विस्तार देश भर में में किया जाएगा।
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने छत्तीसगढ़ विधानसभा में पेंडिंग आरक्षण बिल का मुद्दा उठाया।
भूपेश बघेल ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा कि, 2 दिसंबर 2022 को छत्तीसगढ़ के विधानसभा में सर्वसम्मति से पिछड़े वर्ग को 27% आरक्षण देने का फैसला पारित किया गया। इससे पहले 2 नवंबर को छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस कार्यक्रम में राज्यपाल अनुसुइया उइके ने सार्वजनिक रूप से कहा और मुझे व्यक्तिगत रूप से कहा कि आप बिल पारित करिए मैं एक दिन भी इस बिल्कुल नहीं रोकूंगी।
विधानसभा से बिल पारित करने के 2 घंटे बाद मंत्रिमंडल के वरिष्ठ सदस्य राज भवन पहुंचे और राज्यपाल को बिल सौंपा गया। लेकिन उन्होंने अध्ययन करने की बात कही। लेकिन आज 2025 में भी वह अध्ययन हो रहा है। राजभवन में बिल पेंडिंग है। आज भाजपा का चेहरा बेनकाब हो गया है। ओबीसी के खिलाफ में जो फैसला करते बने वे करते हैं।
भूपेश बघेल ने कहा कि, RSS अपना एजेंडा अलग-अलग लोगों के माध्यम से समाज के बीच में छोड़ती है। ताकि डिबेट हो और उसके पक्ष में बाते हो, लेकिन उनके पक्ष की बात नहीं होती तो वे इन सब्जेक्ट से विड्रा कर लेते हैं।
बघेल ने कहा कि, भारतीय जनता पार्टी जितनी कवायद कर रही है, वह बिहार चुनाव को देखकर कर रही है। एक बार बिहार चुनाव के ठीक पहले मोहन भागवत ने बयान दिया था आरक्षण के संदर्भ में और उसका रिएक्शन यह हुआ कि बिहार में भाजपा का गठबंधन पूरी तरह से साफ हो गया अभी जो बयान है वह चुनाव को देखकर लिया गया है। बिहार की जनता संविधान को मानने वाली और राजनीतिक रूप से जागरूक है। इसका मुंहतोड़ जवाब आने वाले चुनाव में देंगे।
मल्लिकार्जुन खड़गे की सभा की तैयारी शुरू
रायपुर
राजधानी रायपुर में 7 जुलाई को होने जा रही "किसान-जवान-संविधान जनसभा" को लेकर कांग्रेस ने तैयारियां तेज कर दी है। इस जनसभा में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा में नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल होंगे। इस आयोजन को लेकर छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने प्रदेश के सभी जिलों के लिए जिलेवार कार्यक्रम प्रभारी नियुक्त किए हैं।
वे जल्द से जल्द जिला कांग्रेस कमेटी सहित सभी मोर्चा संगठनों, विभागों और प्रकोष्ठों के पदाधिकारियों के साथ बैठक करें।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा है कि, यह सिर्फ एक जनसभा नहीं बल्कि लोकतंत्र, किसानों, जवानों और संविधान की रक्षा का संकल्प है। सभी प्रभारी अपने जिले से जिम्मेदारी निभाएं और जनसमूह की ऐतिहासिक भागीदारी सुनिश्चित करें।
भाजपा ने मनाया संविधान हत्या दिवस:
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि लोकतंत्र की हत्या के उस काले दिन को हमारी भावी पीढ़ी भी जाने, समझे और उससे सीख ले। आपातकाल के दौर को याद करते हुए भावुक हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वह कालखंड उनके जीवन से गहराई से जुड़ा है। यह उनके लिए मात्र एक घटना नहीं, बल्कि एक व्यक्तिगत पीड़ा है। आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर आयोजित संविधान हत्या दिवस कार्यक्रम में सीएम ने यह बातें कहीं।
उन्होंने बताया कि उनके बड़े पिताजी स्वर्गीय नरहरि प्रसाद साय आपातकाल के दौरान 19 माह तक जेल में रहे। उस समय लोकतंत्र सेनानियों के घरों की स्थिति अत्यंत दयनीय थी। कई बार घर में चूल्हा तक नहीं जलता था। इस दौरान साय ने लोकतंत्र सेनानी परिवारों के सदस्यों से भेंट कर उन्हें सम्मानित किया तथा शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट किए।
विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने कहा कि उस समय देश को एक खुली जेल में बदल दिया गया था, जिसमें भय और आतंक का वातावरण था। एक लाख से अधिक लोगों को बिना न्यायिक प्रक्रिया के जेलों में बंद कर दिया गया और उन्हें यातनाएं दी गईं। यह केवल राजनीतिक दमन का दौर नहीं था, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक चेतना को समाप्त करने का सुनियोजित प्रयास था।
कांकेर में आपातकाल का BJP ने किया विरोध
कांकेर
कांकेर में भाजपा कार्यालय कमल सदन में 25 जून 1975 के आपातकाल को लेकर प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। भाजपा प्रदेश महामंत्री और धमतरी के महापौर जगदीश राम रोहरा ने इस दौरान कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने लोकतांत्रिक संस्थाओं, प्रेस की स्वतंत्रता, न्यायपालिका की निष्पक्षता और नागरिक अधिकारों को कुचल दिया। उनका कहना था कि 50 साल बाद भी कांग्रेस की मानसिकता नहीं बदली है।
भाजपा नेता ने बताया कि 12 जून 1975 को इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने इंदिरा गांधी बनाम राज नारायण मामले में इंदिरा गांधी का 1971 का चुनाव अमान्य घोषित कर दिया था। इसके बाद 25 जून को राष्ट्रीय आपातकाल लगाया गया, जो मार्च 1977 तक चला।
रोहरा ने कहा कि आपातकाल के दौरान इंदिरा सरकार ने 48 अध्यादेश जारी किए। इनमें मीसा में संशोधन के लिए 5 अध्यादेश शामिल थे। इस कानून के तहत प्रशासन को बिना वारंट गिरफ्तारी की शक्तियां दी गईं।
देश के लोकतांत्रिक इतिहास में आजादी के बाद सबसे बड़ा काला अध्याय लेकर आया 25 जून 1975 का दिन- ओपी चौधरी .
जांजगीर-चांपा ,
जिले के प्रभारी मंत्री ओमप्रकाश चौधरी ने प्रेस को सम्बोधित करते हुए कहा कि इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री बने रहने के लिए लोकतंत्र की हत्या की और देश में आपातकाल लगा दिया था।
25 जून, 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास की सबसे खौफजदा तारीख थी, क्योंकि इस दिन लोकतंत्र की हत्या की गई थी। तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने 25 जून, 1975 की रात को देश में आपातकाल लागू कर दिया था।
लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे बड़ा काला अध्याय- चौधरी
प्रभारी मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि 25 जून, 1975 अर्थात आजादी के बाद के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे बड़ा काला अध्याय लेकर आया। देश में कांग्रेस पार्टी का शासन था, कांग्रेस पार्टी का एक छत्र राज था, इंदिरा गांधी देश की प्रधानमंत्री थी। उच्च न्यायालय का फैंसला इंदिरा गांधी को अपने पद से उतारता था, परन्तु अपनी सत्ता को बनाए रखने के लिए एवं प्रधानमंत्री बने रहने के लिए उन्होनें लोकतंत्र की हत्या कर दी।
उन्होेंने कहा कि 25 जून 1975 अर्थात आजादी के बाद के लोकतांत्रिक इतिहास में सबसे बड़ा काला अध्याय लेकर आया। उन्होंने कहा इंदिरा गांधी ने प्रधानमंत्री बने रहने के लिए लोकतंत्र की हत्या की और देश में आपातकाल लगा दिया था।
एक लाख चालीस हजार से अधिक नेताओं को जेल में डाला गया- ओपी
चौधरी ने कहा कि आधी रात्रि समय जब पूरा देश गहरी नींद में सो रहा था, इंदिरा ने देश में आपातकाल लगा दिया। रातों-रात एक लाख चालीस हजार हजार से अधिक छोटे-बड़े नेताओं को जेल की काल कोठरी के पीछे डाल दिया। अखबारों की, मीडिया की स्वतंत्रता छीन ली गई। सभी मीडिया हाऊसिज पर पहरा बिठा दिया गया और वही छपने लगा जो इंदिरा जी कहती थी और जिन्होनें विरोध किया उन्हें नेस्ते नाबूत कर दिया गया
विरोध करने वाले लोगों से साथ हुई बर्बरता- चौधरी
उन्होंने कहा कि आपातकाल के खिलाफ देशभर में आंदोलन शुरू हुए जिसका नेतृत्व राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, जनसंघ व अन्य संगठनों ने किया। सत्याग्रह करने वाले नेताओं/कार्यकर्ताओं पर बर्बरता की इंतहा हुई। उन पर झूठे मुकदमे दर्ज हुए और अंग्रेजों द्वार किए गए अत्याचारों को पीछे छोड़ दिया गया। ‘‘इंदिरा ईज इंडिया, इंडिया ईज इंदिरा’’ यह स्लोगन देश पर चस्पा किया गया।उक्त कार्यक्रम मे मुख्य वक्ता ओपी चौधर सासंद-कमलेश जांगड़े
जिलाध्यक्ष _अंबेश जांगड़े
जिला पंचायत अध्यक्ष -सत्यलता मिरी ,कार्यक्रम संयोजक -प्रशांत सिंह ठाकुर ,पूर्व जिलाध्यक्ष- गुलाब चंदेल मिडीया प्रभारी -पंकज अग्रवाल उपस्थित थे
7 जुलाई को छत्तीसगढ़ आएंगे मल्लिकार्जुन खड़गे
रायपुर
सोमवार को राजीव भवन में कांग्रेस प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने मैराथन बैठकें की। इस बीच पॉलिटिकल अफेयर्स की मीटिंग में भूपेश बघेल ने अनुशासनहीनता को लेकर नाराजगी जताई। इसके अलावा बताया जा रहा है कि, उन्होंने चरणदास महंत से भी पूछा कि, आप मुख्यमंत्री पर हमला करने से क्यों बचते हैं? कहा कि, नेता प्रतिपक्ष को सरकार के खिलाफ मुखर होना चाहिए।
मीटिंग के बाद सचिन पायलट ने कहा कि, 7 जुलाई को राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे का छत्तीसगढ़ दौरा होगा। यहां वे सभा को संबोधित करेंगे। जिला अध्यक्षों की बैठक में अध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्र से लोगों को सभा में लाने का टास्क भी मिला है। पायलट ने बताया कि, कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल भी छत्तीसगढ़ आएंगे। वेणुगोपाल संगठन के सभी पदाधिकारियों, मोर्चा प्रकोष्ठों से मुलाकात करेंगे। इधर, जिला अध्यक्षों ने प्रदेश प्रभारी से निष्क्रिय पदाधिकारियों को हटाने की इजाजत भी मांगी है।
बताया जा रहा है कि, बैठक में सीनियर नेताओं ने नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि, उन्हें जिम्मेदारी नहीं दी जा रही है। जबकि सीनियर नेताओं के अनुभवों का लाभ लेना चाहिए। वहीं भूपेश बघेल ने कहा कि, कोई भी नेता कुछ भी बयान दे देता है। किसी के खिलाफ कोई भी टिप्पणी कर देता है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती।
रायपुर एयरपोर्ट पर मीडिया से चर्चा करते हुए सचिन पायलट ने कहा कि कांग्रेस विधायकों ने सदन में प्रभावशाली तरीके से मुद्दे उठाए हैं। अब पार्टी राज्य के प्रमुख मुद्दों पर रणनीतिक चर्चा करेगी। पार्टी के कार्यकारिणी सदस्य, जिला कांग्रेस अध्यक्ष और संगठन के प्रमुख विभागों की बैठकें होंगी।
पायलट ने बताया कि अब तक के कार्यों की रिपोर्ट ली जाएगी और 2025 के लिए संगठन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस साल को राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे ने संगठन के लिए समर्पित किया है। बूथ से लेकर प्रदेश स्तर तक संगठन में जो बदलाव जरूरी हैं, उन पर चर्चा होगी।
इसके साथ ही केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के नक्सलियों के खात्मे को लेकर बयान पर कहा कि हम हिंसा के खिलाफ हैं, लेकिन कार्रवाई पारदर्शी और संवेदनशील तरीके से होनी चाहिए। आंतरिक सुरक्षा का विषय सबको विश्वास में लेकर कार्रवाई की जानी चाहिए।
उन्होंने कहा कि हमारे जवान जान पर खेलकर अपनी भूमिका निभाते हैं। नक्सली खात्मे के लिए केंद्रीय गृह मंत्री के 31 मार्च 2026 के टारगेट को लेकर पायलट ने कहा कि सोच समझ कर कठोर कदम उठाने चाहिए, हमारे जवान जान पर खेल कर अपनी भूमिका निभाते हैं।
विधानसभा सत्र दौरान अवकाश पर प्रतिबंध
विकास कुमार यादव - बिहान छत्तीसगढ़
बलरामपुर - छत्तीसगढ़ के षष्ठम् विधानसभा का षष्ठम् सत्र 14 जुलाई 2025 से 18 जुलाई 2025 तक आहूत किया गया है। इस संबंध में कलेक्टर राजेन्द्र कटारा के द्वारा आज दिनांक से 19 जुलाई 2025 तक विधानसभा सत्र के दौरान जिले में पदस्थ समस्त शासकीय अधिकारी/कर्मचारियों के अवकाश पर प्रतिबंध लगाया गया है।
विधानसभा सत्र अवधि के दौरान समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी कार्यालय/मुख्यालय में रहना सुनिश्चित करेंगे। आवश्यक कार्य/अपरिहार्य कारणों से अवकाश पर जाने अथवा मुख्यालय छोड़ने की स्थिति में तृतीय/चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के अवकाश की स्वीकृति संबंधित विभाग के कार्यालय प्रमुख एवं जिला स्तर के अधिकारियों के अवकाश की स्वीकृति कलेक्टर से लिखित अनुमति प्राप्त करने के पश्चात ही अवकाश पर प्रस्थान करेंगे।
कल से सचिन पायलट का दो दिवसीय रायपुर दौरा
रायपुर
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट सोमवार को 2 दो दिवसीय दौरे रायपुर आ रहे हैं। पायलट 23 जून को कांग्रेस की एक के बाद एक लगातार पांच बैठकें होंगी। इस दौरान सरकार के खिलाफ और आक्रामक होने के लिए रणनीति तैयार की जाएगी।
पायलट अपनी बैठक के दौरान कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के दौरे का रोडमैप भी तैयार करेंगे। वहीं, संगठन के विस्तार को लेकर भी बैठक में चर्चा की जाएगी।
सोमवार को सबसे पहले पायलट पॉलिटिकल अफेयर्स कमेटी की बैठक लेंगे। इसमें पार्टी संगठन के आगामी कार्यक्रमों की बात की जाएगी। राज्य सरकार के खिलाफ चलाए जाने वाले आंदोलनों की रणनीति तैयार होगी। साथ ही संगठन की मजबूती के लिए चलाए जाने वाले अभियानों पर बात की जाएगी। इसमें प्रदेश कांग्रेस के तमाम दिग्गज नेता मौजूद रहेंगे।
इसके बाद प्रदेश कार्यकारिणी की बैठक में संगठन के विस्तार को लेकर चर्चा की जाएगी। बताया गया है कि, पिछले महीने मई में जब सचिन पायलट संविधान बचाओ रैली में शामिल होने बिलासपुर आए थे, तभी उन्होंने संगठन विस्तार को हरी झंडी दे दी थी और माना जा रहा था कि उनकी वापसी के एक हफ्ते बाद ही सूची जारी कर दी जाएगी लेकिन एक महीने बाद भी सूची जारी नहीं हो पाई है।
बताया गया है कि संगठन विस्तार की बैठक में भी इसको लेकर फैसला लिया जा सकता है। रायपुर शहर के अलावा बिलासपुर शहर एवं ग्रामीण, राजनांदगांव शहर एवं ग्रामीण, खैरागढ़ और जशपुर जिले के अध्यक्ष के नाम पर भी सहमति नहीं बन पाई है।
इन जिलों में पेंच फंसे होने के कारण पीसीसी की विस्तारित कार्यकारिणी भी घोषित नहीं की जा सकी है। ऐसे में पायलट बैठक कर अध्यक्षों की नियुक्ति को लेकर भी फैसला ले सकते हैं।
पायलट सोमवार देर शाम को विधायकों की बैठक लेंगे। इसमें आगामी विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान उनके प्रदर्शन को लेकर बात होगी। बताया गया है कि विधायकों को सरकार की कमजोरियों को उजागर करने और आक्रामकता के साथ सवाल पूछने व चर्चा में शामिल होने की नसीहत दी जाएगी।
दीपक बैज बोले- छत्तीसगढ़ में चल रहा जंगलराज:
रायपुर में पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में रेत माफियाओं का आतंक बढ़ रहा है। लगातार घटनाएं सामने आ रही है। लेकिन इस मामले में मुख्यमंत्री और गृहमंत्री का कोई बयान नहीं आता। छत्तीसगढ़ में जंगलराज चल रहा है। हम लगातार सवाल पूछ रहे थे कि आखिर प्रदेश में सरकार कौन चला रहा है, प्रदेश का मुख्यमंत्री कौन है ?
हम कहते थे कि दिल्ली से सरकार चल रही है या बिहार से चल रही है। लेकिन एक नया ट्विस्ट आ गया है। अब राज्यपाल जिलों में जाकर बैठक ले रहे हैं। क्या प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगा है। राष्ट्रपति शासन लगने के दौरान राज्यपाल के पास पूरी तरह से नियंत्रण होता है। अगर कोई परेशानी या दिक्कतें है, तो राज्यपाल सीधे मुख्यमंत्री को निर्देशित कर सकते हैं। उनके साथ जाकर बैठक कर सकते थे, लेकिन वे अकेले जाकर जिलों में अधिकारियों की बैठक ले रहे हैं। इसका मतलब ये है कि उनकी ही सरकार में उनका भरोसा नहीं है।
रायगढ़ में जिला प्रशासन लोगों का घर तोड़ रही है। जिसके विरोध में कांग्रेस जल्द बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी में है। पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, जल्द जिला कांग्रेस कमेटी के साथ बैठक कर प्रदर्शन की तारीख का ऐलान करेंगे। हमने प्रभावितों से मुलाकात की है। गरीबों का घर सड़क बनाने के नाम पर तोड़ दिया गया है।
दीपक बैज ने कहा कि, चंद बिल्डर और बड़े लोगों के लिए ऐसा निर्णय लिया गया है। जो कार्रवाई की गई है, वहां कोई प्लानिंग नहीं की गई, न कोई अधिकारी और न जन प्रतिनिधियों ने गरीबों से चर्चा की। शासन-प्रशासन असंवेदनशील है। कांग्रेस गरीब परिवार के साथ है।
बीजेपी की आयोजित बड़ी बैठक को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि, भाजपा नेता पूरी तरह से फेल हो चुके हैं। इस सरकार में उनके मंत्रियों और विधायक की रिपोर्ट कार्ड फेल हो चुकी है। इसीलिए इमरजेंसी बैठक लेकर रिपोर्ट कार्ड पेश करने का प्लान है।
बैज ने कहा कि, पूरे प्रदेश में विधायक रेत तस्करी में लगे है। बस्तर के विधायक लोहा चोरी में लगे है, तो कोई कोयला चोरी में और अवैध वसूली में लगे हैं। पूरी सरकार अवैध रूप से काली कमाई में लगी हुई है। रिपोर्ट की बात ही नहीं कीजिए, क्योंकि सरकार पूरी तरह से फेल है। कल की बैठक में भाजपा डेढ़ साल की विफलता पर आत्म मंथन करने जा रही है।