राजधानी
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने बलौदा बाजार को बनाया क्षेत्रीय मुख्यालय, तीन जिलों को मिलेगा लाभ।
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट बलौदा बाजार, 01 सितंबर 2025।
छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक ने आज बलौदा बाजार को एक नई पहचान दी है। राज्य के सबसे बड़े बैंक ने बलौदा बाजार को क्षेत्रीय कार्यालय का दर्जा प्रदान किया है। इस क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत बलौदा बाजार, सारंगढ़–बिलाईगढ़ और महासमुंद जिले की कुल 51 शाखाएं शामिल की गई हैं।
नए कार्यालय के शुभारंभ से ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के ग्राहकों को बैंकिंग सेवाओं, लोन, बीमा तथा अन्य वित्तीय कार्यों में पहले से कहीं अधिक तेजी और पारदर्शिता मिलेगी। इससे न केवल ग्राहकों को सुविधा होगी बल्कि बैंकिंग नेटवर्क को भी और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सकेगा।
यहां से सभी ब्रांचों की कार्यों का गुणवत्ता परखने और सही दिशा देने में सहायक होगा।
???? उद्घाटन समारोह
क्षेत्रीय कार्यालय का शुभारंभ बैंक के चेयरमेन विनोद कुमार अरोरा ने फीता काटकर और लक्ष्मी माता के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर उन्होंने बैंक स्टाफ को प्रेरित करते हुए कहा –
“ग्राहकों और बैंक के बीच विश्वास का रिश्ता और मजबूत करने की जिम्मेदारी अब और बढ़ गई है। सभी अधिकारी और कर्मचारी बेहतर माहौल में काम करते हुए ग्राहकों को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान करें।”
???? उपस्थित गणमान्य
उद्घाटन समारोह में क्षेत्रीय प्रबंधक गोविंद विश्वकर्मा, गिरीश हेडउ (SENIOR MANAGER परिचालन प्रमुख) अर्घ गुप्ता * ( SENIOR MANAGER BUSINESS) सहित क्षेत्रीय कार्यालय में पदस्थ समस्त स्टाफ की गरिमामयी उपस्थिति रही। पूरा कार्यक्रम सौहार्दपूर्ण और शालीन वातावरण में संपन्न हुआ।
???? ग्रामीण ग्राहकों के लिए बड़ी सुविधा
बलौदा बाजार में क्षेत्रीय कार्यालय की स्थापना से अब तीनों जिलों के ग्राहकों को ऋण योजनाओं, बीमा सेवाओं और अन्य बैंकिंग कार्यों के लिए बार–बार दूर जाने की आवश्यकता नहीं होगी। स्थानीय स्तर पर ही तेजी से निर्णय और सुविधाजनक सेवाएं उपलब्ध होंगी।
इस तरह छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण बैंक का यह कदम न केवल बैंकिंग क्षेत्र को मजबूत करेगा बल्कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति देगा।
ऐतिहासिक चक्रधर समारोह में छत्तीसगढ़िया कलाकारों की अनदेखी होने पर जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने मोर्चा खोला
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट,
छत्तीसगढ़िया कलाकारों को छत्तीसगढ़ में ही काम नहीं देना शर्मनाक ।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने सरकार के ख़िलाफ़ आज राजधानी में विरोध प्रदर्शन किया ।
विश्व प्रसिद्ध चक्रधर समारोह 2025 में छत्तीसगढ़िया कलाकारों को मंच नहीं प्रदान करने को लेकर आज राजधानी रायपुर में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी ने छत्तीसगढ़ संस्कृति विभाग के खिलाफ जमकर नारेबाजी किया,जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी जिला रायपुर ने छत्तीसगढ़िया कलाकारों के सम्मान में गुरुघासीदास चौक (घड़ी चौक ) से जिलाधीश कार्यालय तक रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन किया । मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपे ज्ञापन में पार्टी ने छत्तीसगढ़ के कलाकारों को चक्रधर समारोह से अलग करने और प्रदेश से बाहर के कलाकारों को मंच प्रदान करने पर नाराजगी जताते हुवे छत्तीसगढ़िया कलाकारों को सम्मान देने का माँग किया है ।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी रायपुर जिला अध्यक्ष गोपी साहू ने संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल को छत्तीसगढ़िया विरोधी कहा है । उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़िया कलाकारों को कार्यक्रम में पहले बुलाया गया था लेकिन कार्यक्रम से एन पहले नाम हटा दिया गया । जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी की महिला जिला अध्यक्ष लक्ष्मी नाग ने बताया कि प्रदेश के कलाकारों में सरकार के रवैये के प्रति भारी आक्रोश है प्रदेशभर के कलाकार सरकार के खिलाफ प्रदर्शन की तैयारी में हैं । जिला महासचिव उषा श्रीवास ने कहा कि छत्तीसगढ़िया कलाकारों का उपेक्षा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपाध्यक्ष ऋचा वर्मा ने कहा कि स्थानीय कलाकारों के सम्मान में जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी बड़ी लड़ाई लड़ेगी ।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना द्वारा सक्ति जिला में किया गया छत्तीसगढ़ियावाद के लिए लोगों को जागरूक
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, व जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी, के द्वारा सक्ति जिला के चंदरपुर से लगे गांव गोपालपुर में किया गया संगठन विस्तार। आम लोगों को किया गया जागरूप।
छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना, सक्ति जिलाध्यक्ष दीपक यादव जी, का कहना है। छत्तीसगढ़िया क्रान्ति सेना छत्तीसगढ़ के लोगों का हक अधिकार का बात करता। रोज़ी रोजगार का बात करता है। जो बाहर से आए हुए लोगों की वजह से छत्तीसगढ़ के लोगों को रोजगार नहीं मिल पा रहा है।
सुनील लोधी जी, बाहर से आए हुए शरणार्थी (परदेशहीया) आज छत्तीसगढ़ में अपना हर जमाने लगे है। अगर यही चलता रहा तो आने वाली पीढ़ी को भारी संकटों का सामना करना पड़ेगा।
भारत में अनेकों राज्य है। हर राज्य का अपना एक पहचान होता है। उस राज्य का संस्कृति भाषा, पढाई लिखाई।बिहार में पहले प्राथमिकता बिहारी को
बंगाल, में पहले प्राथमिकता बंगाली को।
महाराष्ट्र, में पहले प्राथमिकता मराठी को उसी प्रकार।
छत्तीसगढ़ में पहले प्राथमिकता छत्तीसगढ़ियों को क्यों नहीं मिलता,छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा छत्तीसगढ़ियों को नकारा व निकम्मा बनाने में तुला हुआ है।
योगेश कुर्रे जी, का कहना है। राज्य सरकार का काम होता है। राज्य की देखभाल करना। लोगों के लिए स्वास्थ्य, शिक्षा, व रोजगार, मुहैय्या कराना पर छत्तीसगढ़ सरकार छत्तीसगढ़ के लोगों को दारू मुहैय्या करा रहा है। ओ भी डिजिटल कैशलेश के साथ आने वाली पीढ़ी को शराब के दलदल में झोंकने के लिए लगा हुआ है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के प्रदेश संगठन मंत्री सोनू राठौर जी के द्वारा आम जनता को समझाते हुए। बताया गया कि किस प्रकार बाहर से आने वाले लोगों की वजह से छत्तीसगढ़ का माहौल पुरी तरह से खराब हो गया है। शांत प्रदेश छत्तीसगढ़ आज अपराध का गढ़ बन गया है।
जोहार छत्तीसगढ़ पार्टी के जिलाध्यक्ष जैनेन्द्र कुर्रे जी का कहना है। आज के युवा पीढ़ी को बीजेपी, कांग्रेस, को छोड़कर अब क्षेत्रीय पार्टी की सरकार को चुनना चाहिए।
सरखोर में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन,120 मवेशियों को लम्फी बीमारी से बचाव हेतु किया गया टीकाकरण
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट बलौदाबाजार, 30 अगस्त 2025
/कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार पशुचिकित्सा विभाग द्वारा शनिवार को विकासखंड बलौदाबाजार के ग्राम सरखोर में पशु चिकित्सा शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में
पशुओं का स्वास्थ्य जांच एवं 120 पशुओं को लम्फी बीमारी से बचाव हेतु टीकाकरण किया गया। इसके साथ ही 30 पशुओं को कृमिनाशक दवापान,1 पशु में कृत्रिम गर्भाधान तथा 11 पशुओं हेतु औषधि वितरण किया गया।
उप संचालक पशु चिकित्सा सेवायें डॉ.नरेद्र सिह के मार्गदर्शन में सरखोर गौठान में पशुओं हेतु शिविर आयोजन किया गया। शिविर में मोबाईल वेटेरिनरी युनिट से डॉ. नेहा यादव, श्री जानू जांगडे एवं पशु चिकित्सालय-अहिल्दा से डॉ. संतोष पुरेना, श्री हेमंत विश्वकर्मा उपस्थित होकर पशुओं का स्वास्थ्य जांच किया गया। उप संचालक डॉ. नरेन्द्र सिंह ने बताया कि
पशु चिकित्सालय अहिल्दा टीम के द्धारा विगत 3 दिनों से गौठान में रखे गये पशुओं का स्वास्थ्य जांच नियमित रूप से किया जा रहा है।गौठान में लगभग 160 पशु रखा जा रहा है जिसके लिये ग्राम पंचायत द्धारा 04 पशु चरवाहा रखे गये है। चरवाहहे द्धारा प्रतिदिन पशुओ को 5-6 घंटा चराया जाता है।
गौठान में चारा पानी की ब्यवस्था भी पंचायत द्धारा की गई है। इसके साथ ही तहसीलदार लवन पेखन टोंड्रे ने भी गोठान का निरीक्षण कर व्यवस्थाओ का जायजा लिया। उन्होंने सरपंच एवं चरवाहों से पूछ -ताछ की गई जिसमें गौठान में रखे जाने वाले मवेशियों के लिए चारे -पानी की व्यवस्था करना पाया गया।
पशु चिकित्सा शिविर में सरपंच मोहन कुमार बंजारे व राजेश कुमार पटेल के साथ-साथ ग्राम के पशु चरवाहा का भी विशेष सहयोग रहा।
खरीफ खेती के लिए नहर से पानी पहुंचाने प्रशासन की टीम मुस्तैद कलेक्टर ने महानदी मेन केनाल एवं शाखा नहर का लिया जायजा
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
बलौदाबाजार, 30 अगस्त 2025
/खरीफ सीजन में धान की खेती के लिए नहर से पानी पहुंचाने जिला प्रशासन द्वारा लगातार प्रयास किया जा रहा है। जल संसाधन विभाग की टीम फिल्ड में मुस्तैद होकर मॉनिटरिंग एवं आवश्यक समन्वय किया जा रहा है ताकि नहर से पानी खेतों तक जल्द पहुंचाया जा सके। कलेक्टर दीपक सोनी ने शनिवार को ग्राम कनकी के पास महानदी गंगरेल बांध के मुख्य नहर एवं ग्राम कुकदा के पास शाखा नहर का जायजा लिया और जल संसाधन विभाग के अधिकारियो को लगातार मॉनिटरिंग कर टेल एरिया तक प्राथमिकता से पानी पहुंचाने के निर्देश दिये।
कलेक्टर ने महानदी मेन कैनाल के गेट एवं पानी की मात्रा का जायजा लिया तथा जल प्रवाह मॉनिटरिंग पंजी का अवलोकन किया। उन्होंने मॉनिरिंग टीम को सतर्कता से कार्य करने तथा हर 2 घण्टे में जल प्रवाह की स्थिति दर्ज करने कहा। उन्होने विभाग के रेस्ट रेस्ट हॉउस का भी निरीक्षण किया और बेहतर रख- रखाव के निर्देश दिये।
बताया गया कि महानदी गंगरेल बांध मुख्य नहर से लवन शाखा नहर एवं बलौदाबाजार शाखा नहर जिनकी लम्बाई क्रमशः 69 किलोमीटर और 72 किलोमीटर से पानी छोडा गया है। इसके साथ ही भाटापारा क्षेत्र के लिए भी शाखा नहर है। वर्तमान में लवन शाखा नहर में 1298 क्यूसेक मीटर एवं बलौदाबाजार शाखा नहर में 671 क्यूसेक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है जो नहर की अधिकतम क्षमता है। शाखा एवं वितरक नहरो की जिले में कुल लम्बाई 760 किलोमीटर है जिससे 323 ग्राम की 2 लाख एकड़ क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उयलब्ध होती है।
इस दौरान कार्यपालन अभियंता वीरेन्द सिरमौर, एसडीओ अलोक नागपुरे एवं सूरज वर्मा मौजूद थे।
कलेक्टर ने साहकरी समिति अमेरा व कुसमी का किया निरीक्षण किसानों को जरुरत अनुसार उर्वरक उपलब्ध कराने के निर्देश
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
बलौदाबाजार, 30 अगस्त 2025
/कलेक्टर दीपक सोनी शनिवार को पलारी विकासखंड अंतर्गत प्राथमिक सहकारी सेवा समिति अमेरा एवं कुसमी पहुंचे।उन्होने भण्डारण क़क्ष में भण्डारित उर्वरको का निरीक्षण किया और समिति प्रबंधक से भण्डारण, वितरण एवं उर्वरक मांग की जानकारी ली। उन्होने समिति प्रबंधको को निर्देशित किया कि किसानों को जरुरत अनुसार पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराएं। किसानों को उर्वरक लेने में कोई दिक्कत न हो।
कलेक्टर ने उर्वरक लेने पहुंचे किसानों से भी चर्चा की और खाद मिलने के सम्बन्ध में पूछ -ताछ की। किसानों ने बताया कि उर्वरक की कोई समस्या नहीं है। जरुरत अनुसार समितियों में खाद मिल रहा है। किसानों ने खेती के लिए नहर से अपासी की समस्या बताई। इस पर कलेक्टर श्री सोनी ने कहा कि पहले टेल एरिया तक पानी पहुंचाना प्राथमिकता है। एक बार अंतिम छोर के गांव तक पानी पहुंचने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियो द्वारा
सभी खेतों में पानी पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
बताया गया कि सहकारी समिति अमेरा में एनपीके 500 बोरी,एसएसपी 500 बोरी, एसएसपी दानेदार 740 बोरी, डीएपी 1000 बोरी,पोटाश 900 बोरी एवं यूरिया 400 बोरी कुल 6300 बोरी भण्डारण एवं वितरण किया गया है। कुसमी समिति में एनपीके 1600 बोरी,एसएसपी 400 बोरी,डीएपी 1350 बोरी,पोटाश 300 बोरी एवं यूरिया 4466 बोरी 8288 बोरी भण्डारण जिसके विरुद्ध 7716बोरी उर्वरक वितरण किया गया है।
इस दौरान उपायुक्त सहकारिता उमेश कुमार गुप्ता, डीएमओ, सहकारिता विस्तार अधिकारी सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
खाद्य विभाग की गैस एजेंसी पर छापमारी,अनियमिता पर कार्यवाही
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट
बलौदाबाजार,:
-जिले में अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेण्डर का भण्डारण कर अधिक दाम में विक्रय करने के तथा विभिन्न गैस एंजेसी के विरूद्ध सिलेण्डर वितरण एवं प्रदाय में अनियमितता की शिकायत प्राप्त हो रही थी। इसी तारतम्य में शिकायत के संबंध में कलेक्टर दीपक सोनी के निर्देशानुसार एवं ज़िला खाद्य अधिकारी पुनीत वर्मा के मार्गदर्शन में खाद्य विभाग के सहायक खाद्य अधिकारी विजय कुमार किरण, लक्ष्मण कश्यप, खाद्य निरीक्षक कमलनारायण साहू एवं खाद्य निरीक्षक शीतलेश यादव द्वारा बलौदाबाजार-भाटापारा जिले में अवैध रूप से घरेलू गैस सिलेण्डर संग्रहण कर अवैध रूप से विक्रय करने वाले एलपीजी वितरकों पर कार्यवाही किया गया।
मेसर्स माँ महामाया एचपी गैस एजेंसी करमदा में 6,33,536 रूपए मूल्य के विभिन्न प्रकार के 233 नग सिलेण्डरों की अनियमितता पाई गई। अनियमितता पाये जाने पर मेसर्स माँ महामाया एचपी गैस एजेंसी करमदा के संचालक सुनीता अग्रवाल एवं प्रबंधक तामेश वर्मा के विरूद्ध द्रवीकृत पेट्रोलियम गैस (प्रदाय एवं वितरण विनियमन) आदेश 2000 के प्रावधानों के तहत कार्यवाही की गई। संबंधित को नोटिस जारी किया जाएगा।साथ ही घरेलू गैस सिलेण्डर के अवैध भण्डारण कर विक्रय करने वाले के विरूद्ध तथा गैस एजेंसियों के द्वारा अनियमितता की शिकायत पर विभाग द्वारा आगे भी कार्यवाही जारी रहेगी।
जंगल के बीच फंसा प्रशिक्षण: आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की पीड़ा और अधिकारियों का भ्रष्टाचार सरकारी प्रशिक्षण या मजबूरी का शिविर? अव्यवस्था ने छीना मकसद
गोविंद राम ब्यूरो रिपोर्ट,बलौदाबाजार:-
बलौदाबाजार जिले के विकासखण्ड कसडोल के अंतर्गत
एकीकृत बाल विकास परियोजना सोनाखान द्वारा ग्राम पंचायत राजादेवरी के सामाजिक भवन में 29,30,31 अगस्त तक आयोजित “पोषण भी पढ़ाई भी” कार्यक्रम अंतर्गत आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं का तीन दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण शिविर इन दिनों अव्यवस्थाओं और लापरवाही का पर्याय बन चुका है। जिस उद्देश्य के लिए यह शिविर आयोजित किया गया है, वह अव्यवस्थित माहौल, असुविधाओं और अधिकारियों की उदासीनता के कारण पूरी तरह हाशिए पर चला गया है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर ऐसे दुर्गम और बदहाल स्थान का चयन क्यों किया गया, जहाँ कार्यकर्ताओं को न तो मूलभूत सुविधाएँ मिल पा रही हैं और न ही सुरक्षित वातावरण।
शहरी क्षेत्र की उपेक्षा कर दुर्गम गाँव में आयोजन
इस शिविर को शहरी क्षेत्रों की उपेक्षा करते हुए जंगलों के बीच बसे राजादेवरी गाँव में आयोजित किया गया। दर्जनों महिला कार्यकर्ताओं को 80 से 90 किलोमीटर लंबा सफर तय कर यहाँ पहुँचना पड़ रहा है। लंबी दूरी तय करने के बाद भी उन्हें किसी भी तरह की परिवहन सुविधा उपलब्ध नहीं कराई गई। थकान और कष्टप्रद यात्रा के कारण प्रशिक्षण का असली मकसद कार्यकर्ताओं से छिनता जा रहा है। खासकर वे शिशुवत कार्यकर्ता, जो अपने छोटे-छोटे बच्चों को गोद में लेकर यहाँ पहुँच रही हैं, उनके लिए यह प्रशिक्षण एक कष्टमय अनुभव बन गया है। उनके पास न बच्चों को सुरक्षित रखने की व्यवस्था है और न ही आराम करने का कोई स्थान।
आवासीय व्यवस्था केवल कागजों में
सरकार द्वारा इस प्रशिक्षण शिविर के लिए लाखों की धनराशि जारी किए जाने की पुष्टि हो रही है, लेकिन वास्तविक स्थिति अत्यंत दयनीय है। आवासीय शिविर का दावा केवल कागजों पर है। मास्टर ट्रेनर और प्रशिक्षक खुद शिविर स्थल पर रुकना उचित नहीं समझते और प्रशिक्षण के बाद वापस लौट जाते हैं। मजबूरी में कई कार्यकर्ता रात्रि विश्राम करती हैं, लेकिन वहाँ उनके लिए ठहरने की कोई सुरक्षित व सुविधाजनक व्यवस्था नहीं है।
50 से 60 कार्यकर्ताओं को एक ही छोटे से कमरे में दरी बिछाकर जमीन पर सोना पड़ता है। स्वच्छ पानी की व्यवस्था नाम मात्र की है और एक मात्र शौचालय जर्जर हालत में है जहाँ दरवाजा के जगह प्लास्टिक बोरी से लगा हुआ होने के कारण उपयोग के योग्य नहीं है। महिला कार्यकर्ता तालाब में स्नान करने और लोटा यात्रा अर्थात खुले में शौच करने को विवश हैं, जो न केवल असुविधाजनक है बल्कि उनकी गरिमा और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा भी है।
अंधेरे, मच्छर और जहरिले जीव-जंतु का खतरा
प्रशिक्षण स्थल स्थित गाँव में बिजली की स्थिति बेहद खराब है। हर आधे घंटे में बिजली गुल हो जाने से रात्रि समय अंधकार छा जाता है। अंधेरे में साँप, बिच्छू और अन्य जहरीले जीव-जंतुओं के आ जाने की आशंका बनी रहती है। उमस भरी गर्मी और मच्छरों का आतंक कार्यकर्ताओं को चैन से सोने और प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित करने से रोक रहा है। पंखों और स्वच्छ हवा की कोई समुचित व्यवस्था नहीं है। ऐसे माहौल में कार्यकर्ता स्वयं को असुरक्षित और बीमारियों की चपेट में आने के खतरे में महसूस कर रही हैं।
खाना और प्रशिक्षण की दुर्दशा
जिस कक्ष में कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, उसी में उन्हें बैठना, खाना और सोना पड़ता है। कार्यकर्ताओं को फर्श पर दरी बिछाकर कचाकच भरे कमरे में प्रशिक्षण लेना पड़ रहा है, जहाँ न तो कुर्सियों-टेबल की व्यवस्था है और न ही उचित रोशनी-हवादार माहौल। भोजन जिस भवन में तैयार हो रहा है, वहाँ गंदगी का साम्राज्य है—मकड़ी के जाले, छिपकलियों की भरमार और साफ-सफाई का नामोनिशान नहीं है। ऐसी स्थिति में परोसा जाने वाला भोजन स्वास्थ्य के लिए खतरा बन सकता है।
सूत्रों की मानें तो रात्रि भोजन की राशि कार्यकर्ताओं के वेतन से काटे जाने की योजना भी अधिकारियों की ओर से बनाई गई है। यदि ऐसा हुआ तो यह सीधे-सीधे कार्यकर्ताओं के साथ आर्थिक शोषण और भ्रष्टाचार का उदाहरण होगा।
लापरवाही या भ्रष्टाचार?
प्रशिक्षण स्थल के चयन से लेकर व्यवस्थाओं की अनदेखी तक, हर कदम पर जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही और भ्रष्टाचार की बू आ रही है। आरोप है कि इस शिविर को कम से कम खर्च में निपटाकर बाद में कागजों पर फर्जी बिलिंग दिखाकर सरकारी धन की बंदरबांट की जाएगी। यही वजह है कि कार्यकर्ताओं की कठिनाइयों के बावजूद उच्च अधिकारी पूरी तरह चुप्पी साधे हुए हैं। कार्यकर्ताओं की समस्याएँ चाहे कितनी भी गंभीर क्यों न हों, उनका समाधान करने में किसी की रुचि नहीं है।
प्रशिक्षण का असली उद्देश्य पीछे छूटा
प्रदेशभर में नई शिक्षा नीति के तहत खेल और गतिविधि आधारित शिक्षा तथा सितम्बर माह में आयोजित होने वाले ‘पोषण माह’ की तैयारी को लेकर यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया है। इस प्रशिक्षण में कार्यकर्ताओं को बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने, अभिभावकों से संपर्क स्थापित करने, ई-केवाईसी और टीकाकरण की जानकारी देने तथा बच्चों के वजन मापन की सही विधियाँ सीखने का अवसर मिलना था।
लेकिन अव्यवस्था और अराजक माहौल ने प्रशिक्षण को खोखला बना दिया है। कार्यकर्ता थकान, असुविधा और असुरक्षा में घिरकर प्रशिक्षण पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रहे हैं। परिणामस्वरूप जिस उद्देश्य से यह प्रशिक्षण आयोजित किया गया था, वह पूरी तरह से हाशिए पर चला गया है और केवल खानापूर्ति तक सीमित होकर रह गया है।
अब बड़ा सवाल यही है कि जब प्रदेशभर में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रशिक्षण और योजनाओं पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं, तब भी ऐसी दुर्दशा और अव्यवस्था क्यों? क्या यह केवल लापरवाही है या फिर सुनियोजित भ्रष्टाचार? इसका जवाब देने से जिम्मेदार अधिकारी लगातार बच रहे हैं, जबकि कार्यकर्ताओं की पीड़ा दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है।
15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस पर उप स्वास्थ्य केंद्र टेमर में नहीं हुआ ध्वजारोहण, ग्रामीणों ने जताई नाराजगी कलेक्टर से शिकायत कार्यवाही की मांग
गोविंद राम
(सक्ती) स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर ग्राम टेमर स्थित उप स्वास्थ्य केंद्र में ध्वजारोहण नहीं किए जाने से ग्रामीणों में गहरी नाराजगी देखी गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह राष्ट्र के गौरव और मर्यादा का अपमान है, जिसे किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
ग्रामीणों ने बताया कि जब वे 15 अगस्त की सुबह उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे तो वहां ध्वजारोहण की कोई तैयारी नहीं थी। न तो केंद्र में कोई कर्मचारी उपस्थित था और न ही कोई झंडा फहराया गया। इस लापरवाही से ग्रामीणों की भावनाएं आहत हुई हैं।
ग्रामवासियों ने इस पूरे मामले की शिकायत जिला कलेक्टर से करते हुए मांग की है कि जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए तथा भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों, इसके लिए प्रशासन सख्त दिशा-निर्देश जारी करे।
ग्रामीण ने कहा, "सरकारी संस्थानों से हम उम्मीद करते हैं कि वे राष्ट्रभक्ति और अनुशासन का उदाहरण पेश करें, लेकिन यहां तो खुद लापरवाही दिखाई गई।"
इस घटना को लेकर स्थानीय स्तर पर चर्चाओं का दौर जारी है और ग्रामीणों को अब जिला प्रशासन की कार्रवाई का इंतजार है।
भूपेश बघेल का जिक्र…कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे ने कही बड़ी बात
रायपुर
,छत्तीसगढ़ के पूर्व मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रविंद्र चौबे ने पूर्व सीएम भूपेश बघेल के जन्मदिन पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि, छत्तीसगढ़ में जनता की इच्छा है कि कांग्रेस का नेतृत्व भूपेश बघेल करें और आने वाले समय में भी वही करें। अगली लड़ाई भाजपा की सरकार के कुशासन और मोदी की गारंटी से है और यह ताकत सिर्फ भूपेश बघेल में है। रविंद्र चौबे ने कहा कि, हम सबको भूपेश बघेल का हाथ मजबूत करना है। जिस तरह 2013 से 2018 के बीच कांग्रेसियों ने मिलकर भाजपा की 15 साल की सत्ता को उखाड़ फेंका था, उसी तरह आने वाले समय में भी लड़ाई लडऩा है और राहुल गांधी का हाथ मजबूत करना है। अगर किसान की सरकार कोई बना सकता है, तो केवल भूपेश बघेल है। पूर्व मंत्री ने कहा कि, छत्तीसगढ़ में कांग्रेस के लिए संघर्ष भूपेश बघेल ने किया है। 2018 में सरकार बनाने के इसके साथ ही लगातार देश की राजनीति में राहुल गांधी प्रियंका गांधी, सोनिया गांधी के साथ अगर कोई अड़ा हुआ है तो वह केवल छत्तीसगढ़ का नेता भूपेश बघेल है। उन्होंने कहा कि, पीएम मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ कोई आवाज उठा रहा है, तो केवल और केवल भूपेश बघेल आवाज उठा रहे हैं।
इसके कारण आज उन्हें कितनी तकलीफ का सामना करना पड़ रहा है। उनको लगातार तंग करने की कोशिश हो रही है। ईडी-सीबीआई-इनकम टैक्स की कार्रवाई उन पर, उनके परिवार और कांग्रेसियों पर की जा रही है। रविंद्र चौबे ने कहा कि, ईडी वाले ये समझ ले कि कांग्रेस पार्टी का यह नेता है। महात्मा गांधी के रास्ते में चलने वाला नेता है। अंग्रेज से नहीं डरे तो इन काल अंग्रेजी से डरने वाले नेता नहीं हैं। लगातार भूपेश बघेल को तंग करने की कोशिश की गई, उनके बेटे को परेशान किया जा रहा है। ईडी वाले भी सुन ले छत्तीसगढ़ कांग्रेस का नेता भूपेश बघेल शेर है। यह डरने वाला नेता नहीं है। ईडी वाले प्रधानमंत्री को सूचना दे दें कि भूपेश बघेल डरने वाला नहीं है। न भूपेश बघेल का कोई समर्थक डरने वाले है
वन्य प्राणी शिकारियों पर वन विभाग कार्यवाही,चीतल मांस सहित दो आरोपी गिरफ्तार,एक फरार
गोविन्द राम जिला प्रतिनिधि
बलौदाबाजार, 25 अगस्त 2025/
वनमण्डलाधिकारी गणवीर धम्मशील के मार्गदर्शन में परिक्षेत्र अधिकारी अर्जुनी रूपेन्द्र कुमार साहू और उनकी टीम ने अवैध शिकार करते हुए दो अपराधियों को पकड़ा हैI एक आरोपी फरार है जिसकी पतासाजी की जा रही है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार रविवार को सराईपाली परिसर रक्षी पूनमचन्द फेकर को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई कि कक्ष क्रमांक 341, अर्जुनी से सराईपाली मार्ग (झाला ढोड़गी के पास) पर दो व्यक्ति मोटरसायकल से अवैध शिकार का मांस लेकर आ रहे हैं
। सूचना पर गांजरडीह परिसर प्रभारी भरतलाल साहू, सुरक्षा श्रमिकों एवं टीम द्वारा तत्काल घेराबंदी कर कार्रवाई की गई।जांच में दो व्यक्तियों भूषण प्रसाद पिता रंजीत कोड़ाकू एवं कोमलसाय पिता कार्तिक कोड़ाकू, निवासी ग्राम बिलाड़ी, के पास से 23.620 किलोग्राम ताजा चीतल का मांस, एक मोटरसायकल एवं दो मोबाइल फोन बरामद किए गए। पूछताछ में अभियुक्तों ने उक्त मांस ग्राम अर्जुनी निवासी अनिल पिता चमारसिंग बरिहा से लेना बताया जो वर्तमान में फरार है।
प्रकरण में आरोपियों के विरुद्ध वन्यप्राणी संरक्षण अधिनियम 1972 एवं वन्यजीव (संरक्षण) संशोधन अधिनियम 2022 की धारा 9, 39, 44, 48(क), 50 एवं 51 के तहत अपराध कायम कर पी.ओ.आर. नं. 15670/17 दिनांक 24/08/2025 दर्ज किया गया। दोनों आरोपियों को न्यायालय कसडोल में प्रस्तुत कर बलौदाबाजार जेल दाखिल कराया गया। फरार आरोपी अनिल पिता चमारसिंग बरिहा सहित अन्य संभावित आरोपियों की पतासाजी की जा रही है।कार्रवाई के दौरान प्रशिक्षु वन परिक्षेत्र अधिकारी डब्बू साहू, प्रशिक्षु वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री रूपेश्वरी दीवान, प्रशिक्षु वन परिक्षेत्र अधिकारी सुश्री मीनाक्षी साहू, वनपाल भरतलाल साहू, परिसर रक्षी पूनमचन्द फेकर, वनरक्षक प्रवीण कुमार आडिले, वनरक्षक दिनेश कर्ष मौजूद थेl
उल्टा चोर कोतवाल को डांटे! बिना शासन अनुमति के पत्रकारों को धमकी देने वाली जनसम्पर्क अधिकारी पर कब होगी कार्रवाई?
रायपुर/जशपुरनगर । विशेष रिपोर्ट
प्रदेश में लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला करने की कोशिश अब सीधे जिला जशपुरनगर जनसम्पर्क अधिकारी के दफ्तर से की जा रही है। सहायक संचालक जनसम्पर्क कार्यालय, नूतन सिदार ने पत्रकारों को सीधे धमकी भरा कानूनी नोटिस भेजकर एक नया विवाद खड़ा कर दिया है।
सबसे बड़ा सवाल यह है कि –
???? क्या नूतन सिदार ने यह नोटिस भेजने से पहले शासन/प्रशासन से अनुमति ली थी?
???? अगर अनुमति नहीं ली गई तो क्या यह कदम सेवा आचरण नियमों का खुला उल्लंघन नहीं है?
सरकारी सेवा नियम स्पष्ट कहते हैं कि कोई भी शासकीय कर्मचारी यदि अपने पदनाम का इस्तेमाल करते हुए किसी प्रकार की कानूनी कार्यवाही करता है तो उसे उच्च अधिकारी से पूर्व अनुमति लेना अनिवार्य होता है। लेकिन यहाँ तो अधिकारी स्वयं ही पत्रकारों को डराने-धमकाने में जुट गईं।
पत्रकार संगठनों ने इसे सीधा हमला बताया है। उनका कहना है कि –
“सरकार पत्रकार सुरक्षा कानून की बात करती है, लेकिन यहां सरकारी अधिकारी ही पत्रकारों को धमका रहे हैं। क्या यही है अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता? क्या यही है लोकतंत्र में मीडिया की भूमिका?”
इस पूरे घटनाक्रम ने यह साबित कर दिया है कि अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग कर रहे हैं। पत्रकारों पर आरोप मढ़कर, ब्लैकमेलिंग का ठप्पा लगाकर और मानहानि का मुकदमा ठोंककर प्रशासन के कुछ लोग सच को दबाना चाहते हैं। लेकिन सवाल यह है कि क्या सच को दबाया जा सकता है? क्या पत्रकारों की आवाज़ को कुचला जा सकता है?
अब पूरे प्रदेश में यह चर्चा है कि –
???? क्या जशपुरनगर के कलेक्टर और जनसम्पर्क विभाग के वरिष्ठ अधिकारी इस मामले में संज्ञान लेकर कार्रवाई करेंगे?
???? या फिर यह मामला भी फाइलों में दबा दिया जाएगा और अधिकारी खुलेआम नियमों को तोड़ते रहेंगे?
यह मामला केवल एक नोटिस का नहीं है, यह मामला लोकतंत्र में पत्रकारिता की आज़ादी बनाम अधिकारीशाही की दबंगई का है। यदि बिना अनुमति लिए नोटिस भेजने पर कोई कार्रवाई नहीं होती तो यह सीधा संदेश होगा कि प्रशासन स्वयं अपने अधिकारियों को पत्रकारों पर अत्याचार करने की खुली छूट दे रहा है।
अब जनता और पत्रकार समाज दोनों प्रशासन से यही पूछ रहे हैं “क्या जशपुर का प्रशासन इतना कमजोर है कि एक अधिकारी अपने पद का दुरुपयोग करके पत्रकारों को खुलेआम धमकाए और फिर भी बच निकले?”
अब जानते हैं - Central Civil Services (Conduct) Rules, 1964 के बारे में…
(हिंदी में: केंद्रीय सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1964)
यह 1964 में अधिसूचित (notified) हुआ था और 1 जनवरी 1965 से लागू हुआ, इसलिए इसे अक्सर 1965 का आचरण नियम भी कहा जाता है।
उद्देश्य
इसका मुख्य उद्देश्य है –
भारत सरकार के सभी सिविल सेवकों (Central Govt. employees) के लिए नैतिक आचरण (code of conduct) तय करना।
ताकि उनके कामकाज, सार्वजनिक जीवन, सामाजिक व्यवहार और वित्तीय लेन-देन में ईमानदारी, निष्पक्षता और जवाबदेही बनी रहे।
लागू क्षेत्र
यह नियम भारत सरकार के सभी केंद्रीय सिविल सेवकों पर लागू होता है (जैसे IAS, IPS, IFS, Railway, Defence Civilians, PSU/Autonomous bodies के कई कर्मचारी)।
राज्य सरकारों ने भी इसी तर्ज़ पर अपने-अपने State Civil Services Conduct Rules बनाए हैं।
मुख्य प्रावधान (Rules at a glance)
1. सामान्य आचरण (General Conduct)
सरकारी सेवक को ईमानदारी, निष्पक्षता और उच्च नैतिक मानकों का पालन करना होगा।
उसे ऐसा कोई काम या बयान नहीं देना चाहिए जिससे सरकार की बदनामी हो।
2. राजनीतिक गतिविधियाँ (Political Activities)
किसी भी राजनीतिक दल की सदस्यता या सक्रिय भागीदारी वर्जित है।
राजनीतिक भाषण, रैली, चुनाव प्रचार में शामिल नहीं हो सकते।
3. भ्रष्टाचार और रिश्वत (Corruption & Bribery)
किसी भी रूप में रिश्वत, गिफ्ट, अतिथि-सत्कार, फ्री यात्रा लेना प्रतिबंधित है (कुछ छोटी व्यक्तिगत उपहारों को छोड़कर जिनकी रिपोर्ट देनी होती है)।
4. संपत्ति और निवेश (Property & Investment)
सरकारी सेवक को अपनी चल-अचल संपत्ति (movable/immovable property) की जानकारी देनी होगी।
बड़ी खरीद-फरोख्त (जैसे ज़मीन, मकान, गाड़ी) बिना पूर्व अनुमति/सूचना के नहीं कर सकते।
स्टॉक-शेयर मार्केट में अटकलें (speculation) नहीं कर सकते।
5. दोहरी नौकरी (Private Trade or Employment)
सरकारी सेवक बिना अनुमति के किसी भी निजी व्यापार, पेशा या नौकरी में नहीं लग सकता।
6. प्रेस और मीडिया से जुड़ाव (Press & Media)
बिना अनुमति के पुस्तक/लेख/संपादकीय/पत्रकारीय कार्य नहीं कर सकता (यदि वह सरकारी कार्य से संबंधित है)।
सोशल मीडिया पर भी नियम लागू होते हैं।
7. प्रदर्शन / यूनियन (Demonstrations & Strikes)
सरकारी सेवक हड़ताल, धरना, प्रदर्शन, हिंसक आंदोलन में शामिल नहीं हो सकता।
8. सार्वजनिक आलोचना (Public Criticism)
सरकार की नीतियों, कार्यक्रमों या वरिष्ठ अधिकारियों की सार्वजनिक आलोचना नहीं कर सकता।
9. रिश्वतखोरी व ईमानदारी (Integrity)
हमेशा उच्चतम ईमानदारी (absolute integrity) और निष्पक्षता बनाए रखनी होगी।
10. महिलाओं और कमजोर वर्गों के प्रति आचरण
किसी भी प्रकार का यौन उत्पीड़न, भेदभाव या उत्पीड़न कठोर अपराध है।
11. Rule 23 – Vindication of Acts and Character
यदि कोई सेवक मानहानि के आरोपों से खुद को मुक्त करना चाहता है (official duties से जुड़े मामलों में), तो उसे पहले सरकार से अनुमति लेनी होगी।
उल्लंघन के परिणाम
यदि कोई सरकारी सेवक इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई (Disciplinary Action) हो सकती है –
चेतावनी (Warning)
वेतन कटौती (Reduction in pay)
पदावनति (Demotion)
निलंबन (Suspension)
बर्खास्तगी (Dismissal from service)
सारांश
सिविल सेवा आचरण नियम, 1964 (लागू 1965 से) सरकारी सेवकों के लिए एक आचार संहिता है।
इसमें यह सुनिश्चित किया गया है कि सरकारी कर्मचारी –
ईमानदार, निष्पक्ष और निष्ठावान बने रहें,
भ्रष्टाचार, राजनीति, अनुचित संपत्ति अर्जन और अनुशासनहीनता से दूर रहें,
और उनकी कार्यप्रणाली से सरकार की विश्वसनीयता बनी रहे।
पंडित दीनदयाल ऑडिटोरियम में तीजा-पोरा तिहार:महिलाओं ने जमकर लगाए ठुमके,
रायपुर
राजधानी रायपुर के पंडित दीनदयाल उपाध्याय ऑडिटोरियम में छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव के अवसर पर तीजा-पोरा तिहार मनाया जा रहा है। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में करीब 3 हजार महिलाएं पहुंची हुई हैं। इनमें महतारी वंदन योजना की हितग्राही महिलाएं, महिला स्व-सहायता समूहों की दीदियां और मितानिनें शामिल हैं।
कार्यक्रम में मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े खास ट्रेडिशनल छत्तीसगढ़ी परिधान में नजर आईं। कार्यक्रम में मंत्री अरुण साव, मेयर मीनल चौबे, विधायक अनुज शर्मा सहित अन्य बड़े नेता मौजूद रहे। इसके अलावा कलेक्टर गौरव शर्मा सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी कार्यक्रम में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत शिव-पार्वती, नंदिया बैला और कृषि यंत्रों की पूजा के साथ की गई। इसके अलावा मेहंदी, चूड़ी और आलता के आकर्षक स्टॉल भी लगाए गए हैं। कार्यक्रम में शामिल महिलाओं के लिए विशेष साड़ी भी मंगाई गई है। स्पेशल छत्तीसगढ़ी व्यंजन की भी व्यवस्था की गई है।
भादो महीने में मनाया जाने वाला तीजा-पोरा तिहार छत्तीसगढ़ की असली पहचान है। यह सिर्फ धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक रिश्तों को जोड़ने वाला उत्सव है। इस मौके पर बेटियों और बहनों को मायके बुलाकर सत्कार किया जाता है। महिलाएं निर्जला व्रत रखकर शिव-पार्वती की पूजा करती हैं और दांपत्य जीवन की सुख-समृद्धि की कामना करती हैं।
भूपेश के तीजा-पोरा कार्यक्रम के दौरान गैस-सिलेंडर में लगी आग,
रायपुर
राजधानी रायपुर में तीजा पोरा त्योहार पर सुभाष स्टेडियम में कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जहां अचानक गैस-सिलेंडर में आग लग गई। जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। वहीं, पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपनी बेटी के साथ झूला झूलते दिखे। पोला के अलावा तीजा उत्सव मनाने भी महिलाएं बड़ी संख्या में पहुंची हैं।
दरअसल, आज बघेल का जन्मदिन भी है। ऐसे में तीजा–पोरा तिहार के साथ ही सुभाष स्टेडियम में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया।
वहीं, कृषि मंत्री रामविचार नेताम के नवा रायपुर स्थित निवास परिसर में पोला तिहार मनाया जाएगा। यहां बैल जोड़ों और मिट्टी से बने नंदी बैल की पूजा की जाएगी। इस आयोजन में सभी मंत्री, विधायक भी शामिल होंगे।
रामसागर पारा भैसथान मैदान में आज शाम में शाम 4 बजे बैल दौड़ का आयोजन किया गया है। प्रतिभागियों को नगद पुरस्कार छत्तीसगढ़ पारंपरिक पोरा तिहार उत्सव समिति की ओर से दिया जाएगा। समिति के संरक्षक विकास उपाध्याय ने बताया कि, यहां दशकों से बैल दौड़ की परंपरा निभाई जा रही है।
इसमें सर्वश्रेष्ठ बैल जोड़ी को 6100 रुपए का इनाम दिया जाएगा। वहीं दौड़ में पहले, दूसरे और तीसरे स्थान पर आने वाली बैल जोड़ियों को क्रमश: 5100, 4100 और 3100 रुपए और बाकी सात्वंना पुरस्कार दिए जाएंगे।
रायपुर में सूदखोर तोमर का आलीशान बंगला कुर्क:
रायपुर
तोमर ब्रदर्स की शानो-शौकत पर अब कानून का शिकंजा कस गया है। SDM एनके चौबे की मौजूदगी में प्रशासन ने भाठागांव स्थित उनके आलीशान बंगले को कुर्क कर लिया है, जिसमें दोनों भाइयों का 1500-1500 स्क्वायर फीट हिस्सा है। संपत्ति को कुर्क करने के लिए पुलिस ने याचिका लगाई थी, इसके बाद कोर्ट ने अंतिम चेतावनी जारी की थी। 18 अगस्त तक उन्हें कोर्ट में पेश होने का आखिरी मौका था। हालांकि तोमर ब्रदर्स कोर्ट नहीं पहुंचे थे, वह 2 महीने से फरार हैं।
CJM के आदेश के बाद कार्रवाई की गई है। कोर्ट के परमिशन के बिना घर में कोई परिवर्तन नहीं किया जा सकेगा। न ही संपत्ति को बेचा जा सकता है। इससे पहले रायपुर नगर निगम ने भी रोहित तोमर के अवैध ऑफिस पर बुलडोज़र चलाकर उसे ध्वस्त कर दिया था।
दरअसल, करीब दो महीने पहले प्रॉपर्टी डीलर दशमीत चावला ने रोहित तोमर के खिलाफ मारपीट का आरोप लगाकर तेलीबांधा थाने में FIR दर्ज कराई थी। FIR के बाद से पुलिस रोहित की तलाश में जुटी हुई है। रोहित के फरार होने के बाद उसका भाई वीरेंद्र तोमर भी गायब हो गया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश में कई राज्यों में टीमें भेजी, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।
मेडिकल कालेज छात्रा सेक्सटॉर्शन केस:डॉ. आशीष सिन्हा को सुप्रीम कोर्ट से नहीं मिली राहत,
रायपुर
रायपुर के पं.जवाहरलाल नेहरू स्मृति मेडिकल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा के खिलाफ सेक्सुअल हैरेसमेंट केस मामले में सुप्रीम कोर्ट से भी झटका लगा है। सुप्रीम कोर्ट की डबल बेंच, जिसमें जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस सतीश चंद्र शामिल थे, ने डॉक्टर की स्पेशल लीव पिटीशन खारिज कर दी।
कोर्ट ने कहा कि हाईकोर्ट के आदेश में दखल देने का कोई उचित आधार नहीं है। इससे पहले छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने डॉ. सिन्हा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज की थी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद डॉ. आशीष सिन्हा के लिए कानूनी मुश्किलें और बढ़ गई हैं। पुलिस अब आगे की कार्रवाई तेज कर सकती है।
रायपुर मेडिकल कॉलेज में कम्युनिटी डिपार्टमेंट के प्रोफेसर डॉ. आशीष सिन्हा पर उनके ही डिपार्टमेंट की स्टूडेंट ने सेक्सुअल हैरासमेंट का केस किया है। छात्रा ने प्रोफेसर डॉ सिन्हा पर छेड़छाड़ और मानसिक प्रताड़ना का भी आरोप लगाया है।
मौदहापारा थाने की पुलिस ने डॉ. सिन्हा के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74 और 75(2)(3) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। छात्रा के मुताबिक डॉ सिन्हा उन्हें अपने केबिन में बुलाकर बैड टच करते थे।
इसके अलावा शिकायत करने पर इंटरनल एग्जाम में फेल करने जैसी धमकी भी दी है। ये हैरासमेंट सिर्फ फिजिकली नहीं था। डिजिटली भी डॉ सिन्हा अपनी स्टूडेंट को अलग-अलग तरह के ऑफर दिया करते थे। ये हैरासमेंट पिछले एक साल से चल रहा था।
डिप्टी-सीएम विजय शर्मा के घर के बाहर महिला ने पिया फिनाइल
रायपुर
रायपुर में अनुकंपा नियुक्ति की मांग कर रही महिला ने डिप्टी सीएम विजय शर्मा के घर के बाहर फिनाइल पी लिया। महिला को गंभीर हालत में मेकाहारा में भर्ती कराया गया है। दरअसल, रायपुर में दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मी अनुकंपा संघ पिछले 2 दिनों से प्रोटेस्ट कर रहा है। शुक्रवार को महिलाएं अपने बच्चों के साथ डिप्टी सीएम और पंचायत मंत्री विजय शर्मा के घर के बाहर प्रदर्शन के लिए पहुंचीं थी।
इस दौरान मंत्री के न होने पर वहीं धरने पर बैठ गई। घटना दोपहर 2 बजे की है। महिला का नाम अश्वनी सोनवानी है, जो जांजगीर-चांपा जिले की रहने वाली है। वह यूनियन की अध्यक्ष भी है।
जब महिला पुलिसकर्मी प्रदर्शन करने वाली महिलाओं को उठाने पहुंचीं, तो एक महिला ने कहा कि जबरदस्ती करोगे, तो फिनाइल पी लेंगे।
आवाज आई, “दो तो रे...थैला कहां है” और इसके बाद एक थैले से फिनाइल की बोतल निकालकर महिला ने ऊपर से पीने की कोशिश की। लेकिन महिला पुलिसकर्मियों ने इसके बाद उन्हें जबरदस्ती हटाया। वहीं कांग्रेस ने कहा सरकार की असंवेदनशीलता के कारण महिला ने यह कदम उठाया है।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भाजपा सरकार ने वादा करके भी अब तक मांगें पूरी नहीं की है। अनुकंपा नियुक्ति की मांग को लेकर कांग्रेस सरकार के वक्त से आंदोलन चल रहा है। दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मी संघ की महिलाएं और परिजन 307 दिनों से धरने पर हैं।
इनका कहना है कि कांग्रेस सरकार के दौरान तत्कालीन सीएम भूपेश बघेल ने उनकी मांगों को नजरअंदाज किया था। तब भाजपा नेताओं ने उन्हें पूरा समर्थन दिया था।
प्रदर्शनकारियों में वे लोग शामिल हैं, जिनके परिजन संविलियन (समायोजन) से पहले ही दिवंगत हो गए थे। नियमों में अनुकंपा नियुक्ति का प्रावधान होने के बावजूद इन्हें अब तक नौकरी नहीं दी गई है।
अब भाजपा की सरकार बनने के 2 साल बाद भी स्थिति जस की तस है। दिवंगत पंचायत शिक्षाकर्मी कल्याण संघ की महिलाएं और परिजन आज भी दर-दर की ठोकरें खाने को मजबूर हैं।
फिनाइल पीने वाली महिला की बेटी ने कहा, मैं और मेरा छोटा भाई मां के साथ पिछले दो दिन से रायपुर में हैं। 2017 में पापा की मौत हो गई थी। इसके बाद से ही घर में फाइनेंशियल प्रॉब्लम है। अब तक ना नौकरी मिली है, ना चुनाव के वक्त वादा करने वाले नेता बात कर रहे हैं। इसी के चलते मां ने फिनायल पी लिया।